द्रौपदी रौद्र रूप धारण कर लेती है। उसके दुर्गा-जैसे तेजोद्दीप्त भयंकर रौद्र-रूप को देख दु:शासन घबरा जाता है और उसके वस्त्र खींचने में स्वयं को असमर्थ पाता है। द्रौपदी कौरवों को पुन: चीर-हरण करने के लिए ललकारती है। सभी सभासद द्रौपदी के सत्य, तेज और सतीत्व के आगे निस्तेज हो जाते
द्रौपदी ‘सत्य की जीत’ खण्डकाव्य की नायिका है |राजा द्रुपद की पुत्री, धृष्टद्युम्न की बहन तथा युधिष्ठिर सहित पाँचों पाण्डवों की पत्नी है। अत्यधिक विकट समय होते हुए भी वह बड़े आत्मविश्वास से दु:शासन को अपना परिचय देती हुई कहती है|
भीष्म पितामह द्रौपदी द्वारा उठाए गए प्रश्नों को सर्वथा उचित मानते हैं किंतु साथ में यह कहते हैं कि धर्मराज युधिष्ठिर धर्म से बंधे हुए हैं अतः इस कारण उन्हें अपनी हार स्वीकार करनी होगी |पत्नी ,पति की अर्धांगिनी होती है इस नाते उनका तुम्हारे ऊपर अधिकार बनता है|
‘सत्य की जीत’ खण्डकाव्य में विकर्ण को एक विवेकशील व्यक्ति के रूप में चित्रित किया गया है। कौरवों की विशाल सभा के मध्य जब दुःशासन शस्त्रबल की महत्ता और शास्त्रबल को निर्बलों का शस्त्र कहकर शास्त्रों के प्रति अपनी अश्रद्धा तथा अनास्था प्रकट करता है तो विकर्ण इस अनीति को सहन नहीं कर पाता है।इसी संदर्भ में यह पंक्तियां लिखी गई है
दुःशासन नारी को वासना एवं भोग की वस्तु कहता है।वह नारी के प्रति रूढ़िवादी दृष्टिकोण रखता है |वह नारी को भोग्या और पुरुष की दासी मानता है। वह नारी कीदुर्बलता का उपहास उड़ाता है|
दुःशासन द्रौपदी के बाल खींचकर भरी सभा में ले आता है और उसे अपमानित करना चाहता है। तब द्रौपदी बड़े साहस एवं निर्भीकता के साथ दुःशासन को निर्लज्ज और पापी कहकर पुकारती है।द्वारिकाप्रसाद माहेश्वरी जी ने इस खंडकाव्य को जितने प्रभावी ढंग से वर्णन किया है ,उतने ही प्रभावी ढंग से नयनी दीक्षित ने आवाज दी है
नारी का अस्तित्व उसके नारीत्व से है ना कि उनकी शारीरिक सुंदरता से | कहानी का मुख्य पात्र निशिकांत सहस्त्रधारा घूमने गया हुआ है| वहां पर निशिकांत की मुलाकात बेहद गुणवान युवती चंद्रा से होती है जो अभी तक अविवाहित है एक युवती चंद्रा से होती है उसका विवाह ना हो पाने का कारण सिर्फ उसकी कुरूपता निशिकांत चंद्रा के बारे में क्या अपनी अंतर्वेदना रखता है इस पूरी कहानी को जानने के लिए सुनते हैं विष्णु प्रभाकर की लिखी कहानी अंतर्वेदना नए नयनी दीक्षित की आवाज में
छेंददार फीते का रहस्य – Sherlock Holmes (शेरलॉक होम्स ) – Nayani Dixit
छेंददार फीते का रहस्य कहानी में एक बंद अंधेरे कमरे में जहां पर के एक चूहा भी नहीं हो सकता वहां पर मौत हो गई है और क्या शेरलॉक होम्स उस मौत का कारण जान पाएगा और जान पाएगा तो कैसे ?वह ऐसे कौन से सबूत इकट्ठा कर पाएगा कि उसको सजा हो क्योंकि इस बंद कमरे में जहां पर एक चीज भी नहीं घुस सकती वहां घुसकर कोई इंसान कैसे मारा जा सकता है ?एक ऐसे रहस्य का खुलासा करते हैं जो बहुत ही विस्मयकारी है
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रक्त मंडल के पिछले भाग में आपने सुना कि नवाब हैदर जंग बहादुर को रक्त मंडल की तरफ से एक चिट्ठी प्राप्त हुई है । हैदर जंग बहादुर ने उस बात पर ध्यान ना देते हुए अंग्रेज़ी हुकूमत का साथ देने का फैसला किया ।उनकी रियासत मुजफ्फरगढ़ में, बड़े लाड साहब जो आने वाले थे। तैयारियां बड़े जोरों से चल रही थी लेकिन इन सारी तैयारियों के बीच और चिट्ठी को नज़रअंदाज करने का नतीज़ा क्या निकला? सुनिए इस भाग में…।
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फरीदी और लियोनार्ड – Ibnesafi ( इब्नेसफी) – Nayani Dixit
इब्ने सफ़ी की कहानी फ़रीदी और लियोनार्ड में लियोनार्ड एक बेहद चलाक लेकिन बेहद घटिया किस्म का ब्लैकमेलर है ।जो ब्लैक मेलिंग तक ही नहीं रुकता बल्कि क़त्ल और दूसरे और हथकंडे अपनाने पर भी उतर आता है। कहानी में लियोनार्ड कौन-कौन से हथकंडे आज़माता हैं?फ़रीदी किस प्रकार उसको अपनी गिरफ्त में लेता है ?इस बेहद सनसनीख़ेज़ कहानी को आवाज़ दी है नयनी दीक्षित ने..
कुएँ का राज – Ibnesafi ( इब्नेसफी) – Nayani Dixit
200 साल पुरानी एक रहस्यमयी कोठी…
उसके भीतर छिपा एक वीरान कुआँ…
और ऐसा राज़, जिसे आज तक वहाँ रहने वाले लोग भी नहीं समझ पाए।
आख़िर उस कुएँ में ऐसा क्या है, जिसकी गुत्थी सुलझाने के लिए इंस्पेक्टर फ़रीदी को बुलाना पड़ा?
घर के भीतर गूंजती जानवरों की डरावनी चीखें…
हर रोज़ होती रहस्यमयी मौतें…
और फिर… एक इंसान की हत्या।
कुएँ के अंदर मिलती लाशें…
क्या यह किसी भूत का साया है?
या फिर किसी बेहद ख़तरनाक साज़िश का हिस्सा?
अगर आप भी इस रहस्य के पीछे छिपी सच्चाई जानना चाहते हैं, तो सुनिए इब्ने सफ़ी द्वारा लिखी गई रोमांच और सस्पेंस से भरपूर कहानी श्रृंखला —
“कुएँ का राज़”
नयनी दीक्षित की दमदार आवाज़ में… सिर्फ़ Gaatha App पर।
यह कहानी हर उस पत्नी की है जो पढ़ी- लिखी और विवेकशील होने के कारण परिस्थितियों से समझौता नहीं कर पाती बल्कि उनसे लड़ती है तब -तक, जबतक कि वह लड़ सकती हैं…
यह एक ऐसे व्यक्ति की कहानी है जिसका विवाह मामा द्वारा दहेज की मांग करने से टूट जाता है और उसके लंबे समय बाद उसे जिस अपरिचित लड़की से प्रेम होता है, वह लड़की कोई और नहीं बल्कि वही होती है।
एक आम लड़की की तरह सुमिता ने भी शादी के सुनहरे सपने देखे थे। सोम के रुप में जीवनसाथी को पाकर सुमिता जैसे खुशी से पागल सी हो गई थी। लेकिन उसका यह भ्रम बहुत जल्दी टूट गया। शादी के तीन दिन बाद ही उसे सोम की बीमारी का पता चला । उसे लगा कि जैसे वह ठगी गई है। तब, उसने एक अहम फैसला लिया।
जयराज एक चित्रकार है और रानीखेत की सुंदर वादियों में प्रकृति के सुंदर चित्र बनाता है किंतु इन चित्रों में मनुष्य की अनुपस्थिति उसे अपने चित्र में अधूरे पन का एहसास दिलाती है इसी बीच उसके एक मित्र का पत्र आता है कि वह अपने पत्नी के अच्छे स्वास्थ्य के लिए उसे रानीखेत भेज रहा है जयराज का चित्रकार मन नारी के सौंदर्य को चित्रित करने की कल्पना की उड़ान लेने लगता है क्या होता है जब उसकी मुलाकात नीता से होती है क्या वास्तव में उसकी कल्पना यथार्थ हो पाती है पूरी कहानी जाने के लिए सुनते हैं यशपाल जी के द्वारा लिखी गई कहानी चित्र का शीर्षक सुमन वैद्य जी की आवाज में
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