वह एक दिन हीरा मंडी का रास्ता चौबारा छोड़ कर शाहर के सबसे बड़े होटल फ्लैटी में आ गयी थी। वही शहर था, पर सारा शहर जैसे रातों रात उसका नाम भूल गया हो, सबके मुंह से सुनायी देता था -शाह की कंजरी। गजब का गाती थी। कोई गाने वाली उसकी तरह मिर्जे की सद नहीं लगा सकती थी। इसलिये चाहे लोग उसका नाम भूल गये थे पर उसकी आवाज नहीं भूल सके| शाह की कंजरी के नाम से जाने वाली नीलम महफिलों में गाने बजाने एक युवती है शाहनी जी के बड़े बेटे की शादी में उसे बुलाया जाता है तब शाहनी नीलम के साथ किस प्रकार का बर्ताव करती है अमृता प्रीतम के द्वारा लिखी गई कहानी शाह की कंजरी में …
अमृता प्रीतम की लिखी हुई इस नज़्म “दुआ ” में ऐसा क्यों महसूस होता है की कोई दुआ कबूल हो या ना हो लेकिन इस नज़्म में मांगी गई दुआ को जरूर कबूल होना चाहिए |आखिर क्या है वह दुआ उसे जानने के लिए सुनते हैं अनुर्वी कीआवाज में अमृता प्रीतम की लिखी हुई नज़्म “दुआ “में”…
मैं तुम्हें फिर मिलूँगी इस कविता से शुरुवात होती है इस शीर्षक प्रेम की कविताओं की।
मैं तुम्हें फिर मिलूँगी आखिरी कविता थी जो अमृता ने लिखी थी। प्रेम से लबरेज़ ये कविता, आंखे नम कर देती है। बेइन्तहां प्रेम में डूबी अमृता, बेहद बीमार अमृता पूरे प्रेम और समर्पण से अपने आप को तैयार कर लेती हैं अपनी आने वाली अन्त यात्रा के लिए।
प्रेम शीर्षक के अंतर्गत जी कविताएँ हैं, उनमें न सिर्फ उनका अपने साथी के लिए प्रेम उमड़ता है, बल्कि, उंस ईश्वर के लिए भी प्रदर्शित होता है जिसके आगे उन्होंने समर्पण कर दिया है।
सुनते हैं शीर्षक प्रेम के अंतर्गत, आत्मा की परमात्मा के लिए प्रेम में डूबी मैं तुम्हें फिर मिलूँगी की कुछ कविताएँ गाथा ऐप्प पर, पल्लवी गर्ग की आवाज़ में
नज़्म क्या है? यह प्रश्न हमेशा गूंजता रहता है किंतु अमृता प्रीतम की इस नज़्म को पढ़कर इसका जवाब मिल गया है| क्या है इसका जवाब ?इसे जानने के लिए के लिए सुनते हैं अनुर्वी की आवाज में अमृता प्रीतम की यह नज़्म
2 साल पहले की बात है आज करमांवाली, डोली वाली लड़की ,एक औरत बन चुकी है| शादी के बाद करमांवाली के जीवन में जो कुछ भी घटित हुआ वह उसके चेहरे पर साफ -साफ झलक रहा है |आज जब लेखिका की पुनः करमांवाली से मुलाकात होती है तो लेखिका ने करमांवाली के संघर्ष को कहानी का रूप दिया है| करमांवाली के जीवन को अमृता प्रीतम ने किस तरीके से कहानी का रूप दिया है? जानने के लिए सुनते हैं अनुर्वी मेहरा की अवाज़ में कहानी करमांवाली…2 साल पहले की बात है आज करमांवाली, डोली वाली लड़की ,एक औरत बन चुकी है| शादी के बाद करमांवाली के जीवन में जो कुछ भी घटित हुआ वह उसके चेहरे पर साफ -साफ झलक रहा है |आज जब लेखिका की पुनः करमांवाली से मुलाकात होती है तो लेखिका ने करमांवाली के संघर्ष को कहानी का रूप दिया है| करमांवाली के जीवन को अमृता प्रीतम ने किस तरीके से कहानी का रूप दिया है? जानने के लिए सुनते हैं अनुर्वी मेहरा की अवाज़ में कहानी करमांवाली…
अनजान,अजीब सी लडकी …जो अक्सर लाल स्कार्फ बांधे रहती…..कभी कभी काला भी… लड़की जब घरौंदे बनाती तो लाल स्कार्फ पहनती और जब उनको मिटाती तो काला आखिर क्या राज है इसके पीछे ?जानने के लिए सुनते हैं कहानी लाल स्कार्फ वाली लड़की ,अंजू जेटली की आवाज में
बुढ़ापे में एकाकीपन और उसके कारण अवसाद को समेटे स्वाति तिवारी की कहानी बंद मुट्ठी बेहद भावुक कर देने वाली है जानते हैं कैसे एक वृद्धा जिसे सभी चाची कहते हैं अपना एकाकीपन किस प्रकार समेट रही है ?अंजू जेटली आवाज में
हर मां बाप के लिए उसका बच्चा दुनिया का सबसे खूबसूरत बच्चा होता है| इस बात को किस प्रकार बीरबल ने अकबर को समझाया ?पूरी कहानी जानने के लिए सुनते हैंमोनीषा मुकुंदन की अकबर बीरबल की कहानियां,अंजू जेटली की आवाज में..
शाहनी एक बड़ी उम्र की महिला है | शाह जी के ना रहने के बाद शाहनी उनकी ऊंची हवेली और जायदाद होने के बावजूद बिल्कुल अकेली है| शेरा शाहनी के पास ही पलकर बड़ा हुआ है| आज शाहनी ने जो शाह जी के मरने के बाद उनकी अमानत को संभाल के रखा था वह वह क्यों उनसे छीना जा रहा है? उसे कौन धोखा दे रहा है ?पूरी कहानी जानने के लिए सुनते हैं कृष्णा सोबती के द्वारा लिखी गई कहानी सिक्का बदल गया ,अंजू जेटली की आवाज में…
एक कामकाजी महिला के ऊपर समाज किस प्रकार शोषण करता है इसी बात दर्शाती है कहानी एक फलसफा जिन्दगी कहानी में सुभद्रा सुंदर सुशिक्षित लड़की है |जिसको कई बार नौकरी में शोषित किया जा रहा है| सुभद्रा कैसे इस बात से बाहर निकलती है जानने के लिए सुनते हैं स्वाति तिवारी की लिखी हुई कहानी एक फलसफा जिन्दगी ,अंजू जेटली की आवाज में
A kabuliwala, an merchant from Kabul used to sell the dry fruits in a village. He developed a fatherly relationship with a little girl and used to provide nuts and resins free of cost. That’s the way he was trying to remember his own little daughter. One day he went to jail for stabbing a villager. After returning from jail he figured out the fact that time flew by then and the little girl is not little anymore. He felt lost and depressed thinking that he will have the same experience with his own little daughter and it would be hard to connect with her following the same reason.
कहानी एक अनोखे चोर की है| गांव वाले चोर को पकड़ लेते हैं |उसके पास से एक पुरानी गीली धोती, लगभग दो सेर चने और एक पीतल का लोटा मिलता है |फिर भी गांव वाले उसे थाने ले जाते हैं| नरायन चोर को भाग जाने के लिए कहता भी है| किंतु चोर नहीं भागता | क्या है इसके पीछे की कहानी जानने के लिए सुनते हैं एक चोर की कहानी ,निधि मिश्रा की आवाज में
मिश्राजी यूं तो बिजली का बिल कम आए इसके लिए मीटर रीडिंग लेने आने वाले अली भाई से पैसे देकर सेटिंग जमाए हुए हैं लेकिन अंत में पाते हैं की उनकी सेटिंग की अपेक्षा उनके घर काम करने वाली बाई की सेटिंग ज्यादा कारगर है।
रोजी मेरे पिताजी के राजकुमार विद्यार्थी द्वारा दी गई एक कुत्ती थी। एक रोज जब हम आम की डाल पर झूल – झूल कर अपने संग्रहालय का निरीक्षण कर रहे थे, तब हमने देखा कि रोजी़ मुँह में किसी जीव को दबाए हुए ऊपर आ रही है। आकार में वह गिलहरी से बढ़ा न था पर आकृति में स्पष्ट अंतर था। रामा उसे रुई की बत्ती से दूध पिलाता। कुछ ही दिनों में वह स्वस्थ और पुष्ट होकर हमारा साथी हो गया। बाबू जी से यह सुनकर कि हमारे लिए टट्टू आया है , हम उससे रुष्ट और अप्रसन्न ही घूमते रहे पर अंत में उसने हमारी मित्रता प्राप्त कर ही ली। नाम रखा गया रानी। फिर हमारी घुड़सवारी का कार्यक्रम आरंभ हुआ। एक छुट्टी के दिन दोपहर में सबके सो जाने पर हम रानी को खोलकर बाहर ले आए। मेरे बैठ जाने पर भाई ने अपने हाथ की पतली संटी उसके पैरों में मार दी। इससे ना जाने उसका स्वाभिमान आहत हो गया या कोई दुखद स्म्रति उभर आयी । वह ऐसे वेग से भागी मानो सड़क पर नदी- नाले सब उसे पकड़कर बाँध रखने का संकल्प किए हो। कुछ दूर मैंने अपने आप को उस उड़न खटोले पर सँभाला परंतु गिरना तो निश्चित था !
शकुन डॉक्टर के पास जाने की जिद कर रही है, तो क्या मुझ में कुछ कमी है जो शकुन माँ नहीं बन पा रही है? दोनों के बीच दूरी बढ़ती जा रही है। शकुन बुझी -बुझी सी रहने लगी है । सतीश देख रहा था कि शकुन आलोक के आने से बहुत खुश है ।तो क्या उन दोनों के बीच ? नहीं – नहीं ,यह मेरे दिमाग का फितूर है। शकुन मेरी है, सिर्फ मेरी ।जैसे शादी के पहले 2 साल तक थी।
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pragati sharma