महंगू एक मिल का गरीब मजदूर है | कहानी के एक प्रसंग के बाद वह अमीर बनने का सपना देखने लगता है और इसी दिशा में काम भी शुरू कर देता है, किंतु उसके कुछ गलत निर्णय के कारण वह सपना उसे बहुत महंगा पड़ता है | पूरी कहानी जाने के लिए सुनते कहानी ‘फूल बागान का सपना ‘….
प्रोफेसर डी.पी. झा 48 वर्ष की आयु में कैंसर से पीड़ित हो जाते हैं |अपनी मौत को इतने करीब से महसूस करते हुए वह जीते जी अपने सारे कर्तव्यों को पूरा करना चाहते हैं |वह अपने शरीर को मेडिकल कॉलेज में देहदान कर देते हैं | उनकी मृत्यु के पश्चात उनके शव के साथ क्या होता है??? बड़े भावपूर्ण रूप में चित्रित किया गया है अभिज्ञात’’ की कहानी कामरेड और चूहे मे…. ,अमित तिवारी जी की आवाज में सुनिए सिर्फ गाथा पर
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बलिया के रहने वाले राधेश्याम की एक नौटंकी मंडली है, उसका सपना है कि वह एक भोजपुरी फिल्म बनाएं और उसमें अपनी मंडली के सभी सदस्यों को मुख्य किरदार के रूप में रखें| क्या उसका सपना सच हो पाता है ?? जानने के लिए सुनते हैं कहानी एक भोजपुरी भोजपुरी फिल्म की हिट स्टोरी
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दिनांक की किताब का विमोचन होना था उसने इस कार्यक्रम हेतु कुछ प्रतिष्ठित लोगों को बुलाने का मन बनाया किंतु समस्या यह थी उन लोगों की आपस में बनती नहीं थी इस बात का प्रभाव किस प्रकार दिनांक किताब के विमोचन पर पड़ा जाने के लिए सुनते हैं अभिज्ञात द्वारा लिखी गई कहानी अंदर की मौत अमित तिवारी जी की आवाज में
कहानी में सुमित एक अपने कॉलेज की ही मुस्लिम लड़की सिदरा से अपने प्यार का दावा करता है हिज़ाब से सिर्फ उसकी खूबसूरत आकर्षित कर देने वाली आंखों को देख कर | दूसरी ओर मुस्लिम कौम के ही एक दूसरे युवक जीशान भी सिदरा से अपने प्यार का दावा करता है किंतु सिदरा हिज़ाब हटाकर अपना से चेहरा दिखाती है तब क्या होता है? पूरी कहानी जानने के लिए सुनते हैं जुनैदद्वारा लिखी गई कहानी हिज़ाब ,अमित तिवारी की आवाज में
बंशी रखकर साकी क्षणभर बेगम के पास आकर खडी हुई। उसका शरीर काँपा, ऑंखें जलने लगी, कंठ सूख गया। वह घुटने के बल बैठकर बहुत धीरे-धीरे अपने आंचल से बेगम के मुख का पसीना पोंछने लगी। इसके बाद उसने झुककर बेगम का मुँह चूम लिया। बादशाह जब शिकार से लौटते हैं ,तो अपनी बेगम को बेसुध देखकर बहुत क्रोधित होते हैं |बेगम सलीमा इस बात से अनभिज्ञ होती है ,उसके समीप रहने वाली साकी एक पुरुष है |बादशाह को जब यह ज्ञात होता है तो इसका जिम्मेदार बेगम सलीमा को समझते हैं | बेगम सलीमा बिना किसी खता होने पर भी अपने को इस बात का जिम्मेदार समझते हुए मृत्यु को अपना लेती है | क्या होता है? जब बादशाह को इस बात का पता चलता है कि इस पूरे प्रकरण में उनकी बेगम सलीमा का कोई दोष नहीं था | जानने के लिए सुनते हैं आचार्य चतुरसेन शास्त्री के द्वारा लिखी गई नामालूम सी एक खता ,अमित तिवारी जी की आवाज में…
कहानी में 60 साल के एक हीरे के व्यापारी धनपाल जी का उन्हीं की हवेली में हत्या हो जाती है |परिवार में उनकी पहली पत्नी की बेटी नमिता,उनके भाई का बेटा घनश्याम और उनकी दूसरी पत्नी सोनिया रहते हैं | हत्या के रहस्य से उलझा यह केस प्राइवेट डिटेक्टिव अविनाश के पास आता है |किस प्रकार अविनाश इस हत्या के इस रहस्य को सुलझा पाता है? कौन है धनपाल जी का हत्यारा? अमित कुमार पांडे द्वारा लिखी सस्पेंस से भरी कहानी हत्या हवेली, में जानते हैं अमित तिवारी की आवाज में
इस कहानी में एक पिता और बेटे के कहे अनकहे जज़्बातों को , उनके एहसासों को बड़ी सच्चाई और ख़ूबसूरती के साथ प्रस्तुत किया गया है।
एक पुरुष का स्त्री के बिना कोई अस्तित्व नहीं होता है ,कैलाश की परवरिश ऐसे माहौल में हुई है जहां पर स्त्रियों की उपेक्षा की जाती है कैलाश के जीवन में जब मांडवी का प्रवेश होता है तो उसकी इस सोच में बदलाव आता है सुनते हैं कृष्णकांत के द्वारा लिखी गई कहानी पुनर्जन्म ,अमित तिवारी जी की आवाज में
यूनुस खान एक क्रांतिकारी है जो लोग काफिर है उनके लिए उसके दिल में कोई हमदर्दी नहीं है लेकिन यूनुस खान को एक खून से लथपथ एक छोटी बच्ची जब दिखती है जो कि काफिर है उसका कठोर दिल भी पिघल जाता है और क्या रिश्ता है उस बच्ची और यूनुस खान के बीच में पूरी कहानी जानने के लिए सुनते हैं कृष्णा सोबती की लिखी कहानी मेरी मां कहां अमित तिवारी जी की आवाज
आपको चित्तौर का सिंहासन सुखद हो, देश की श्री-वृद्धि हो, हिन्दुओं का सूर्य मेवाड़-गगन में एक बार फिर उदित हो। भील, राजपूत, शत्रुओं ने मिलकर महाराणा का जयनाद किया, दुन्दुभि बज उठी। मंगल-गान के साथ सपत्नीक हम्मीर पैतृक सिंहासन पर आसीन हुए। अभिवादन ग्रहण कर लेने पर महाराणा ने महिषी से कहा-क्या अब भी तुम कहोगी कि तुम हमारे योग्य नहीं हो?इस पूरी कथा को जाने के लिए सुनते हैं जयशंकर प्रसाद के द्वारा लिखी गई कहानी चित्तौड़ निधि मिश्रा की आवाज में
राघव अपनी अमेरिकन बीवी स्टेला और दो बच्चों – पॉल और जिनि के साथ भारत अपने मां-बाप के यहां आया हुआ है | जिनि, जो बस चार महीने की है| अब कहानी में दो पीढ़ियों में बच्चों की परवरिश को लेकर एक अंतर स्पष्ट रूप से नजर आ रहा है |कैसे? इसे जानने के लिए सुनते हैं सुधा अरोड़ा के द्वारा लिखी गई कहानी सुरक्षा का पाठ ,शिवानी आनंद की आवाज में..
तुम हो या चाँद – Arvind saxena – Priya bhatia
कल मिरे मेहबूब क्या आ गए छत पर, जला चाँद तमाम रात चमक चमक कर।
सुधा अरोड़ा की कहानियां आम लोगों के जीवन से कहीं ना कहीं जुड़ी हुई होती है |कहानी सत्ता संवाद में स्पष्ट रूप से इस बात की झलक मिलती है |कहानी में घर की सत्ता घर की महिला के पास है कहानी में घर की मुख्य कर्ताधर्ता महिला किस प्रकार का व्यवहार करती है? ऐसे में वह किस प्रकार घर में सभी से संवाद करती है?इसे बेहद रोचक ढंग से कहानी में प्रस्तुत किया गया है|
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