सहानुभूति और प्रेम के बिना दुनिया में कुछ भी नहीं |जब अपनापन किसी को वास्तव में मिलता है तो दुनिया की किसी भी चुनौती का सामना कर सकता है |कहानी ने कुछ ऐसा ही है निशीकांत घर में अकेला है और ज्वर से पीड़ित है |कमला उसकी देखभाल हेतु आती है फिर क्या निशिकांत को काफी अच्छा लगता है| आखिर क्या है कमला का निशीकांत से क्या रिश्ता है इस रहस्य को समझने के लिए सुनते हैं विष्णु प्रभाकर की कहानी रहस्य नयनी दीक्षित की आवाज में…
सीमित आय वाला निशिकांत जब अपना मासिक बजट बनाता है तो उसकी मनोदशा समझने लायक होती है |अब ऐसी अवस्था में यदि निशिकांत के पास अतिरिक्त खर्चे आ जाते हैं तो फिर वह किस तरीके से अपना बजट बना पाता है| विष्णु प्रभाकर के द्वारा लिखी गई कहानी जीवन एक कहानी में जानते हैं नयनी दीक्षित की आवाज में…
नारी का अस्तित्व उसके नारीत्व से है ना कि उनकी शारीरिक सुंदरता से | कहानी का मुख्य पात्र निशिकांत सहस्त्रधारा घूमने गया हुआ है| वहां पर निशिकांत की मुलाकात बेहद गुणवान युवती चंद्रा से होती है जो अभी तक अविवाहित है एक युवती चंद्रा से होती है उसका विवाह ना हो पाने का कारण सिर्फ उसकी कुरूपता निशिकांत चंद्रा के बारे में क्या अपनी अंतर्वेदना रखता है इस पूरी कहानी को जानने के लिए सुनते हैं विष्णु प्रभाकर की लिखी कहानी अंतर्वेदना नए नयनी दीक्षित की आवाज में
निशिकांत एक मध्यमवर्गीय ,सुंदर व्यक्ति है | निशिकांत सरकारी दफ्तर में काम कर रहा है |साहित्य में निशिकांत को विशेष रूचि है | उसका सरकारी नौकरी में विशेष मन नहीं लग रहा है |उसका स्वप्न है कि वह भारत मां की सेवा करें |क्या निशिकांत का यह सपना पूरा हो पाता है ? निशिकांत के जीवन में आखिर क्या क्या चल रहा है ? और वह अपने सपने को पूरा करने के लिए क्या प्रयत्न कर रहा है ?इस पूरी कहानी को जानने के लिए सुनते हैं विष्णु प्रभाकर की कहानी निशिकांत का स्वप्न नयनी दीक्षित आवाज में
किसी भी इंसान की वाह्य और आंतरिक रुप में बहुत अंतर होता है ऐसा ही कुछ निशिकांत के साथ है निशिकांत की का विवाह रजनी नाम की साधारण रंग रूप की युवती से हुआ है| यूं तो निशिकांत के सामने प्रेम पूर्वक व्यवहार करता है किंतु कहीं ना कहीं उसके मन में सुंदर युवती से विवाह करने की इच्छा रही है तो क्या ऐसे में वह रजनी के साथ सच्चा प्रेम कर पाएगा? क्या होता है आगे रजनी के साथ क्या होता है इसको जानने के लिए सुनते हैं विष्णु प्रभाकर के द्वारा लिखी गई कहानी छाती के भीतर नयनी दीक्षित की आवाज में
कहानी के मुख्य पात्र निशिकांत के मन की उस दशा को चित्रित किया गया है जहां पर वह स्वयं शादीशुदा होकर भी किसी दूसरी स्त्री के रूप ,सौंदर्य की तरफ आकर्षित है किंतु जब वह अपनी पत्नी को इस रूप में सोचता है कि जैसे वह किसी पराई स्त्री के प्रति आकर्षित है वैसे कोई और भी उसकी पत्नी के प्रति भी आकर्षित हो सकता है |तो क्या वह इसे स्वीकार कर पाएगा| निशिकांत की इस बंद को मन के द्वंद को समझते हैं विष्णु प्रभाकर के द्वारा लिखी गई कहानी निशिकांत नयनी दिक्षित की आवाज में
खूनी खेल – महेश दुबे – नयनी दीक्षित
खेल खेलना तो सबको पसंद होता है बच्चों को, बड़ों को ,बूढ़ों को ,जवान को और फिर उस खेल को खेलने के लिए अगर 2500000 रुपए मिले तो क्या आप उसे खेल कहेंगे या कोई बिजनेस या फिर शौक? 2500000 का इनाम खुद को बचाने के लिए है या फिर दूसरे के मर्डर के लिए। ऐसे ही कुछ दिलचस्प कहानी है खूनी खेल, जिसमें खेल तो है 2500000रूपयों का इनाम भी है लेकिन यह खेल कोई ऐसा- वैसा खेल नहीं खूनी खेल है, जिसमें लोग को मजा़ भी ले रहे हैं और रकम भी दे रहे हैं लेकिन उस रकम का क्या मतलब , जिसका मतलब सिर्फ मौत है! कौन है वह छह खिलाड़ी ?क्या वह इस खेल में जीते? क्या शिकारी खुद शिकार हुआ? यह सारे रहस्य जानने के लिए सुनिए महेश दुबे के द्वारा लिखी गई कहानी खूनी खेल, नयनी दीक्षित की आवाज़ में…
मैडम मार्टिन जिसका पहला पति एक समुद्री यात्रा में समुद्र में जहाज के डूबने पर लापता हो गया था| उसे मृत समझकर 3 वर्ष के बाद मैडम मार्टिन का दोबारा विवाह लिर्वोस्क्यू के साथ हुआ किंतु आज उसका पहला पति उसके सामने आ चुका है ऐसी स्थिति में मैडम मार्टिन की क्या निर्णय लेती है पूरी कहानी जानने के लिए सुनते हैं गाय दी मोपासां की कहानी पहला पति, नयनी दीक्षित की आवाज में…
प्रथम सर्ग – शौर्य प्रदर्शन
रश्मिरथी का प्रथम सर्ग आरम्भ होता है कौरव और पाण्डव राजकुमारों के शक्ति प्रदर्शन से। रंगभूमि में सभी कुमारों के शौर्य को देखकर जनता दंग हो जाती है। तब अचानक आगे आकर कर्ण सभी कुमारों को ललकारते हैं। इस पर उनका कुल – गोत्र जब सभा पूछती है तो वे उत्तर देते हैं
पूछो मेरी जाति शक्ति हो तो मेरे भुजबल से।
रवि समान दीपित ललाट से और कवच कुंडल से।
वाद विवाद के बाद एक तरफ कर्ण को दुर्योधन अंगदेश का राजा बनाते हैं वहीं गुरुवर द्रोण को यह भान हो जाता है कि अर्जुन का मार्ग अब निष्कंटक नहीं रहा।
खूबसूरत नज़्म परवाज़ इस बात का एहसास दिला रही है जब ऐसे वक्त में जब खामोशी आपका साथी बन रही हो और जिन -जिन बातों पर नाज़ करते हो वह आपका साथ छोड़ने लगे, ऐसे उदासीन वक्त में फिर से एक बार कोई आके उन उदासीन पलों को फिर से रंगीन कर दें और जिंदगी फिर से एक नई उड़ान भरने लगे ।सुनते हैं राकेश रविकांत टाक की नज़्म परवाज़, नयनी दीक्षित की आवाज में …
रक्त मंडल के पिछले भाग में आपने सुना कि गोपाल शंकर और मिस्टर केमिन किले पर धावा बोल चुके हैं। किस तरह नगेंद्र नरसिंह गोपाल शंकर को रोज़ के साथ तहखाने में कैद कर , गुब्बारे की सहायता से ऊपर चले गए ।क्या गोपाल शंकर और रोज़ की मौत हो गई ?गोपाल शंकर और मि. केमिन के द्वारा बनाई गई योज़ना सफल हो पाई । इसके आगे के भाग को सुनने के लिए सुनते हैं कहानी का यह हिस्सा
कहानी दो अपरिचित एक महिला यात्री और एक पुरुष यात्री के बीच के वार्तालाप से संबंधित है | बातों ही बातों में जाने- अनजाने में दोनों अपने दिल की व्यथा कह जाते हैं | दोनों की जिंदगी में क्या उलझन है? इसको जानने के लिए सुनते हैं मोहन राकेश जी के द्वारा लिखी कहानी अपरिचित सुमन वैद्य जी की आवाज में
दीनानाथ को एक कार्यालय में जब₹50 की नौकरी मिल जाती है, तो उसकी ईश्वर के प्रति श्रद्धा और बढ़ जाती है| कहानी के एक प्रसंग में दीनानाथ द्वारा गलत कार्य हो जाता है जिसके कारण ईश्वर से दंड मिलने की शंका से दीनानाथ के मन में भय व्याप्त हो जाता है | क्या दीनानाथ का भय वास्तव में सत्य हो जाता है ?क्या दीनानाथ उसी प्रकार ईश्वर में आस्था रख पाता है पूरी कहानी जानने के लिए सुनते हैं प्रेमचंद द्वारा लिखी गई कहानी बासी भात में खुदा का साझा ,सुमन वैद्य जी की आवाज में….
मगर मैं सोचता हूँ – आदमी क्यार चूहे से भी बद्तर हो गया है? चूहा तो अपनी रोटी के हक के लिए मेरे सिर पर चढ़ जाता है, मेरी नींद हराम कर देता है। इस देश का आदमी कब चूहे की तरह आचरण करेगा? लेखक ऐसा क्यों सोच रहा है पूरी कहानी जानने के लिए सुनते हैं हरिशंकर परसाई के द्वारा लिखी गई कहानी चूहा और मैं ,निधि मिश्रा की आवाज में
अवंतिका की शादी प्रभाकर से हो चुकी है और उसकी एक बच्ची भी है लेकिन नरेन जिसे वो जी जान से चाहती थी, उसे वर्षों बाद अपने सामने देख और कही चलकर बात करने के आग्रह को वो टाल न सकी। लेकिन चाहकर भी वो नरेन को उसके धोखे के लिए क्षमा नहीं कर सकी।
कहानी का नायक काफी समय के अंतराल के बाद अपने मामा के यहां गांव आया है|आज उसे वहां की सभी परिस्थितियां पहले से बहुत भिन्न नजर आ रही है| क्या है वह परिस्थितियां? नायक किन पुरानी बातों को स्मरण कर रहा है पूरी कहानी जानने के अंतराल ,सुमन वैद्य की आवाज में
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