कवि हमेशा सत्य का परिचय कराता है ,हो सकता है वह सत्य कटु लगे ऐसी स्थिति में हमेशा कवि की उपेक्षा की जा जाती है |
जश्न-ए -बहारा | Celebrating Life | Hindi Kavita | हिंदी कविता | Poems by Anupam Dhyani
It is so IMPORTANT to pause, reflect, savor the moments that we just let go because we are running this race of life. When you pause is when you realize that the same things that you see is obstacles or impediments or even defeats , were actually life’s most important moment that you so conveniently ignored because you were running a race looking at others.
Jashn-e-bahara jaisi honi chahiye zindagi.
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“तीखा जीवित कांटा बनू ,शवों पर निर्जीव फूल नहीं “, हमें जीवन इस ढंग से जीना चाहिए कि खुद हम अपने ऊपर गर्व महसूस कर सकें |इसी भावना को सजग करते हुए अनुपम ध्यानी की आवाज में खूबसूरत कविता “राख बनो धूल नहीं”…
स्थिरता और स्थायित्व सुनने और समझने में एक जैसे लगते हैं किंतु स्थिरता हम यह कह सकते हैं जैसे उसने कभी हार ना मानी हो स्थायित्व जिसने कभी लड़ा ही ना हो….. , इसके मूल रूप को समझने के लिए सुनते हैं अनुपम ध्यानी की आवाज में यह कविता….
Sometimes life moves as slow as a tortoise ( or 2020) or speeds like a tracer bullet, but it moves, it always does. So should we.So do what you must in this life as well as you can and as soon as you can. Life is not going to wait for you.
This year. 2020.. Has been a testing one! Not all that was dreamt off, materialized. Not all that was thought of came to fruition. But what remained was our lives, our health and our hope. I feel that is enough. Let’s welcome the new year with vigor, vivacity and a vibe of victory! Stay safe, Happy Holidays, Merry Christmas, Happy New Year!
ईशरसिंह ने अपनी बन्द होती आँखें खोलीं और कुलवन्त कौर के जिस्म की तरफ देखा, जिसकी बोटी-बोटी थिरक रही थी वह…वह मरी हुई थी…लाश थी…बिलकुल ठंडा गोश्त…जानी, मुझे अपना हाथ दे… कुलवंत सिंह भरे पूरे शरीर की एक दबंग औरत है ईश्वर सिंह से करीब 8 दिन बाद उसके पास आता है कुलवंत सिंह इस बात के लिए जिरह करती है 8 दिन कहां था? ईश्वर सिंह बहलाने की बहुत कोशिश करता है परंतु कुलवंत सिंह को सच्चाई का अंदाजा हो जाता है आखिर क्या थी? सच्चाई और कुलवंत सिंह को किस बात का अंदाजा हो जाता है? पूरी कहानी जाने के लिए सुनते हैं सआदत हसन मंटो की लिखी कहानी ठंडा गोश्त अनुपम ध्यानी की आवाज में
अनंत शक्ति का प्रयोग करके बड़ी से बड़ी सफलताओं को प्राप्त कर सकते हैं अर्थात परिणामों को अपनी इच्छा अनुसार पाने की अद्भुत शक्ति आपके भीतर ही है और वह शक्ति है आपके अपने ही विचार | हमारे जीवन में अच्छा बुरा जो भी घटित होता है ,उसका सीधा संबंध हमारे विचारों से होता है, यदि हमारे विचार नकारात्मक होते हैं, तो परिणाम नकारात्मक होता है |और यदि हमारे विचार सकारात्मक होते हैं तो परिणाम सकारात्मक होता है | सत्यनारायण जी के द्वारा लिखी धर्म विवेचना पर ध्यान केंद्रित करते हैं अनुपम ध्यानी की आवाज में “ विचार बनाए जिंदगी “….
बड़े बुजुर्ग घर की शान होते हैं उनकी बातों में एक तजुर्बा होता है उनके सानिध्य में सब कुछ कितना सरल हो जाता है बच्चों के लिए उनकी दादी तो पूरा स्नेह का खजाना होती है इसी रिश्ते के मधुर संबंधों काअवलोकन कराती हुई कविता है दादी पल्लवी की आवाज में
30 seconds of positive energy, positive poetry.
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amit gaatha
manojkumarmeruth@gmail.com
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