तुम मुझे कभी भुला न पाओगे – Arvind saxena – Priya bhatia
हमरी किस्मत में तो सिर्फ यादें हैं तुम्हारी, जिसके नसीब में तू है उसे ज़िन्दगी मुबारक।
स्त्री के चरित्र को समझना एक लेखक के लिए भी मुश्किल होता है ऐसा ही कुछ कहानी की नायिका का किरदार है वास्तव में कहानी की नायिका कैसी है जानने के लिए सुनते हैं ज्योत्सना सिंह की लिखी कहानी नायिका
कहानी का नायक दिल्ली शहर का है | नायक मोटर गाड़ी चला रहा होता है तभी उसकी टक्कर एक साइकिल चलाने वाले व्यक्ति से हो जाती है | इस एक्सीडेंट में साइकिल चलाने वाले व्यक्ति को काफी चोट लगती है किंतु क्या नायक के मन में उस घायल व्यक्ति के लिए कोई सद्भावना आती है? क्या नायक उसकी मदद करता है ?क्या होता है उस हादसे के बाद? जानने के लिए सुनते हैं भीष्म साहनी द्वारा लिखी गई कहानी त्रास ,सुमन वैद्य जी की आवाज में …
अच्छा वक्त कब बदल जाए कोई नहीं बता सकता। दुल्हन बनने के सपने देखने वाली आँखों में कब आँसू भर जाए ? कब सपने चूर-चूर हो जाए ? कौन बता सकता है ? वक्त के आगे हम सब बेबस हैं ।वक्त की हर शह गुलाम है ।
एक आम लड़की की तरह सुमिता ने भी शादी के सुनहरे सपने देखे थे। सोम के रुप में जीवनसाथी को पाकर सुमिता जैसे खुशी से पागल सी हो गई थी। लेकिन उसका यह भ्रम बहुत जल्दी टूट गया। शादी के तीन दिन बाद ही उसे सोम की बीमारी का पता चला । उसे लगा कि जैसे वह ठगी गई है। तब, उसने एक अहम फैसला लिया।
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