मैं उस स्याह रात को कब्रिस्तान में थक कर एक संगमरमर की कब्र के ऊपर बैठ गया | अचानक मैं देखता हूं कि कब्र की संगमरमर की शिला धीरे -धीरे खड़ी हो रही है और उसमें से एक मानव कंकाल अपने खोखले आंखों के कोटर से मुझे घूर रहा है और उसकी कब्र पर जो लिखा हुआ है उसे मिटा रहा है| धीरे-धीरे यह सिलसिला पूरी कब्रिस्तान में शुरू हो गया | कई कब्र खुली ,उनसे मृतक निकले और उन्होंने अपनी कब्र पर से लिखी हुई पंक्तियों को मिटाने लगे |मैंने सोचा कि मेरी मृतक प्रेमिका भी कुछ ऐसा ही कर रही होगी और यह बात सच निकली ,वह भी ऐसा ही कुछ कर रही थी| क्या आप नहीं जानना चाहेंगे ऐसा क्यों हो रहा है ? इन मृतकों के साथ कौन सी अदृश्य सच्चाई दफ़न हो गई है, जो अब भी इन्हें कब्र के अंदर भी चैन से नहीं रहने दे रही ? इस पूरी रोचक कहानी को जानने के लिए सुनते हैं गाय दी मोपासां की कहानी अदृश्य सच्चाई ,नयनी दीक्षित की आवाज में …
चुडैल – गाय दी मोपासां – नयनी दीक्षित
एक अविवाहित स्त्री का मां बनना और बच्चा जन्म लेना, उसके चरित्र हीनता की निशानी है।इस कहानी की नायिका अविवाहित है और अपने जन्मे बच्चे के साथ जाने-अनजाने अत्याचार करती है। समाज़ में अपने जीवन-यापन के लिए वह किस तरीके से पाप के गर्त में गिरती चली जाती है और समाज़ उसे चुड़ैल का नाम देता है।एक पुरुष प्रधान समाज़ में ऐसी एक नारी की क्या स्थिति होती है इस पर समाज़ से प्रश्न करती हुई फ्रेंच लेखक Guy de Maupassant की कहानी चुड़ैल ,जिसे भाव प्रधान आवाज़ दी है नयनी दीक्षित ने…
कहानी में दो कबाड़ उठाने वाले दो दोस्त लिबॉयस और मेलचॉन,एक स्त्री से पांच ट्रेंट में 5 फ्रै़ंक मिनट में एक गधा खरीदते हैं और सिर्फ अपने आमोद -प्रमोद के लिए उस गधे को बड़ी क्रूरतासे उसका वध करते हैं लेकिन इसके बाद कहानी में बहुत मरे हुए गधे से क्या करते हैं? इसे जानने के लिए सुनते हैं गाय दी मोपासां की कहानी गधा ,नयनी दीक्षित की आवाज में …
अगर मर्द बिना मूछों के रहे तो वह मर्द नहीं लगता |एक मूंछ ही तो मर्दाना चेहरे के लिए अनिवार्य होती है और मेरे पति ने एक नौकरानी की भूमिका निभाने के लिए अपनी मूंछे कटवा ली |अब तो शायद ने उन्हें प्यार भी ना कर सकूं| और मर्दों में मूछों के बिना कोई आकर्षण नहीं | मर्दों की मूछों को लेकर एक स्त्री अपनी दोस्त से यह सब बातें क्यों कह रही है ?इसके पीछे क्या वजह हो सकती है? इसे जानने के लिए सुनते हैं गाय दी मोपासां की कहानी मूंछ,नयनी दीक्षित की आवाज में …
पागल खाने के सामने एक लंबा -चौड़ा शख्स फ्रांसिस कुछ इस तरह के भाव दे रहा है जैसे कि वह किसी घरेलू कुत्ते को बुला रहा हो किंतु वहां पर कोई कुत्ता नहीं है कहानी में फ्रांसिस विक्षिप्त सा हो गया है |आखिर कैसे और क्यों और उसका ऐसा होने के पीछे क्या कारण है?पूरी कहानी जानने के लिए सुनते हैं कहानी विक्षिप्त, नयनी दीक्षित की आवाज में
संपूर्णता की अनुभूति करने के लिए पांच पुराने मित्र एक चिकित्सक, एक लेखक और तीन धनी कुंवारे जो रोजगार रहित है ,खाना खाने के बाद स्वप्न को लेकर चर्चा कर रहे हैं | उनमें से एक दोस्त का कहना है स्वप्न हमेशा सुहावने नहीं होते ,अगर स्वप्न देखना है तो जागते हुए देखना चाहिए किंतु जागते हुए सपनों को पूरा करने के लिए बहुत अधिक ताकत और इच्छाशक्ति की आवश्यकता होती है |इस बात को लेकर चर्चा कहां तक बढ़ती है और आगे क्या होता है ?इसे जानने के लिए सुनते हैं कहानी स्वप्न नयनी दीक्षित की आवाज में
कहानी मनुष्य की उस मानसिकता की ओर इंगित करती है कि कभी-कभी प्रसिद्धि पाने और नाम कमाने की अति महत्वाकांक्षा में मनुष्य सही और गलत में अंतर नहीं कर पाता है | ऐसा ही कुछ कहानी के नायक गुरदास के साथ हो रहा है | बचपन से गुरदास के अंदर नाम कमाने और प्रसिद्ध होने की अति महत्वाकांक्षा कूट-कूट कर भरी हुई थी |दुर्भाग्य से उसके साथ कुछ ऐसा नहीं हुआ कि उसे प्रसिद्धि मिलती | गुरदास के बड़े होने पर भी यह महत्वाकांक्षा किस चरम सीमा तक पहुंच चुकी है? क्या उसका यह सपना पूरा हो पाता है ?अगर होता है ,तो कैसे ?यशपाल के द्वारा लिखी गई एक बेहद रोचक कहानी अख़बार में नाम , सुनते हैं नयनी दीक्षित की आवाज में…
शोलागढ़@34km – Kumar Rehman (कुमार रहमान) – Nayani Dixit
जंगल में क्या होने वाला था? पेंटिंग की तलाश हर किसी को क्यों थी ?इंस्पेक्टर सोहराब शोलागढ़ क्यों जा रहा है ?सार्जेंट सलीम को कौन मिल गया था? क्या वह किसी नई मुसीबत में फंसने वाला था ?इंस्पेक्टर सोहराब का शोलागढ़ जाने के पीछे क्या मकसद है? ऐसे बहुत से सवालों से पर्दा उठाने के लिए सुनते हैं कहानी का यह भाग
सत्यान्वेषी – Byomkesh Bakshi (व्योमकेश बक्शी) – Nayani Dixit
सबसे पहले कहानी ब्योमकेश बक्शी के संकलन में है सत्यान्वेषी कहानी में सबसे पहली बार व्योमकेश और अजीत बंदोपाध्याय का एक दूसरे से मिलते हैं और एक दूसरे के दोस्त हो जाते हैं |लेकिन व्योमकेश बख्शी अपना इतना बड़ा घर छोड़कर एक सराय में रहने के लिए जाते हैं उन्हें ऐसा क्या पता करना है उस सराय के चारों ओर जो उन्हें अपना इतना बड़ा घर छोड़कर जाना मजबूर करता है और अजीत इसमें ब्योमकेश बक्शी का साथ कैसे देते हैं ?
होली के अवसर पर हंसी -ठिठोली आम बात है और इस मौसम में लोग एक-दूसरे को बिल्कुल भी छेड़ने से नहीं चूकते । एक कवि सम्मेलन में किस तरह सारे कवि,एक कवियत्री को छेड़ते हैं और कवियत्री ने किस तरीके से इस छेड़खानी का उत्तर दिया ?आनंद लीजिए इस व्यंग का इस कविता में..
ख़ौफ़नाक इमारत – Ibnesafi ( इब्नेसफी) – Nayani Dixit
क्या ऐसी कोई इमारत आपने देखी है जिसके अंदर बनी हुई सालों पुरानी कब्र से मुर्दा निकलकर लोगों का मर्डर कर दे? और आखिर वह मुर्दा ऐसा क्यों कर रहा है? क्या सचमुच उसके अंदर मुर्दा है या कहानी कुछ और ही है ?क्या इस सीरीज़ का जासूस इमरान इन लोगों का पता लगा पाएगा? कौन है यह मुर्दा? मुर्दा है या फिर कोई जिंदा व्यक्ति? कौन कातिल है और कौन शिकारी ? इब्रेसफ़ी की सस्पेंस और थ्रिलर से भरपूर कहानियों की सीरीज़ सुनिए ख़ौफ़नाक इमारत मे, नयनी दीक्षित की आवाज़ में…
अतृप्त आत्माओं से भरे एक महल की कथा जिसका एक एक पत्थर जिंदा व्यक्तियों को अपनी ओर आकर्षित करता है।
तभी अचानक परेशान और भयभीत 3 लड़कियां मेरे पीछे आ रही थी |अचानक से 20 वर्ष की लड़की ने मेरी बांह पकड़ ली और मेरे कान में कुछ फ़ुसफुसाया और मुझसे कहा मैं उसे बचा लूँ। कहानी के नायक ने उस लड़की से पूछा कि आखिर उसके साथ क्या घटित हुआ है इन परिस्थितियों में कैसे फंस गई? कहानी के नायक को क्या कहानी क्या कहानी सुनाई ? इस पूरी कहानी को जानने के लिए सुनते हैं गाय दी मोपासां की कहानी एक अभागिन,नयनी दीक्षित की आवाज में …
“हिंदुस्तानी अफ़सर – “”आप मुझे कोई और बंगला अलॉट कर दीजिए। वहाँ मेरी जान को खतरा है। कोई साया और आवाज़ जैसे मेरा पीछा कर रहे हैं।””
स्टेट अफ़सर – “”तुम्हें किसी बात का भ्रम हुआ होगा। कोई भूत-वूत नहीं होते। मैं इसकी जांच कराता हूँ।””
जांचकर्ता – “”अरे देखो! बाथरूम की खुदाई करने पर एक मानव कंकाल मिला है।””
शिमला के कैथो बंगले पर जो कोई भी रहने जाता, एक साया और एक आवाज़ उसका पीछा करती रहती। बंगले के बाथरूम में जब खुदाई हुई तो एक मानव कंकाल भी मिला। यह सब क्या था? यह कंकाल किसका था? क्या वाकई उस बंगले में किसी आत्मा का साया है? और आखिर वह आत्मा क्या कहना चाह रही है?
इस रहस्यमयी घटना के पीछे की सच्चाई क्या है? जानिए सत्य घटना पर आधारित डिप्टी कमिश्नर किंग के द्वारा लिखी गई कहानी ‘शिमला का बंगला’ में। आज ही सुनें शैफ़ाली कपूर की आवाज़ में।”
शोलागढ़@34km – Kumar Rehman (कुमार रहमान) – Nayani Dixit
जंगल में क्या होने वाला था? पेंटिंग की तलाश हर किसी को क्यों थी ?इंस्पेक्टर सोहराब शोलागढ़ क्यों जा रहा है ?सार्जेंट सलीम को कौन मिल गया था? क्या वह किसी नई मुसीबत में फंसने वाला था ?इंस्पेक्टर सोहराब का शोलागढ़ जाने के पीछे क्या मकसद है? ऐसे बहुत से सवालों से पर्दा उठाने के लिए सुनते हैं कहानी का यह भाग
हेज़ल: क्या तुम्हें मालूम है कि कल रात किसी ने गरीब पीटर को चाकू मार कर कत्ल कर दिया?
एलिज़ाबेथ: मैं यह भी जानती हूँ कि पीटर का कातिल और कोई नहीं, बल्कि तुम्हारा पति रेमंड ही है।
हेज़ल: (हैरान होते हुए) यह नामुमकिन है! मेरे पति तो एक रोड हादसे में मर चुके हैं। वह भला पीटर की हत्या कैसे कर सकते हैं?
वाल्टर: एलिज़ाबेथ! तुम्हें हेज़ल के मरे हुए पति के बारे में ऐसा नहीं कहना चाहिए।
यहां पर कई सवाल उभरते हैं: एलिज़ाबेथ ने हेज़ल के पति रेमंड पर पीटर की हत्या का इल्जाम क्यों लगाया? आखिर यह पीटर कौन है और उसकी हत्या की वजह क्या हो सकती है? रेमंड का पीटर की हत्या से क्या संबंध हो सकता है? अगर रेमंड ने पीटर की हत्या नहीं की, तो असली कातिल कौन है? और एलिज़ाबेथ का रेमंड के साथ क्या रिश्ता है?
इन सभी सवालों के जवाब जानने के लिए सुनिए एरूनिका पार्कर जोन्स द्वारा लिखी गई रहस्यमय कहानी ‘साजिशबाज़ औरत’ शैफ़ाली कपूर की आवाज़ में।
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