30 seconds of positive energy, positive poetry.
दोस्तों, हम सब के जीवन में कई सीखें हैं | मैं भी ऐसी ही एक सीख को कविता के रूप में आपके साथ साझा कर | आशा करता हूँ कि आपको यह कविता पसंद आएगी | आनंद लीजिये और मेरे इस चैनल पर आते रहिये ऐसी ही प्रेरणा से भरी कविताओं के लिए | धन्यवाद |
मन और हृदय अलग-अलग संवेदना से क्यों गुजर रहे हैं? अगर मन स्थिर और शांत है फिर क्यों हृदय में संग्राम छिड़ा हुआ है ?बेहद खूबसूरत शब्दों से पिरोया है इस दुविधा को अनुपम ध्यानी जी ने अपनी कविता मन में कोहरा, कोहराम हृदय में अपनी स्वयं की आवाज से
तो क्या जिए | To Kya Jiye |Hindi Kavita |हिंदी कविता | Motivational Hindi Poems by Anupam Dhyani
There is no recipe for life, but it is important to live each moment as if it is your last. Easier said than done ! But you can try.
To Kya jiye is asking questions to myself. You can ask these or other questions as well.
A curious, unafraid life is a life well lived.
बन जाओ | Hindi Kavita |हिंदी कविता | Motivational Hindi Poems by Anupam Dhyani If you cannot become this- become that!
Have you every wanted a vacation from being a Human. I have. कभी आपको मनुष्य बनने से छुट्टी की इच्छा हुई है मुझे हुई है !
“मेरे घर से बाहर के रास्ते में कई बाजार और गलियां पड़ती थी | जहां मेरी आंखों ने देखा कई दिनों से बना पाकिस्तान अब जिंदाबाद हुआ है |” लेखक सआदत हसन मंटो ने हिंदुस्तान -पाकिस्तान बंटवारे के बाद जब पाकिस्तान गए ,तो वहां की स्थिति से रूबरू हुए | जो उन्हें बेहद जो बेहद अचंभित कर देने वाली थी |सुनते हैं अनुपम ध्यानी की आवाज में यह पूरा वृतांत “सवेरे जो कल मेरी आंख खुली “……
30 seconds of positive energy, positive poetry.
30 seconds of positive energy, positive poetry.
Let the people be what they be. You become the best version of yourself! Chase excellence and let people say what they have to.
30 seconds of positive energy, positive poetry.
मैं अपना दिल किराये पे चढ़ाना चाहता हूँ ! यह कविता इस युग के प्रेमियों के लिए है !
कई दिनों तक – Arvind saxena – Priya bhatia
एक ऐसा एहसास जब सारी बातें, सारे लोग ब़ेगाने से लगने लगे,जो कभी हमारी ज़िंदगी का एक अहम हिस्सा हुआ करते थे। ऐसा कब होता है ?और यह एहसास कब जन्म लेता है ?खूबसूरत शब्दों में पिरोया हुआ यह एहसास अरविंद सक्सेना की कविता कई दिनों से में सुनते हैं प्रिया की आवाज़ में..
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यह मधुर गीत उस स्थिति को दर्शाता है ,जब हम नए-नए प्रेम में पड़ते हैं | हमारा तन – मन हमारे काबू में नहीं होता | भावना तिवारी जी की मधुर आवाज में….
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