कहानी केतकी और अंश की एक अधूरी प्रेम कहानी को इंगित करती है |केतकी बहुत ही सुंदर, शिक्षित और बेहद व्यवहार कुशल लड़की है |उसके मां -बाप नहीं है, मौसी – मौसा जी ने उसका पालन किया है | केतकी और अंश एक साथ पढ़ाई कर रहे हैं |अंश और केतकी एक दूसरे को बेहद पसंद करते हैं किंतु जब अंश, केतकी के सामने अपने प्रेम का इजहार करता है तब केतकी इस बात को अस्वीकार कर देती है | आखिर क्या वजह है इसके पीछे ?पूरी कहानी जानने के लिए सुनते हैं अनुलता राज नायर द्वारा लिखी कहानी केतकी ,अंजू जेटली की आवाज में
कहानी में नायक नेपाल के पोखरा अपने पूरे परिवार के साथ घूमने के उद्देश्य से जाता है |नायक किस प्रकार किस प्रकार पोखरा पहुंचता है? और वहां जाकर क्या होता है ? यात्रा वर्णन सुनते हैं अंजू जेटली की आवाज में
जीवन की सत्यता से परिचित कराती हुई यह कहानी जिसमें शारीरिक सौंदर्य ,मानसिक और व्यवहारिक सुंदरता पर हमेशा होता है| ऐसी कहानी है मानसी की है| जिसकी दोस्ती इंटरनेट पर अनुपम से होती है अनुपम बिना देखे मानसी के पत्र व्यवहार से बहुत प्रभावित होता है और उसे अपनी जीवनसंगिनी बनाना चाहता है किंतु जब वास्तव में मानसी को देखता है तो क्या अपने इसी विचार पर कायम रह पाता है| पूरी कहानी जानने के लिए सुनते हैं शब्दों के प्रवाह अंजू जी की आवाज
दुनिया में आखिर सबसे बड़ी चीज क्या है? किस प्रकार बीरबल ने अपने उत्तर से बादशाह अकबर को संतुष्ट किया |पूरी कहानी जानने के लिए सुनते हैं अंजू जेटली की आवाज …
बुढ़ापे में एकाकीपन और उसके कारण अवसाद को समेटे स्वाति तिवारी की कहानी बंद मुट्ठी बेहद भावुक कर देने वाली है जानते हैं कैसे एक वृद्धा जिसे सभी चाची कहते हैं अपना एकाकीपन किस प्रकार समेट रही है ?अंजू जेटली आवाज में
भारत और पाकिस्तान के पर्वतीय सीमावर्ती इलाके पर कैप्टन समीर और उनका दोस्त पराग शिकार के उद्देश्य से वहां जाते हैं| रात होने पर रैन बसेरा के उद्देश्य से वे दोनों पेड़ों के पीछे छुप कर बैठ जाते हैं सुनसान रात में अपनी आंखों से जो दृश्य देखते हैं उससे वह बहुत अचंभित होते हैं| उन्होंने अपनी आंखों से क्या दृश्य देखा? क्या है उस बात का रहस्य? जानने के लिए सुनते हैं कहानी घुड़सवार सैनिकों की प्रेतआत्माएं ,अमित तिवारी की आवाज में..
अवंतिका की शादी प्रभाकर से हो चुकी है और उसकी एक बच्ची भी है लेकिन नरेन जिसे वो जी जान से चाहती थी, उसे वर्षों बाद अपने सामने देख और कही चलकर बात करने के आग्रह को वो टाल न सकी। लेकिन चाहकर भी वो नरेन को उसके धोखे के लिए क्षमा नहीं कर सकी।
मन और हृदय अलग-अलग संवेदना से क्यों गुजर रहे हैं? अगर मन स्थिर और शांत है फिर क्यों हृदय में संग्राम छिड़ा हुआ है ?बेहद खूबसूरत शब्दों से पिरोया है इस दुविधा को अनुपम ध्यानी जी ने अपनी कविता मन में कोहरा, कोहराम हृदय में अपनी स्वयं की आवाज से
नेहा ओम बाबू और निरूपा की बेटी है ओम बाबू हद से ज्यादा अपनी बेटी नेहा से प्रेम करते हैं रघु नेहा को स्कूल के दिनों से प्रेम करता है नेहा की खातिर कुछ भी करने को हमेशा तैयार रहता है इधर नेहा की दोस्ती अर्जुन और फिर रघुवीर से हो जाती है परंतु अचानक से एक दिन कोई दोनों के सिर पर वार कर उन्हें घायल कर देता है नेहा को इस बात की शंका है कि यह काम रघु के द्वारा किया गया है क्या नेहा की शंका सत्य है या इसके पीछे कोई और कारण है प्रेम और सस्पेंस से भरी इस मनोरंज क जुनैद के द्वारा लिखी गई कहानी फितूर को सुनते हैं अमित तिवारी जी की आवाज म
भून के अपने दिल को – Arvind saxena – Priya bhatia
तेरे रोने से उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता ऐ दिल.. जिनके चाहने वाले ज्यादा हो.. वो अक्सर बे दर्द हुआ करते हैं….
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