गजाधर बाबू नौकरी के चलते छोटे शहर में रहते हैं जबकि उनका पूरा परिवार उनकी पत्नी उनके बच्चे सभी एक दूसरे बड़े शहर में अपने घर में रहते हैं गजाधर बाबू जी का जब रिटायरमेंट होता है तो वह अपने परिवार के साथ रहने के उद्देश्य से उनके पास जाते हैं किंतु क्या उनका वही पूरा परिवार उन्हें गृह स्वामी की तरीके से प्यार व सम्मान देता है क्या उन्हें परिवारिक खुशी प्राप्त हो पाती है उषा प्रियंवदा जी के द्वारा लिखी इस कहानी वापसी में सुनते हैं अमित तिवारी जी की आवाज में ..
देश और संस्कृति के हित में एक प्रेम मुक्त समाज की परिकल्पना साकार करने की दिशा में पनौती गंज में पिंकू और रिंकू पर वेलेंटाइन सप्ताह कैसे गुजरता है इस पर व्यंग्यात्मक शैली में कमलेश पांडे जी द्वारा लिखी कहानी वैलेंटाइन डे इन पनौती गन सुनते हैं अमित तिवारी जी की आवाज में
अनामिका का विवाह अतुल से हुआ है लेकिन अतुल का व्यवहार अनामिका के प्रति कुछ रुखा सा है अनामिका को अचानक एक दिन अपने कॉलेज के दिनों के एक दोस्त समीर की याद आती है जिसका प्यार अनामिका के द्वारा ठुकराया जाता है आज अनामिका को ऐसा क्यों लग रहा है कि ईश्वर उससे उसी बात का अधूरा बदला ले रहे हैं क्या हुआ था अनामिका की जिंदगी में पूरी कहानी जानने के लिए के लिए सुनते हैं विकास श्रेय केवल जी की लिखी कहानी अधूरा बदला अमित तिवारी जी की आवाज
पिताजी ने महात्मा के मरने की ख़बर को ज़्यादा तव्वजो नहीं दी।वे अपने पैर पोंछने में मशगूल रहे।महात्मा के मरने की बात पर वे इस तरह चुप रहे जैसे उस बात का होना ना होना दोनों बराबर हों।महात्मा को ज़्यादातर लोग स्वामी जी कहते थे।लोगों को उनका नाम नहीं पता था।पिताजी अपने पैर पोंछते रहे। दत्ता अंकल भी थोडी देर चुप रहे। हमारे घर के ठीक सामने से एक कच्ची सड़क गुज़रती है।घर से सटी हुई यह सड़क बजरी के कारण लाल रंग की है।रोड पार घर के ठीक सामने एक कम्यून है।लोग इस कम्यून को आश्रम कमोहल्ले कम्यून है जिस का रहस्य बच्चों को बहुत कौतूहल करता है आखिर ऐसा क्या है कम्यून में जाने के लिए सुनते हैं कहानी कौन सी मौत
कहानी में मनसुख कवि बनना चाहता है किंतु कविता लिखने का उसे कोई अभ्यास नहीं है वह अपने गुरु से कविता लिखने के गुण सीखता है उसे भाव विहीन शब्दों से उसके द्वारा लिखी गई कविता को पुरस्कार भी प्राप्त हो जाता है इसी बात पर व्यंग करते हुए पल्लवी त्रिवेदी जी की एक कहानी मनसुख कवि कैसे बने अमित तिवारी जी की आवाज में
इश्क के फितूर से यह दुनिया अनजान सी है किसे यह बीमारी कब लग जाए ,कुछ कहा नहीं जा सकता ??? 11 वर्ष का एक बच्चा प्रियांक अपनी ही कक्षा में पढ़ने वाली एक लड़की पलछिन के प्रति आकर्षित हो जाता है |इश्क का फितूर उसका क्लास दर क्लास बदलता रहता है | परंतु क्या अपने एहसास को कह पाता है ??या फिर उसके एहसास को पलछिन समझ लेती है??? इसे जानने के लिए बेहद खूबसूरत अंदाज में प्रशांत वैष्णव जी की कहानी अमित तिवारी जी की आवाज में सुनते हैं कहानी इश्को मीटर……
लॉर्ड इर्विन ने इग्नोर किया और गांधी एक लंबे धूल भरे रास्ते पर चलते-चलते दांडी पहुँच गए। गांधी को वहाँ अरब सागर मिला। नमक से बेपनाह भरा सागर। बस्तर का कोई सागर नहीं। भूगोल में उसकी जमीन इस तरह बरती हुई है कि उसके हिस्से कभी कोई नमकीन सागर नहीं होगा। हजारों, लाखों किलोमीटर की वे जंगली दुर्गम पहाड़ी दूरियाँ कभी नापी नहीं जा सकीं जिनसे चल कर उतरना बीमार होना था, मौत था… और इस तरह बरसों तक पहुँचते रहना था नमक की एक दुकान तक। दांडी का इतिहास हुआ। इतिहास, बस्तर के जंगल के बहुत बाहर पड़ा एक तुच्छ शब्द।
the writers is involved in extra marital affair and makes her life कहानी की नायिका अपने बॉस शिंदे से प्रेम करने लगती है |शिंदे एक शादीशुदा आदमी है |शिंदे नायिका को लुभावने सपने दिखाता है |क्या नायिका को इस बात का एहसास होता है कि वह एक खिलौना मात्र है जिसे जब तक मन चाहा खेला और फिर ठुकरा दिया नायिका समाज में औरतों को अपने अनुभवों से क्या समझाना चाहती है पूरी बात जानने के लिए सुनते हैं मन्नू भंडारी जी के द्वारा लिखी गई कहानी स्त्री सुबोधिनी आरती श्रीवास्तव जी की आवाज में
अवंतिका की शादी प्रभाकर से हो चुकी है और उसकी एक बच्ची भी है लेकिन नरेन जिसे वो जी जान से चाहती थी, उसे वर्षों बाद अपने सामने देख और कही चलकर बात करने के आग्रह को वो टाल न सकी। लेकिन चाहकर भी वो नरेन को उसके धोखे के लिए क्षमा नहीं कर सकी।
जेवर और पीहर बुढ़ापे तक इन दो चीजों का मुंह नहीं टूटता |पीहर के प्रति लगाव इतना जबरदस्त होता है कि उसे बरकरार रखने के लिए कई बार बेटियां अपना जायज हक तक छोड़ देती है| चंद्रहार कहानी में भावनाओं का ताना-बाना इसी बात को लेकर बुना गया है| कहानी ने मीनू 3 साल के बाद अपनी मां से मिलने भारत आती है | मां उसको उसकी पसंद का चंद्रहार देना चाहती है किंतु मीनू उसे लेने से इनकार कर देती है पूरी कहानी जानने के लिए सुनते हैं मालती जोशी जी की आवाज में कहानी चंद्रहार
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