कठिन परिश्रम ,दृढ़ शक्ति दूरदर्शिता और कुछ कर गुज़रने का सपना लेकर कीमत राय गुप्ता जी ने किस प्रकार मात्र 10000 से 17 हजार करोड़ का साम्राज्य खड़ा किया ? हैवेल्स इंडिया लिमिटेड जैसी बड़ी कंपनी के मालिक कीमत राय गुप्ता की ज़िन्दगी के उतार-चढ़ाव के कई पहलुओं से रू-ब-रू होते हैं ,मज़ीद की आवाज़ से जानते हैं आम आदमी खास कहानी में…
भारत की गरीब बस्तियों में रहने वाली महिलाओं को माहवारी के दौरान होने वाली समस्याओं और सेनेटरी पैड की उपयोगिता एवं जागरूकता फैलाने वाली पैड वूमेन के नाम से मशहूर अमेरिका रिटर्न माया विश्वकर्मा ने किस प्रकार इसके प्रति अपनी एक बड़ी मुहिम छेड़ी? कैसा रहा उनके छोटे से गांव से निकलकर अमेरिका में उच्च शिक्षा प्राप्त करने तक का सफ़र? जानिए आम आदमी की खा़स कहानी में, पूजा श्रीवास्तव की आवाज़ में.
ये कहानी एक ऐसे व्यक्ति की है जिसने जीवन में कभी हार नहीं मानी। जीवन में बहुत सी विसम परिस्तिथियाँ आई पर उनके क़दम कभी नहीं डगमगाए और वो हर मुश्किल का सामना करते हुए , सकरात्मक सोच के साथ आगे बढ़ते गए , इनकी कहानी हमारे लिए प्रेरणा स्रोत है
आसिफ़ अहमद की फ़र्श से अर्श तक की कहानी, बचपन से आर्थिक तंगी से गुज़रने वाले आसिफ़ अहमद का बड़ा बनने का जुनून ,उनका आत्मविश्वास और अपने सपनों की डोर को हमेशा थामें रखने का हुनर उन्हें एक मामूली से बिरयानी का ठेला लगाने वाले शख़्स से आज 70 करोड़ टर्न ओवर के मालिक होने की पहचान दिला रहा है। यह सब कैसे हुआ? आसिफ़ अहमद की आम आदमी से ख़ास आदमी बनने की क्या रही कहानी ?इसे जानते हैं अमित तिवारी के द्वारा
ये कहानी एक ऐसे व्यक्ति की है जिसने जीवन में कभी हार नहीं मानी।, जीवन में बहुत सी विसम परिस्तिथियाँ आई पर उनके क़दम कभी नहीं डगमगाए और वो हर मुश्किल का सामना करते हुए , सकरात्मक सोच के साथ आगे बढ़ते गए , इनकी कहानी हमारे लिए प्रेरणा स्रोत है
फ्लाइंग ऑफिसर निर्मलजीत सिंह सेखों (17 जुलाई 1943 – 14 दिसंबर 1971) भारतीय वायु सेना के एक अधिकारी थे। भारत-पाकिस्तान युद्ध 1971 के दौरान पाकिस्तानी वायु सेना के हवाई हमले के खिलाफ श्रीनगर एयर बेस के बचाव में शहीद हो गए थे। उन्हें मरणोपरांत भारत के सर्वोच्च सैन्य सम्मान परमवीर चक्र से वर्ष 1972 में सम्मानित किया गया।
रूढ़िवादी परिवार से होने तथा पति के द्वारा दी गई यातना के बावज़ूद एक अबला सी लगने वाली महिला कैसे करोड़ों रुपए की कंपनी की मालकिन बनी? जानिए अबला से सबला बनने का पूरा सफ़र भारती सुमारिया जी का ,आम आदमी की खास कहानी में….
कुंभ में नागा साधुओं की अनोखी भूमिका
कुंभ मेला केवल आस्था और अध्यात्म का पर्व नहीं, यह नागा साधुओं के साहस, तपस्या और अनूठे जीवन का अद्भुत दर्शन भी है।
नागा साधु:
आत्मसंयम और त्याग के प्रतीक
कठिन तपस्या और ब्रह्मचर्य का मार्ग
आंतरिक शांति और आध्यात्मिक शक्ति का स्रो
अक्टूबर 1962 में चीन -भारत युद्ध में पैन्गाॅग झील के उत्तर में मेजर धन सिंह थापा ने 8 गोरखा राइफल्स के प्रथम बटालियन की कमान संभाली। चीनी सेना ने जब इस पोस्ट को घेर लिया था ,ऐसे में मेज़र थापा और उनके साथियों ने इस पोस्ट पर होने वाले तीनों आक्रमणों को असफल कर दिया। युद्ध के दौरान उनके सराहनीय प्रयास के कारण इन्हें परमवीर चक्र से सम्मानित किया गया।
कैप्टन गुरबचन सिंह सलारिया परमवीर चक्र (29 नवंबर 1935 – 5 दिसंबर 1961) एक भारतीय सैन्य अधिकारी और संयुक्त राष्ट्र शांति अभियान के सदस्य थे। वह परमवीर चक्र प्राप्त करने वाले एकमात्र संयुक्त राष्ट्र शांतिरक्षक हैं। वह किंग जॉर्ज के रॉयल मिलिट्री कॉलेज और राष्ट्रीय रक्षा अकादमी के पूर्व छात्र थे।
माजुली एक ऐसी जगह है जिसे देखने की लालसा हर किसी के दिल में रहती है लेकिन माजुली के हिस्से के अपने कुछ दुःख भी है। इस द्वीप का साल दर साल सिकुड़नाद्वीप के लिए ही नहीं असम की500 साल पुरानी सांस्कृतिक विरासत के लिए खतरे की घंटी है। ये एक ऐसी जगह है जहां आपको ज़रूर जाना चाहिये
जो देश सोने की चिड़िया हुआ करता था वो अब गरीब होने लगा और उस देश से बाहर निकल कर गया हुआ इंसान , बाहर के देशो में बहुत खुश होता है |साफ़ सफाई,चकाचौंध सब कुछ उसे अच्छा लगता है|वो पैसे कमाने में लग जाता है,अपने नाम बनाने में लग जाता है, पर वो नाम ही क्या नाम जिसे कोई अपनेपन से पुकार भी न सके ? देश से बाहर जाकर अपनी पहचान बना पाना एक गर्व की बात है पर क्या उस पहचान में अपनापन होता है ?
एक अनाथ की मानसिकता क्या हो सकती है? एक वो चाहे तो हमेशा खुद को अनाथ ,अकेला ,बेसहारा महसूस करता रहे और अपनी किस्मत को कोसता रहे|दूसरा वो हर जगह परिवार बनाने के बारे में सोचे , हर जगह परिवार बनाये और अपनी ज़िंदगी में खुशियां भर ले | यह सब आपके ऊपर है कि आप अपनी ज़िंदगी में क्या चाहते हैं? ये कहानी है एक ऐसे शख्श की जिसकी ज़िंदगी की रेल गाडी में कई स्टेशन आये पर वो तलाश में था अपने परिवार के स्टेशन की….
प्रकृति प्रेमियों का स्वर्ग इगतपुरी महाराष्ट्र के नासिक जिले में पश्चमी घाट पर स्थित स्ह्याद्री पर्वतमाला से घिरी यह जगह प्रकृति प्रेमियों के लिए किसी जन्नत से कम नहीं है। प्रकृति ने इस जगह को क्या खूब सजाया-संवारा और खूबसूरती बक्शी है। प्रकति प्रेमियों को यहां एक बार ज़रूर जाना चाहिए
सत्य की खोज में इंसान हमेशा से रहा है और इसे खोजने के लिए कभी उसने धर्म को गहराई से समझने की कोशिश की है तो कभी सामज को और इन सबके अलावा जीवन आसान नहीं होता , मनुष्य को अत्याचार भी सहने पड़ते हैं कई बार ,,, आसान से शब्दों में कहा जाये तो सत्य , धर्म , राजनीति , सामाजिकता और अत्याचार इन सबसे घिरा इंसान सत्य की खोज कैसे करेगा और इन सब का उस पर क्या प्रभाव पड़ेगा ?
भारतीय स्वतंत्रता सेनानी और लोकप्रिय राजनेता जयप्रकाश नारायण ने 1942 के ‘भारत छोड़ो आंदोलन’ के दौरान अपनी सक्रिय भूमिका निभाई। वह ‘संपूर्ण क्रांति’ नामक आंदोलन के महानायक रहे। उनकी स्मृति में नाम पर दिल्ली में ‘लोकनायक जयप्रकाश अस्पताल’ की स्थापना की गई। 1965 में समाज सेवा के लिए उन्हें ‘रमन मैग्सेसे’ पुरस्कार से सम्मानित किया गया ।1999 में उन्हें मरणोपरांत ‘भारत रत्न ‘से भी नवाज़ा गया।
संयुक्त राष्ट्र की इस विशेष संस्था का गठन 16 नवम्बर 1945 को हुआ था। इसका उद्देश्य शिक्षा एवं संस्कृति के अंतर्राष्ट्रीय सहयोग से शांति एवं सुरक्षा की स्थापना करना है, ताकि संयुक्त राष्ट्र के चार्टर में वर्णित न्याय, कानून का राज, मानवाधिकार एवं मौलिक स्वतंत्रता हेतु वैश्विक सहमति बने।
विट्ठल भाई पटेल भारत के प्रख्यात विधान वेत्ता होने के साथ ही साथ एक महान क्रांतिकारी भी रहे। यह सरदार वल्लभभाई पटेल के बड़े भाई थे। पूर्ण स्वराज पाने के लिए वह किसी भी तरह अंग्रेजों से कोई भी समझौता नहीं करना चाहते थे। इनका संपूर्ण जीवन सिर्फ़ और सिर्फ़ देश के लिए ही समर्पित रहा।
शांति और विकास के लिये विश्व विज्ञान दिवस सर्वप्रथम 10 नवंबर, 2002 को यूनेस्को (UNESCO) के तत्त्वावधान में दुनिया भर में मनाया गया था। शांति और विकास के लिये विश्व विज्ञान दिवस, आम जनता को उनके जीवन में विज्ञान की प्रासंगिकता दर्शाने और इसे वार्ता में शामिल करने का अवसर प्रदान करता है।
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