एक पुरुष का स्त्री के बिना कोई अस्तित्व नहीं होता है ,कैलाश की परवरिश ऐसे माहौल में हुई है जहां पर स्त्रियों की उपेक्षा की जाती है कैलाश के जीवन में जब मांडवी का प्रवेश होता है तो उसकी इस सोच में बदलाव आता है सुनते हैं कृष्णकांत के द्वारा लिखी गई कहानी पुनर्जन्म ,अमित तिवारी जी की आवाज में
काकी कहा करती थीं कि लोग मर जाते हैं लेकिन वास्तव में वे मरते नहीं हैं। बस चोला बदल जाता है। तुम्हारे काका भी मरे नहीं हैं। यहां उनका समय पूरा हो गया था, दाना पानी उठ गया था, इसलिए चले गये। हमें भी साथ ही जाना था, लेकिन हमारा टिकट कहीं खो गया है। दूत लोग ढूंढ रहे होंगे। मिलेगा तैसे ही हमें भी जाना है। ये हां इंतजार कर रहे होंगे। तुम्हारे काका हमसे कहे थे कि हम चल रहे हैं तुम आना। एक वृद्धा है जिसे सब काफी कहते हैं अपने पति की मृत्यु के बाद उसका जीवन कैसा हो जाता है किस प्रकार अपने पति की यादों को सहेज कर रखना चाहती है कृष्णकांत जी के द्वारा लिखी गई कहानी काकी में सुनते हैं अमित तिवारी जी की आवाज
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बलिया के रहने वाले राधेश्याम की एक नौटंकी मंडली है, उसका सपना है कि वह एक भोजपुरी फिल्म बनाएं और उसमें अपनी मंडली के सभी सदस्यों को मुख्य किरदार के रूप में रखें| क्या उसका सपना सच हो पाता है ?? जानने के लिए सुनते हैं कहानी एक भोजपुरी भोजपुरी फिल्म की हिट स्टोरी
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लॉर्ड इर्विन ने इग्नोर किया और गांधी एक लंबे धूल भरे रास्ते पर चलते-चलते दांडी पहुँच गए। गांधी को वहाँ अरब सागर मिला। नमक से बेपनाह भरा सागर। बस्तर का कोई सागर नहीं। भूगोल में उसकी जमीन इस तरह बरती हुई है कि उसके हिस्से कभी कोई नमकीन सागर नहीं होगा। हजारों, लाखों किलोमीटर की वे जंगली दुर्गम पहाड़ी दूरियाँ कभी नापी नहीं जा सकीं जिनसे चल कर उतरना बीमार होना था, मौत था… और इस तरह बरसों तक पहुँचते रहना था नमक की एक दुकान तक। दांडी का इतिहास हुआ। इतिहास, बस्तर के जंगल के बहुत बाहर पड़ा एक तुच्छ शब्द।
महंगू एक मिल का गरीब मजदूर है | कहानी के एक प्रसंग के बाद वह अमीर बनने का सपना देखने लगता है और इसी दिशा में काम भी शुरू कर देता है, किंतु उसके कुछ गलत निर्णय के कारण वह सपना उसे बहुत महंगा पड़ता है | पूरी कहानी जाने के लिए सुनते कहानी ‘फूल बागान का सपना ‘….
अचानक रात को संजीव के पास एक अनजान नंबर से मैसेज आने शुरू होते हैं |मैसेज करने वाली लड़की का दावा है कि वह संजीव से प्यार करती है और 10 साल से उसका इंतजार कर रही है |किंतु संजीव ऐसी किसी भी लड़की को नहीं जानता है कौन है वह अनजान लड़की ?और आगे कहानी में क्या होता है ?जानने के लिए सुनते हैं नज़्म सुभाष की लिखी हुई कहानी किसी नज़र को तेरा,अमित तिवारी की आवाज़ में….
बड़े-बूढ़े कुछ झूठ नहीं कह गए हैं कि परदेश जाए तो ऐसे चौकन्ने रहें, जैसे बुढ़ापें में ब्याह करने वाला अपनी जवान जोरू से रहता है। हम चौकन्नेपन क्या, दसकन्नेपन की सिफारिश करते हैं, वरना ईश्वर न करे किसी पर ऐसे बीते, जैसी परदेश में हम पर बीती, यानी हम साढ़े पांच हाथ के जीते-जागते मौजूद रहे और परदेश ने हमारे मुंह पर कानूनी तमाचा मारकर कुछ देर के लिए यह साबित कर दिया कि हम फौत शुद यानी मर गए।कहानी का पात्र जो परदेश में है वहां उसके साथ क्या घटना घटती है पूरा वृतांत जानने के लिए सुनते हैं अमृतलाल नागर जी के द्वारा लिखी गई कहानी जब बात बनाए ना बनी,अमित तिवारी जी की आवाज में
हेमंत और सुधा 3 वर्ष के वैवाहिक जिंदगी के बाद एक दूसरे से अलग होने का निर्णय ले रहे हैं| उनकी वैवाहिक जिंदगी में तलाक लेने की नौबत क्यों आ रही है ?यह निर्णय उनकी जिंदगी में क्या प्रभाव डालता है ? उनकी जिंदगी को समझने के लिए सुनते हैं अज्ञेय जी के द्वारा लिखी गई कहानी वे दूसरे ‘सुमन वैद्य जी की आवाज में…
आध्यात्मिक प्रेम – आर्या झा – शेफ़ाली कपूर
रिया और आदित्य एक ही कॉलेज में पढ़ते हैं ।आदित्य सिविल सर्विसेज की तैयारी भी कर रहा है ।आदित्य, रिया के सामने अपने प्यार का इज़हार करता है और रिया को जीवनसंगिनी बनाना चाहता है। रिया के मन में भी आदित्य के लिए प्रेम भाव है, किंतु रिया के पिता इस रिश्ते को मंजूरी देने के लिए आदित्य के सामने एक शर्त रखते हैं । क्या है वह शर्त? क्या आदित्य उस शर्त को पूरा कर पाएगा? क्या आदित्य और रिया शादी के बंधन में बंध पाएंगे ?क्या आदित्य के मन में रिया के प्रति वही प्रेम रह पाएगा? पूरी कहानी जानने के लिए सुनें आर्या झा के द्वारा लिखी गई कहानी आध्यात्मिक प्रेम।
यह कहानी एक सांवली सी लड़की फिरदौस की है और फरजाना उसकी अन्य दो बहने गोरी और सुंदर है सब की शादियां खूब धूमधाम से होती है उन्हीं की एक बड़ी बहन है फिरदौस कद काठी नाक नक्श अच्छे हैं किंतु सांवला रंग |घर के कामों में वह निपुण है किंतु उदासीन और सहमी सहमी रहती है उसका सांवला रंग उसके व्यक्तित्व को उदासीन बना रहा है क्या उसके जीवन में भी खुशियां आती हैं पूरी कहानी जाने के लिए सुनते हैं मनीषा कुलश्रेष्ठ के द्वारा लिखी गई कहानी एक सांवली सी परछाई पूजा श्रीवास्तव की आवाज में
कहानी का नायक दिल्ली शहर का है | नायक मोटर गाड़ी चला रहा होता है तभी उसकी टक्कर एक साइकिल चलाने वाले व्यक्ति से हो जाती है | इस एक्सीडेंट में साइकिल चलाने वाले व्यक्ति को काफी चोट लगती है किंतु क्या नायक के मन में उस घायल व्यक्ति के लिए कोई सद्भावना आती है? क्या नायक उसकी मदद करता है ?क्या होता है उस हादसे के बाद? जानने के लिए सुनते हैं भीष्म साहनी द्वारा लिखी गई कहानी त्रास ,सुमन वैद्य जी की आवाज में …
कभी कभी हमारी आँखे कुछ ऐसा देखती है जिसके लिए दिमाग़ के पास कोई तर्क नहीं होता । क्या बच्चों ने जो देखा वो सच था ? जानिए भुपेंद्र डोंगरियल की लिखी कहानी “ रहस्य के सबूत नहीं “
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pragati sharma