प्रकृति प्रेमियों का स्वर्ग इगतपुरी महाराष्ट्र के नासिक जिले में पश्चमी घाट पर स्थित स्ह्याद्री पर्वतमाला से घिरी यह जगह प्रकृति प्रेमियों के लिए किसी जन्नत से कम नहीं है। प्रकृति ने इस जगह को क्या खूब सजाया-संवारा और खूबसूरती बक्शी है। प्रकति प्रेमियों को यहां एक बार ज़रूर जाना चाहिए
भारत में बैकपैकिंग के विकल्पों की कमी नहीं लेकिन जानकारी का अभाव बहुत ज्यादा है। खासकर ऐसी जगहों की जहां पर कैंपिंग और बॉनफायर किया जा सके तथा चांदनी रात में खुले आसमान के नीचे चांद तारों के संग आंख मिचौली की जा सके। अभी आप जानेगे बैकपैकिंग के लिहाज से सात खूबसूरत घाटियों के बारे में
अंडमान -निकोबार द्वीप समूह अपनी प्राकृतिक सुंदरता के लिए दुनिया भर में जाना जाता है ।यहां के साफ-सुथरे वातावरण हरियाली और समुद्री तटों की वज़ह से यहां पर पर्यटक खींचें चले आते हैं। यह द्वीप प्रकृति प्रेमियों का स्वर्ग और गार्डन ऑफ ईडन कहलाता है। यह प्रकृति के द्वारा दिया गया एक खूबसूरत तोहफा है जो 572 दीपों से बना है। तटों के सफेद रेत, समुद्र का नीला पानी और चारों तरफ फैली हरियाली प्रकृति ने क्या गज़ब की खूबसूरती बक्शी है। इसकी खूबसूरती के बारे में, और यहां के मौसम ,त्योहारों के बारे में बहुत कुछ जानने के लिए सुनिए संजय शेफर्ड के द्वारा लिखी गई कवर स्टोरी पल्लवी की आवाज़ में
माजुली एक ऐसी जगह है जिसे देखने की लालसा हर किसी के दिल में रहती है लेकिन माजुली के हिस्से के अपने कुछ दुःख भी है। इस द्वीप का साल दर साल सिकुड़नाद्वीप के लिए ही नहीं असम की500 साल पुरानी सांस्कृतिक विरासत के लिए खतरे की घंटी है। ये एक ऐसी जगह है जहां आपको ज़रूर जाना चाहिये
प्राकृतिक सुंदरता और आध्यात्मिकता का अद्भुत संगम, जो मानसरोवर और कैलाश यात्रा के दुर्गम स्थानों को भी सुगम बना देता है। मानसरोवर और कैलाश की यात्रा के लिए उत्तराखंड के अंतिम छोर पिथौरागढ़ से शुरुआत होती है इसीलिए पिथौरागढ़ को मानसरोवर और कैलाश का द्वार कहते हैं । शिव के उपासकों के लिए उनका यह परमधाम है। घुमंतू के साथ आपको यात्रा कराते हैं संजय शेफर्ड द्वारा लिखी गई कवरस्टोरी से पल्लवी गर्ग की आवाज़ में…
प्रकृति जैसे मानो अपनी सारी माया लुटा रही हो हसीन पहाड़ी वादियां ,नदी, घाटियां, झीलें .. क्या कुछ नहीं दिया है यहां पर प्रकृति ने? जिसकी खूबसूरती का एहसास ही किसी को भी रोमांचित कर सकता है ।घुमंतू की श्रंखला में भारत के प्रमुख उत्तर- पूर्वी भागों के चुनिंदा और सबसे खास स्थानों को बेहद खूबसूरती से वर्णन किया है संजय शेफर्ड ने और उसे उतने ही सुंदर अंदाज में आवाज़ दी है पल्लवी गर्ग ने.. यह दावा है कि एक बार आपने इसके बारे में सुन लिया तो आप वहां अपने आप को जाने से नहीं रोक सकेंगे..
क्या आप जानते हैं शिव की जादुई दुनिया और एक करोड़ श्रापित देवताओं के बारे में? जिनका पौराणिक कथाओं में उल्लेख है। भारत के त्रिपुरा राज्य के उनाकोटी जिले में स्थित उनाकोटी एक ऐतिहासिक और पुरातात्विक हिंदू तीर्थ स्थल है यहां भगवान शिव को समर्पित मूर्तियां और स्थापत्य है ।जंगलों के बीचो -बीच एक ऐसी जगह जहां एक साथ इतनी सारी मूर्तियां, जिसके पीछे अनेक लोक कथाएं जुड़ी हुई है ।अपने आप में अद्भुत और रहस्यमयी है और आज भी शोध का मुख्य विषय बना है। घुमंतू के साथ संजय शेफर्ड की कवरस्टोरी से इस अद्भुत जगह के बारे में और जानकारी लेते हैं पल्लवी गर्ग की आवाज़ में…
भारत में बैकपैकिंग के विकल्पों की कमी नहीं लेकिन जानकारी का अभाव बहुत ज्यादा है। खासकर ऐसी जगहों की जहां पर कैंपिंग और बॉनफायर किया जा सके तथा चांदनी रात में खुले आसमान के नीचे चांद तारों के संग आंख मिचौली की जा सके। अभी आप जानेगे बैकपैकिंग के लिहाज से सात खूबसूरत घाटियों के बारे में
जीभी – संजय शेफर्ड – पल्लवी
शांत वातावरण, पहाड़ी पक्षियों के मधुर गीत , ऊंचे -ऊंचे देवदार के वृक्ष और एक छोटी सी जगह, अगर आप ऐसे किसी प्राकृतिक दृश्य की तलाश में हों, जो किसी भी पर्यटक को अपना कायल बना दे, तो आप बिल्कुल सही सोच रहे हैं घुमंतू की नयी Travel story में जानिए ऐसी ही एक जगह, कुल्लू के पास छोटा सा गांव जीभी के बारे मे Sanjay Shepherd की travel story से Pallavi की आवाज़ में सिर्फ़ गाथा पर…
धनोल्टी मसूरी के पास एक छोटा खूबसूरत सा हिल स्टेशन है। हिमालय की ऊंची -ऊंची चोटियां यहां की खूबसूरती को और बढ़ा देती है और उसके साथ देवदार के पेड़ धनोल्टी की सुंदरता में चार -चांद लगा देते हैं ।धनोल्टी का इको पार्क पर्यटकों के लिए बस देखते ही बनता है। घुमंतू के साथ इस रोमांचक जगह को और अच्छे से जानने के लिए सुनते हैं संजय शेफर्ड की कवरस्टोरी पल्लवी गर्ग की आवाज़ में…
अंडमान -निकोबार द्वीप समूह अपनी प्राकृतिक सुंदरता के लिए दुनिया भर में जाना जाता है ।यहां के साफ-सुथरे वातावरण हरियाली और समुद्री तटों की वज़ह से यहां पर पर्यटक खींचें चले आते हैं। यह द्वीप प्रकृति प्रेमियों का स्वर्ग और गार्डन ऑफ ईडन कहलाता है। यह प्रकृति के द्वारा दिया गया एक खूबसूरत तोहफा है जो 572 दीपों से बना है। तटों के सफेद रेत, समुद्र का नीला पानी और चारों तरफ फैली हरियाली प्रकृति ने क्या गज़ब की खूबसूरती बक्शी है। इसकी खूबसूरती के बारे में, और यहां के मौसम ,त्योहारों के बारे में बहुत कुछ जानने के लिए सुनिए संजय शेफर्ड के द्वारा लिखी गई कवर स्टोरी पल्लवी की आवाज़ में
भारत में बैकपैकिंग के विकल्पों की कमी नहीं लेकिन जानकारी का अभाव बहुत ज्यादा है। खासकर ऐसी जगहों की जहां पर कैंपिंग और बॉनफायर किया जा सके तथा चांदनी रात में खुले आसमान के नीचे चांद तारों के संग आंख मिचौली की जा सके। अभी आप जानेगे बैकपैकिंग के लिहाज से सात खूबसूरत घाटियों के बारे में
जो देश सोने की चिड़िया हुआ करता था वो अब गरीब होने लगा ,,,और उस देश से बाहर निकल कर गया हुआ इंसान , बाहर के देशो में बहुत खुश होता है ,,,साफ़ सफाई,,,चकाचौंध सब कुछ उसे अच्छा लगता है,,,वो पैसे कमाने में लग जाता है,,,अपने नाम बनाने में लग जाता है, पर वो नाम ही क्या नाम जिसे कोई अपनेपन से पुकार भी न सके , देश से बाहर जाकर अपनी पहचान बना पाना एक गर्व की बात है पर क्या उस पहचान में अपनापन होता है ?
ये कहानी है एक ऐसे इंसान की जो एक जानवर को पाल के रखता है , और समय के साथ वो जानवर बड़ा होता जाता है , उस इंसान के घर में उसकी बीवी भी बहुत कलेश करती है क्युकी उसकी अपने पति से कुछ उमीदें और कुछ शक हैं जिनको वो अधूरा पति है , दूसरी और वो जानवर समय के साथ बड़ा होता जाता है , और वो उस इंसान को खाना चाहता है , फिर एक वक्त ऐसा आता है की उस जानवर जिसे कैद किया गया था इंसान में लड़ाई होती है ,,, कौन था वो जानवर ? और क्या हुआ इस लड़ाई में ? जानने के लिए सुनिए ये कहानी
ज़िंदगी में बहुत आगे निकल आने पर भी हमें कई बार महसूस होता है कि अतीत हम में आज भी ज़िंदा है| हम उससे कितना ही पीछा छुड़ाने की कोशिश क्यों न कर लें पर वो हमारा पीछा कभी नहीं छोड़ता और रह -रह कर हमारी आँखों के सामने आता रहता है , ऐसे में इंसान क्या करे? कभी अतीत के आगे झुकने का मन करता है तो कभी उससे लड़कर आगे बढ़ने का , इसी कशमकश को बयां करती ये कहानी…
कहते हैं “ अपनी धरती और जड़ों से जुड़कर ही मनुष्य अपने लक्ष्य की प्राप्ति कर सकता है क्योंकि वे जड़े ही उसकी ज़िन्दगी को मज़बूती देती हैं जिनके सहारे वह आगे सदा आगे बढ़ता है और ज़िन्दगी को गहराई से समझता है “ सब उसे प्यार और दुलार से बाला पुकारते थे और बहुत कम उम्र में ही बाला ने इस बात को समझ कर जीवन में धारण कर लिया था इनका जीवन हमारे लिए प्रेरणा का स्रोत है , आइये जानते हैं इनके बारे में
प्रकृति जैसे मानो अपनी सारी माया लुटा रही हो हसीन पहाड़ी वादियां ,नदी, घाटियां, झीलें .. क्या कुछ नहीं दिया है यहां पर प्रकृति ने? जिसकी खूबसूरती का एहसास ही किसी को भी रोमांचित कर सकता है ।घुमंतू की श्रंखला में भारत के प्रमुख उत्तर- पूर्वी भागों के चुनिंदा और सबसे खास स्थानों को बेहद खूबसूरती से वर्णन किया है संजय शेफर्ड ने और उसे उतने ही सुंदर अंदाज में आवाज़ दी है पल्लवी गर्ग ने.. यह दावा है कि एक बार आपने इसके बारे में सुन लिया तो आप वहां अपने आप को जाने से नहीं रोक सकेंगे..
दुनिया की सबसे पुरानी हस्तनिर्मित गुफायें बराबर और नागार्जुन पर्वतों को भारतवर्ष के सबसे पुरातन और ऐतिहासिक पर्वतों में गिना जाता है। इस जगह पर कभी मगध का साम्राज्य हुआ करता था इसलिए1100 फुट ऊंचे बराबर और नागार्जुन पर्वतों को मगध का हिमालय भी कहा जाता है। प्रकति प्रेमियों को यहां एक बार ज़रूर जाना चाहिए
क्या आप जानते हैं शिव की जादुई दुनिया और एक करोड़ श्रापित देवताओं के बारे में? जिनका पौराणिक कथाओं में उल्लेख है। भारत के त्रिपुरा राज्य के उनाकोटी जिले में स्थित उनाकोटी एक ऐतिहासिक और पुरातात्विक हिंदू तीर्थ स्थल है यहां भगवान शिव को समर्पित मूर्तियां और स्थापत्य है ।जंगलों के बीचो -बीच एक ऐसी जगह जहां एक साथ इतनी सारी मूर्तियां, जिसके पीछे अनेक लोक कथाएं जुड़ी हुई है ।अपने आप में अद्भुत और रहस्यमयी है और आज भी शोध का मुख्य विषय बना है। घुमंतू के साथ संजय शेफर्ड की कवरस्टोरी से इस अद्भुत जगह के बारे में और जानकारी लेते हैं पल्लवी गर्ग की आवाज़ में…
भारत में बैकपैकिंग के विकल्पों की कमी नहीं लेकिन जानकारी का अभाव बहुत ज्यादा है। खासकर ऐसी जगहों की जहां पर कैंपिंग और बॉनफायर किया जा सके तथा चांदनी रात में खुले आसमान के नीचे चांद तारों के संग आंख मिचौली की जा सके। अभी आप जानेगे बैकपैकिंग के लिहाज से सात खूबसूरत घाटियों के बारे में
हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला शहर के बाहरी क्षेत्र में बसा मैकलॉडगंज पर्यटकों में काफी फेमस है। यहां तिब्बती मूल के काफी लोग रहते हैं, इस वजह से इसे लिटिल लहासा या धासा के नाम से भी जाना जाता है।गाथा के घुमंतू के साथ सुंदर आइए चलते हैं पल्लवी के साथ
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