“मुरझाई दिए की बाती पवन का वेग नहीं सहन कर पाती ,मशाल हवा के संग अनूठा नृत्य निर्वाण है “ , हमें अपने को इतना कठोर बना लेना चाहिए कि बड़े से बड़े अवसाद को भी सरलता से झेल सकें ,ना कि जरा से अवसाद में हम बिखर जाएं | कविता “मुझे मशाल रास आती है” के मूल रूप में इसी संदेश को दिया गया है…
हमें हर मुमकिन कोशिश करनी है किसी भी जंग को जीतने के लिए |’काश ‘ के लिए कोई गुंजाइश नहीं रखनी है इसी प्रेरणा को अपनी कविता गर तलाश तेरी जारी है के माध्यम से तराशा है अनुपम ध्यानी जी ने अपनी आवाज से
हमारे अंदर ईश्वर होता है अतः अपनी शक्ति पर पूर्ण विश्वास कर हम किसी भी परिस्थिति से निपट सकते हैं इस सत्य भावना को सजग करती हुई अनुपम ध्यानी की यह पंक्तियां…
“जो हरदम अपनी मनमानी को आतुर हो ,शायद उन्होंने यमराज के संदेश नहीं देखे “ ,क्या वास्तव में हर एक बात की कोई सीमा है? नहीं ….इस कविता को सुनने के बाद यथार्थ का ज्ञान हो जाता है |अनुपम ध्यानी की आवाज में कविता “जो ‘”….
Let the people be what they be. You become the best version of yourself! Chase excellence and let people say what they have to.
30 seconds of positive energy, positive poetry.
दोस्तों, हम सब के जीवन में कई सीखें हैं | मैं भी ऐसी ही एक सीख को कविता के रूप में आपके साथ साझा कर | आशा करता हूँ कि आपको यह कविता पसंद आएगी | आनंद लीजिये और मेरे इस चैनल पर आते रहिये ऐसी ही प्रेरणा से भरी कविताओं के लिए | धन्यवाद |
So what is in ladies’s hand bag. Find out. A poem written in the days when I initially started dating and was curious to find out after all what the hell is in women’s hand bags.
Kya kabhi kabhi aisa nahin lagta ki aapko khud se hi khud ki sifarish karni padti hai..? Apne man ko kuch karne ke liye thoda rishwad deni padti hai jaise exercise ka man banana, junk food se parhez karna ya us ex ka number apni phone book se delete karna! Aap poori yogjna banate ho… aur man…. man ka kya hai….man to sarkaar hai…
अकबर के सवालों के सटीक जवाब बीरबल के पास होते थे। आईये जानते हैं इन दोनों का ऐसा ही एक रोचक किस्सा, जिसमें अकबर ने बीरबल से ईश्वर से जुड़े तीन प्रश्न पूछे थे। मोनीषा मुकुंदन की अकबर बीरबल की कहानियां,अंजू जेटली की आवाज में
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Pragati Sharma