गोपालदास नीरज की कविता संग्रह फिर फिर दीप जलेगा से ली गयी कविता मिट्टी वाले में कवि ने उन सभी पर कटाक्ष किया है जो मिट्टी का मोल लगाते ह़ै कवि का मानना है कोई भी इसका मोल नहीं लगा सकता। क्या इस मिट्टी का इतिहास इतना सस्ता है कि कुछ मोल चुका कर इसे कोई भी खरीद सकता है ?आज इसी मिट्टी के लिए हम युद्ध की स्थिति तक पहुंच जाते हैं, तो क्या ऐसी मिट्टी का कोई मोल हो सकता है ,वह तो अमूल्य है | कवि अपने स्पष्ट शब्दों में समझाना चाह रहा है कि यह मिट्टी अपना मोल नहीं चाहती बल्कि सिर्फ मिट्टी अपनी कुर्बानी चाहती है| कविता के माध्यम से इसका पूर्ण भाव को समझते हैं, भावना तिवारी की आवाज में…
भावना तिवारी की आवाज़ में भाई बहन के भावों को प्रदर्शित करती रक्षा बंधन पर एक भाव पूर्ण कविता, जो आपकी आँख नाम कर देगी
निशा निमंत्रण से लिया गया यह गीत जिसमें शाम होने पर किस प्रकार वातावरण बदल जाता है बड़ी ही खूबसूरती के साथ उल्लेख किया गया है
जब मन अपनी प्रेयसी के बिछड़ने पर शिथिल हो जाता है ,तो पुनः उसे ऊर्जावान बनाने के लिए उन साथ बिताए हुए पलों को याद कर लेना चाहिए | इसी तरह की भावना से ओतप्रोत है, कविता की यह पंक्तियां….
30 seconds of positive energy, positive poetry.
ठंडी वायु के चलने से प्रकृति और समस्त जीव धारियों में उसका कैसा प्रभाव पड़ रहा है इस बात को दर्शाती यह कविता
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एक सेवानिवृत्त व्यक्ति के दिनचर्या, उसकी सोच और उसके जीवन में आए बदलाव को आलोकित करती हुई यह गीत भावना तिवारी की आवाज में ….
तुम मुझे कभी भुला न पाओगे – Arvind saxena – Priya bhatia
हमरी किस्मत में तो सिर्फ यादें हैं तुम्हारी, जिसके नसीब में तू है उसे ज़िन्दगी मुबारक।
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