रक्त मंडल के पिछले भाग में आपने सुना कि पंडित गोपाल शंकर मुरारी को सभी काम समझा कर काशी के लिए रवाना हो जाते हैं ।दूसरी तरफ मिस्टर केमिन गंगा किनारे घूमते हुए एक छोटे से लड़के को डूबने से बचाते हैं। कौन है यह लड़का ?और उसको डूबता हुआ छोड़कर नाव में सवार दो आदमी क्यों भाग गए ?कौन है वह नौजवान जो उन आदमियों से उस डूबते हुए बच्चे के बारे में पूछ रहा है ?नाव को डुबोकर बज़ड़े को कहां ले जाया गया और इसके आगे क्या हुआ जानने के लिए सुनते हैं रक्त मंडल का यह भाग.
जब पंडित गोपाल शंकर को रक्त मंडल गिरोह से चिट्ठी मिली जो उससे पहले कई धनी लोगों को मिल चुकी थी तो उन्होंने मिस्टर केमिन की मदद लेनी चाहिए गोपाल शंकर का नेपाल जाना रक्त मंडल के गिरोह को पता चल गया अब पंडित गोपाल शंकर नेपाल जाकर कौन सा काम करते थे जिसका राज मिस्टर केम इन के अलावा किसी और को नहीं पता क्या वह कोई अनैतिक या गैर कानूनी काम करते थे और भक्त मंडल के गिरोह को इसके बारे में पता चल गया था इसके आगे के किस्से को जानने के लिए सुनते हैं कहानी रक्त मंडल का भाग 4 नयनी दीक्षित की आवाज में
पिछले भाग में सुना कि गोपाल शंकर और एडवर्ड धोखे से गलत रास्ते में पहुंचा दिए जाते हैं ।फिर उन्हें रक्त मंडल के सदस्यों की चिट्ठी बरामद होती है और वे उन्हें वापस लौट जाने का संकेत देते हैं इधर केशव जी और नगेंद्र सिंह अपनी तरफ आते हुए काफिले को पहचान लेते हैं अब क्या गोपाल सिंह शंकर और एडवर्ड अपने ठिकाने तक पहुंच पाएंगे? क्या किया नगेंद्र और साइंटिस्ट केशव सिंह ने? इसे जानने के लिए सुनते हैं रस्तमंडल का यह भाग
रक्त मंडल के पिछले भाग में आपने सुना कि नगेंद्र नरसिंह कामनी से 1 महीने बाद मिलने का वादा कर अपने लक्ष्य की ओर चल पड़ा। क्या नरेंद्र नर्सिंग रास्ते में पकड़ा गया? और वहीं दूसरी तरफ नेपाल के राजा विक्रम सिंह अपनी हुकूमत अंग्रेज़ों को देने के लिए तैयार हो गए? या अंग्रेजों के साथ जंग लड़ते -लड़ते ढेर हो गए? क्या हुआ नेपाल का हाल? सुनिए इस भाग में…
ऐसारक्त मंडल के पिछले भाग में आपने सुना कि कैप्टन रूबी ने पकड़े हुए नौज़वान से गोपाल शंकर के द्वारा बनाई यंत्र से कई तरह के राज़ उगलवा लिए। यह एक यंत्र था जो दिल की धड़कनों के ज़रिए सच और झूठ का पता लगा लेता था। मगर अब तक गोपाल शंकर और नगेंद्र नरसिंह का पता नहीं चल पाया था। आगे क्या किया कैप्टन रूबी ने ?और क्या हुआ ब्रिटिश हुकूमत के साथ सुनिए इस अगले भाग में..।
क्त मंडल के भाग 7 में आपने सुना था कि किस तरह गोपाल शंकर भेष बदलकर नगेंद्र और केशव के किले तक का रास्ता बनाकर पहुंच जाते हैं? क्या लिखा था उस चिट्ठी में जो गोपाल शंकर ने बुड्ढे के बेस में नगेंद्र के हाथ में दी थी ?और भयानक चार और नगेंद्र सिंह की कमेटी में क्या बातें हुई और नगेंद्र सिंह ने कमेटी को क्या सलाह दी ?क्या यह सलाह देश के हित में थी या अहित में ?जानने के लिए सुनते हैं रक्त मंडल का भाग 8 नयनी दीक्षित की आवाज़में..।
क्त मंडल के भाग 7 में आपने सुना था कि किस तरह गोपाल शंकर भेष बदलकर नगेंद्र और केशव के किले तक का रास्ता बनाकर पहुंच जाते हैं? क्या लिखा था उस चिट्ठी में जो गोपाल शंकर ने बुड्ढे के बेस में नगेंद्र के हाथ में दी थी ?और भयानक चार और नगेंद्र सिंह की कमेटी में क्या बातें हुई और नगेंद्र सिंह ने कमेटी को क्या सलाह दी ?क्या यह सलाह देश के हित में थी या अहित में ?जानने के लिए सुनते हैं रक्त मंडल का भाग 8 नयनी दीक्षित की आवाज़में..।
रक्त मंडल के पिछले भाग में आपने सुना कि बाबू बटुक चंद की हत्या कर दी और उनका बेटा कहीं गायब है और किस तरह से रक्त मंडल के सिपाहियों ने सरकारी खज़ाने को रास्ते से ही लूट लिया बड़े से बड़े अफसर भी उनका मुकाबला नहीं कर पाए। मृत्यु किरण से छोड़े गए गोले पूरे लश्कर को ले डूबे। रक्त मंडल के सदस्य सरकारी खज़ाने को अपने साथ ले गए आगे क्या हुआ? जानने के लिए सुनते हैं नयनी दीक्षित की आवाज़ में रक्त मंडल का यह भाग…
जब पंडित गोपाल शंकर को रक्त मंडल गिरोह से चिट्ठी मिली जो उससे पहले कई धनी लोगों को मिल चुकी थी तो उन्होंने मिस्टर केमिन की मदद लेनी चाहिए गोपाल शंकर का नेपाल जाना रक्त मंडल के गिरोह को पता चल गया अब पंडित गोपाल शंकर नेपाल जाकर कौन सा काम करते थे जिसका राज मिस्टर केम इन के अलावा किसी और को नहीं पता क्या वह कोई अनैतिक या गैर कानूनी काम करते थे और भक्त मंडल के गिरोह को इसके बारे में पता चल गया था इसके आगे के किस्से को जानने के लिए सुनते हैं कहानी रक्त मंडल का भाग 4 नयनी दीक्षित की आवाज में
रक्त मंडल के पिछले भाग में आपने सुना कि मि.ग्रिफ्रि़त और रतन सिंह के बीच बातचीत हुई कि किस प्रकार नेपाल सरकार को भारत सरकार के साथ मिलाया जाए? और किस तरह उस किले पर हमला किया जाए? क्योंकि वह किला जो कि रक्त मंडल का अड्डा बन चुका था। वह किला नेपाल सरकार के अधीन नहीं है और एक स्वतंत्र भूमि पर बना हुआ है ।इसके बाद के केमिन साहब और उनके दल से मि.ग्रिफ्रि़त में क्या बातचीत की? और आगे क्या हुआ? सुनिए इस भाग में…
बाबू बटुक चंद्र का बेटा किसी के द्वारा अगवा कर लिया जाता है और फिरौती में ₹100000 की मांग की जाती है एक तो बच्चे के अगवा होने के कारण और दूसरा खुद राय साहब ना बन पाने के कारण बटुक चंद बुरी तरह से आहत हो जाते हैं और वह चाह कर भी पुलिस की मदद नहीं ले पाते क्या होगा उनके बेटे का जो अभी तक अगवा है आगे की कहानी जानने के लिए सुनते हैं रक्त मंडल
रक्त मंडल के पिछले भाग में आपने सुना कि मिस्टर कैमिन और गोपाल शंकर मिस रोज़ का पता नहीं लगा पाए। जलालाबाद के किले को उड़ा दिया गया और नगेंद्र नरसिंह अब आगे की कार्यवाही के लिए चिंतित हो गए। क्या मिस रोज़, केमिन और गोपाल शंकर को मिल पायेंगी । जलालाबाद के किले के बाद क्या आगे के किले को रक्त मंडल उड़ाने में कामयाब होगा ? सुनिए इसके आगे का भाग में..।
पांचवां सर्ग – मातृ विनय
पंचम सर्ग में कुंती स्वयं कर्ण के पास जाकर अपना मातृत्व प्रदर्शित करने का प्रयास करती हैं। वह कर्ण से आग्रह करती हैं कि कर्ण पाण्डवों के विपक्ष में होकर अपने ही सगे भाइयों के विरुद्ध शस्त्र संधान न करे।
इस पर कर्ण पाण्डव पक्ष में सम्मिलित होने से तो मना कर देता है परंतु कुंती को इस वचन से साथ विदा करता है कि समय आने पर वह अर्जुन के सिवा किसी पाण्डव को नहीं मारेगा। इस प्रकार कुंती के पुत्रों की संख्या पाँच ही बनी रही रहेगी। और इसी तरह कुंती खाली हाथ वहाँ से वापस चल देती हैं।
हो रहा मौन राधेय चरण को छूकर,
दो बिंदु अश्रु के गिरे दृगों से चूकर।
बेटे का मस्तक सूँघ बड़े ही दुख से,
कुंती लौटी कुछ कहे बिना ही मुख से।
नकली नाक – Ibnesafi ( इब्नेसफी) – Nayani Dixit
इब्ने सफ़ी अपने जानदार जासूसी उपन्यासों के लिए जाने जाते हैं । जिसमें बहुत सारी कल्पना और जानकारियाँ शामिल होती है। नकली नाक कहानी का मुख्य किरदार जैसे जाबिर एक चालबाज बूढ़ा है जाबिर बेहद पेचीदा श़ख्स है जिसे किसी भी किस्म का इंसानी ज़ज्बा छू भी नहीं पाता और वह आखिर में फ़रीदी जैसे होशियार डिटेक्टिव को भी चकमा देकर हर बार निकल जाता है ।क्या अंत में जाबिर पकड़ा जायेगा ?मगर कैसे? जासूसी कथा नकली नाक मेंजानिए नयनी दीक्षित की आवाज. में…
धीरेंद्र अस्थाना के द्वारा लिखी गई एक कहानी जिसमें एक इंसान से जाने- अनजाने एक गलती हुई है जिसका उसे पश्चाताप भी है | उस गलती के कारण वह अपनों से नजर भी नहीं मिला पा रहा और आज उसकी उस गलती के कारण वह एक बड़ी बीमारी से ग्रसित हो चुका है |जिसे वह किसी को बता भी नहीं पा रहा है | ऐसे में वह इंसान क्या करें ?क्या वह इंसान घुट घुट कर यूं ही जीता रहे या फिर उसे फिर एक मौका मिलना चाहिए ?ऐसे ही प्रश्नों को लेकर कहानी का ताना-बाना बुना गया है सुनते हैं कहानी Meri Fernadis क्या तुम तक मेरी आवाज पहुंचती है? नयनी दीक्षित की आवाज में
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होली का रंग-बिरंगा त्योहार,प्यार और रोमांस का के बिना अधूरा है। प्रेमी किस तरह अपनी प्रेमिका को अपने साथ होली खेलने के लिए मना रहा है ?प्यार और मोहब्बत के इसी भाव को बड़े ही शायराना अंदाज में पेश किया है भारतेंदु हरिश्चंद्र ने…
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चिकित्सकीय रूप से मृत घोषित होने के बाद कोई व्यक्ति कैसे जीवित हो जाता है? क्या यह साबित करता हैकिजीवन के बाद जीवन हैं| मृत्यु के निकट हम क्या अनुभव कर सकते हैं? जानने के लिए सुनते हैं Life After Life
कुएँ का राज – Ibnesafi ( इब्नेसफी) – Nayani Dixit
200 साल पुरानी एक कोठी, एक बहुत ही पुरानी इमारत और उसके अंदर एक कुआं ।जिसके राज़ को वहां के बाशिंदे आज तक नहीं जान पाए ।ऐसी कौन सी बातें हैं उस कुंए की?जिसे सॉल्व करने के लिए वहाँ पर रहने वाले लोगों को इंस्पेक्टर फ़रीदी की मदद लेनी पड़ी ।घर के अंदर से आती हुई जानवरों की चीखें ,रोज मरते जानवर और फिर आखिरकार एक इंसान ।कुंए के अंदर मिली लाशें, किसी भूत का साया है या किसी की चली हुई चाल और आखिर चली हुई चाल है तो क्यों ?यह सारे राज़ अगर आप जानना चाहते हैं तो सुनिए इब्रेसफ़ी के द्वारा लिखी गई कहानियों की सीरीज़ कुंए का राज़ नयनी दीक्षित की आवाज़ में…
क़त्ल का राज़ – महेश दुबे – नयनी दीक्षित
कहानी में गुरूबख़्श मंगतानी सेठ का कत्ल हो जाता है ।इस कत्ल का इल्जा़म उसका दोस्त बाबलानी अपने ऊपर ले लेता है। किंतु जब कहानी से कई राज़ की परतें खुलती है तो क्या वास्तव में बाबलानी सेठ मंगतानी का कातिल होता है या कोई ?और अगर कोई और है तो बाबलानी ने अपने ऊपर इल्जा़म क्यों ले क्यों लिया? बेहद रोमांचक और रहस्य से भरपूर कहानी जानिए नयनी दीक्षित की आवाज़ में ,लेखक महेश दुबे की लिखी कहानी कत्ल का राज में आखिर क्या होता है?
खूनी खेल – महेश दुबे – नयनी दीक्षित
खेल खेलना तो सबको पसंद होता है बच्चों को, बड़ों को ,बूढ़ों को ,जवान को और फिर उस खेल को खेलने के लिए अगर 2500000 रुपए मिले तो क्या आप उसे खेल कहेंगे या कोई बिजनेस या फिर शौक? 2500000 का इनाम खुद को बचाने के लिए है या फिर दूसरे के मर्डर के लिए। ऐसे ही कुछ दिलचस्प कहानी है खूनी खेल, जिसमें खेल तो है 2500000रूपयों का इनाम भी है लेकिन यह खेल कोई ऐसा- वैसा खेल नहीं खूनी खेल है, जिसमें लोग को मजा़ भी ले रहे हैं और रकम भी दे रहे हैं लेकिन उस रकम का क्या मतलब , जिसका मतलब सिर्फ मौत है! कौन है वह छह खिलाड़ी ?क्या वह इस खेल में जीते? क्या शिकारी खुद शिकार हुआ? यह सारे रहस्य जानने के लिए सुनिए महेश दुबे के द्वारा लिखी गई कहानी खूनी खेल, नयनी दीक्षित की आवाज़ में…
नारी हृदय को समझना अपने आप में एक पहेली है इसी स्थिति को उजागर करती हुई है कहानी जिसमें रामदयाल एक फिल्म अभिनेता है जिसकी विवाह उर्मिला नाम की स्त्री से हुआ है रामदयाल द्वारा एक लेख पढ़ा जाता है जो नारी स्वभाव से संबंधित होता है लेख को अपने जीवन में यथार्थ करने के उद्देश्य से रामदयाल किस प्रकार की भूल कर बैठता है जानते हैं उपेंद्रनाथ अश्क द्वारा लिखी गई बेहद रोचक और हृदयस्पर्शी कहानी पहेली अमित तिवारी जी की आवाज में
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