रक्तमंडल के पिछले भाग में आपने सुना कि कैप्टन कैप्टन फ़्युगैसन को अपना कैंप नष्ट कर देने के लिए संदेशा आया जो रक्त मंडल की तरफ से था। अमर सिंह जो रक्त मंडल गिरोह का बहुत ही उम्दा जवान सैनिक था, किले के अंदर उसे बारूद और मैगज़ीन को नष्ट करने के लिए भेजा गया लेकिन वहां उसकी मुलाकात अपने बरसो पहले बिछड़े पिता रघुवीर सिंह से हुई। रघुवीर सिंह उस किले के प्रधान अधिकारी थे क्या बाप और बेटे एक दूसरे से मिल पाए? अमर सिंह ने मैगजीन नष्ट करने पर अपनी जान भी गंवा दी। आगे क्या हुआ जाने के लिए सुनिए रक्त मंडल के इस भाग को नयनी दीक्षित की आवाज़ में..।
क्त मंडल के भाग 7 में आपने सुना था कि किस तरह गोपाल शंकर भेष बदलकर नगेंद्र और केशव के किले तक का रास्ता बनाकर पहुंच जाते हैं? क्या लिखा था उस चिट्ठी में जो गोपाल शंकर ने बुड्ढे के बेस में नगेंद्र के हाथ में दी थी ?और भयानक चार और नगेंद्र सिंह की कमेटी में क्या बातें हुई और नगेंद्र सिंह ने कमेटी को क्या सलाह दी ?क्या यह सलाह देश के हित में थी या अहित में ?जानने के लिए सुनते हैं रक्त मंडल का भाग 8 नयनी दीक्षित की आवाज़में..।
रक्त मंडल के भाग 8 में सुना कि पंडित गोपाल शंकर बूढ़े का भेष बनाकर किले के अंदर से जरूरी सामान जैसे ज़हाज ,बेतार के तार के यंत्र सब कुछ जरूरी सामान लेकर चकमा हो जाता है ।इधर नगेंद्र रक्त मंडल गिरोह के सेनापति के रूप में नियुक्त किया जाता है। और वह युद्ध की तैयारियों में लग जाता है। वापस आने के बाद गोपाल शंकर जी की मुलाकात वाहिद अली खान और मैकडॉनल्स सलाइस् से हुई जो उस प्रांत के लाड साहब है। मृत्यु किरण देखने और जानने के बाद गोपाल शंकर और मैकडॉनल्ड में क्या बातचीत हुई इसे पूरा जानने के लिए सुनते हैं रक्त मंडल भाग 9 नयनी दीक्षित की आवाज़ में..
जब पंडित गोपाल शंकर को रक्त मंडल गिरोह से चिट्ठी मिली जो उससे पहले कई धनी लोगों को मिल चुकी थी तो उन्होंने मिस्टर कैमिन की मदद लेनी चाहिए। गोपाल शंकर का नेपाल जाना रक्त मंडल के गिरोह को पता चल गया । पंडित गोपाल शंकर नेपाल जाकर कौन सा काम करते थे? जिसका राज़ मिस्टर कैमिन के अलावा किसी और को नहीं पता क्या वह कोई अनैतिक या गैर कानूनी काम करते थे और रक्त मंडल के गिरोह को इसके बारे में पता चल गया था और वो इसे बंद कर आना चाह रहे थे कौन है 2 नग नरेंद्र सिंह और नागेंद्र सिंह दो भाई ?इसके आगे के किस्से को जानने के लिए सुनते हैं कहानी रक्त मंडल का भाग 5 नयनी दीक्षित की आवाज में
रक्त मंडल के पिछले भाग में आपने सुना कि पंडित गोपाल शंकर मुरारी को सभी काम समझा कर काशी के लिए रवाना हो जाते हैं ।दूसरी तरफ मिस्टर केमिन गंगा किनारे घूमते हुए एक छोटे से लड़के को डूबने से बचाते हैं। कौन है यह लड़का ?और उसको डूबता हुआ छोड़कर नाव में सवार दो आदमी क्यों भाग गए ?कौन है वह नौजवान जो उन आदमियों से उस डूबते हुए बच्चे के बारे में पूछ रहा है ?नाव को डुबोकर बज़ड़े को कहां ले जाया गया और इसके आगे क्या हुआ जानने के लिए सुनते हैं रक्त मंडल का यह भाग.
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रक्त मंडल के पिछले भाग में आपने सुना कि नवाब हैदर जंग बहादुर को रक्त मंडल की तरफ से एक चिट्ठी प्राप्त हुई है । हैदर जंग बहादुर ने उस बात पर ध्यान ना देते हुए अंग्रेज़ी हुकूमत का साथ देने का फैसला किया ।उनकी रियासत मुजफ्फरगढ़ में, बड़े लाड साहब जो आने वाले थे। तैयारियां बड़े जोरों से चल रही थी लेकिन इन सारी तैयारियों के बीच और चिट्ठी को नज़रअंदाज करने का नतीज़ा क्या निकला? सुनिए इस भाग में…।
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रक्त मंडल के भाग 8 में सुना कि पंडित गोपाल शंकर बूढ़े का भेष बनाकर किले के अंदर से जरूरी सामान जैसे ज़हाज ,बेतार के तार के यंत्र सब कुछ जरूरी सामान लेकर चकमा हो जाता है ।इधर नगेंद्र रक्त मंडल गिरोह के सेनापति के रूप में नियुक्त किया जाता है। और वह युद्ध की तैयारियों में लग जाता है। वापस आने के बाद गोपाल शंकर जी की मुलाकात वाहिद अली खान और मैकडॉनल्स सलाइस् से हुई जो उस प्रांत के लाड साहब है। मृत्यु किरण देखने और जानने के बाद गोपाल शंकर और मैकडॉनल्ड में क्या बातचीत हुई इसे पूरा जानने के लिए सुनते हैं रक्त मंडल भाग 9 नयनी दीक्षित की आवाज़ में..
रक्त मंडल के पिछले भाग में आपने सुना कि नगेंद्र नरसिंह गुब्बारे में सवार उड़ते -उड़ते भारत की सीमा से नेपाल पहुंच जाते हैं और वहीं एक पहाड़ी इलाके में नरेंद्र सिंह और कामिनी की नज़र उन के गुब्बारे पर पड़ती है वह उन्हें बचाने के लिए दौड़ पड़ते हैं वहीं दूसरी तरफ अंग्रेज़ी फौज़ के सिपाही नगेंद्र सिंह का पीछा करते-करते नेपाल की सीमा तक आ जाते हैं मगर किस तरह अपनी सूझबूझ ,समझदारी से नरेंद्र सिंह ने सारी समस्या का समाधान निकाल लेता है? आगे क्या हुआ जानिए इस भाग में..।
रक्त मंडल के पिछले भाग में आपने सुना कि बाबू बटुक चंद की हत्या कर दी और उनका बेटा कहीं गायब है और किस तरह से रक्त मंडल के सिपाहियों ने सरकारी खज़ाने को रास्ते से ही लूट लिया बड़े से बड़े अफसर भी उनका मुकाबला नहीं कर पाए। मृत्यु किरण से छोड़े गए गोले पूरे लश्कर को ले डूबे। रक्त मंडल के सदस्य सरकारी खज़ाने को अपने साथ ले गए आगे क्या हुआ? जानने के लिए सुनते हैं नयनी दीक्षित की आवाज़ में रक्त मंडल का यह भाग…
जब पंडित गोपाल शंकर को रक्त मंडल गिरोह से चिट्ठी मिली जो उससे पहले कई धनी लोगों को मिल चुकी थी तो उन्होंने मिस्टर केमिन की मदद लेनी चाहिए गोपाल शंकर का नेपाल जाना रक्त मंडल के गिरोह को पता चल गया अब पंडित गोपाल शंकर नेपाल जाकर कौन सा काम करते थे जिसका राज मिस्टर केम इन के अलावा किसी और को नहीं पता क्या वह कोई अनैतिक या गैर कानूनी काम करते थे और भक्त मंडल के गिरोह को इसके बारे में पता चल गया था इसके आगे के किस्से को जानने के लिए सुनते हैं कहानी रक्त मंडल का भाग 4 नयनी दीक्षित की आवाज में
रक्त मंडल के पिछले भाग में आपने सुना कि नगेंद्र नरसिंह कामनी से 1 महीने बाद मिलने का वादा कर अपने लक्ष्य की ओर चल पड़ा। क्या नरेंद्र नर्सिंग रास्ते में पकड़ा गया? और वहीं दूसरी तरफ नेपाल के राजा विक्रम सिंह अपनी हुकूमत अंग्रेज़ों को देने के लिए तैयार हो गए? या अंग्रेजों के साथ जंग लड़ते -लड़ते ढेर हो गए? क्या हुआ नेपाल का हाल? सुनिए इस भाग में…
Maa Brahmacharini
शारदीय नवरात्रि के दूसरे दिन मां दुर्गा के ब्रह्मचारिणी स्वरूप की पूजा का दिन होता है। बता दें कि ब्रह्म का अर्थ तपस्या से है। मां का ये रूप अपने भक्तों और सिद्धों को अनंत फल देने वाला है। इनकी उपासना से तप, त्याग, वैराग्य, सदाचार और संयम की वृद्धि होती है। शास्त्रों में ब्रह्मचारिणी का अर्थ तप की चारिणी यानि तप का आचरण करने वाली बताया गया है। देवी का यह रूप पूर्ण ज्योतिर्मय और अत्यंत भव्य है। इस देवी के दाएं हाथ में जप की माला है और बाएं हाथ में यह कमण्डल धारण किए हैं।
Chants credit- Jyoti upreti sati
शिव एक युगपुरुष है।आदि और अंत वही है। यह अनूठी होली की दास्तान है जोकि शमशान में खेली जाती है। जहां कवि ने शिव के माध्यम से जीवन के आरंभ और अंत का बखूबी से वर्णन किया है…
नकली नाक – Ibnesafi ( इब्नेसफी) – Nayani Dixit
इब्ने सफ़ी अपने जानदार जासूसी उपन्यासों के लिए जाने जाते हैं । जिसमें बहुत सारी कल्पना और जानकारियाँ शामिल होती है। नकली नाक कहानी का मुख्य किरदार जैसे जाबिर एक चालबाज बूढ़ा है जाबिर बेहद पेचीदा श़ख्स है जिसे किसी भी किस्म का इंसानी ज़ज्बा छू भी नहीं पाता और वह आखिर में फ़रीदी जैसे होशियार डिटेक्टिव को भी चकमा देकर हर बार निकल जाता है ।क्या अंत में जाबिर पकड़ा जायेगा ?मगर कैसे? जासूसी कथा नकली नाक मेंजानिए नयनी दीक्षित की आवाज. में…
होली का त्योहार रंग ही नहीं प्रेम और विश्वास का भी त्यौहार है। होली के इस अवसर पर दोस्त ही नहीं बल्कि सारे भेदभाव,लड़ाई- झगड़े भूलकर,दुश्मन भी गले मिल जाते हैं ।यही संदेश देती हुई हरिवंश राय बच्चन के द्वारा लिखी गई यह कविता…
बाबू बटुक चंद्र का बेटा किसी के द्वारा अगवा कर लिया जाता है और फिरौती में ₹100000 की मांग की जाती है एक तो बच्चे के अगवा होने के कारण और दूसरा खुद राय साहब ना बन पाने के कारण बटुक चंद बुरी तरह से आहत हो जाते हैं और वह चाह कर भी पुलिस की मदद नहीं ले पाते क्या होगा उनके बेटे का जो अभी तक अगवा है आगे की कहानी जानने के लिए सुनते हैं रक्त मंडल
हेज़ल: क्या तुम्हें मालूम है कि कल रात किसी ने गरीब पीटर को चाकू मार कर कत्ल कर दिया?
एलिज़ाबेथ: मैं यह भी जानती हूँ कि पीटर का कातिल और कोई नहीं, बल्कि तुम्हारा पति रेमंड ही है।
हेज़ल: (हैरान होते हुए) यह नामुमकिन है! मेरे पति तो एक रोड हादसे में मर चुके हैं। वह भला पीटर की हत्या कैसे कर सकते हैं?
वाल्टर: एलिज़ाबेथ! तुम्हें हेज़ल के मरे हुए पति के बारे में ऐसा नहीं कहना चाहिए।
यहां पर कई सवाल उभरते हैं: एलिज़ाबेथ ने हेज़ल के पति रेमंड पर पीटर की हत्या का इल्जाम क्यों लगाया? आखिर यह पीटर कौन है और उसकी हत्या की वजह क्या हो सकती है? रेमंड का पीटर की हत्या से क्या संबंध हो सकता है? अगर रेमंड ने पीटर की हत्या नहीं की, तो असली कातिल कौन है? और एलिज़ाबेथ का रेमंड के साथ क्या रिश्ता है?
इन सभी सवालों के जवाब जानने के लिए सुनिए एरूनिका पार्कर जोन्स द्वारा लिखी गई रहस्यमय कहानी ‘साजिशबाज़ औरत’ शैफ़ाली कपूर की आवाज़ में।
कहानी में 60 साल के एक हीरे के व्यापारी धनपाल जी का उन्हीं की हवेली में हत्या हो जाती है |परिवार में उनकी पहली पत्नी की बेटी नमिता,उनके भाई का बेटा घनश्याम और उनकी दूसरी पत्नी सोनिया रहते हैं | हत्या के रहस्य से उलझा यह केस प्राइवेट डिटेक्टिव अविनाश के पास आता है |किस प्रकार अविनाश इस हत्या के इस रहस्य को सुलझा पाता है? कौन है धनपाल जी का हत्यारा? अमित कुमार पांडे द्वारा लिखी सस्पेंस से भरी कहानी हत्या हवेली, में जानते हैं अमित तिवारी की आवाज में
रक्त मंडल के पिछले भाग में आपने सुना कि गोपाल शंकर और मिस्टर केमिन किले पर धावा बोल चुके हैं। किस तरह नगेंद्र नरसिंह गोपाल शंकर को रोज़ के साथ तहखाने में कैद कर , गुब्बारे की सहायता से ऊपर चले गए ।क्या गोपाल शंकर और रोज़ की मौत हो गई ?गोपाल शंकर और मि. केमिन के द्वारा बनाई गई योज़ना सफल हो पाई । इसके आगे के भाग को सुनने के लिए सुनते हैं कहानी का यह हिस्सा
“डैनी: “”एमिला, मैं तुम्हें बहुत प्यार करता हूं। मेरे प्यार की ख़ातिर मैं तुम्हें एक छोटी सी तकलीफ़ देना चाहता हूं।””
एमिला: “”क्या कह रहे हो, डैनी? कैसी तकलीफ़, कैसी मदद? मैं कुछ समझी नहीं।””
डैनी: “”तुम्हें डॉक्टर ड्यूड के यहां से कुछ फाइलें लानी पड़ेगी।””
एमिला: “”पर ऐसा करना तो गलत होगा।””
डैनी डॉक्टर ड्यूड के यहां से एमिला से कुछ फाइलें क्यों मंगवाना चाह रहा है? आखिर इसके पीछे उसका क्या मकसद है? क्या एमिला अपने प्यार की खातिर यह गलत काम करने को राज़ी हो जाती है? क्या है इसके पीछे का राज़? जानने के लिए सुनिए नसरीन हिना के द्वारा लिखी गई कहानी ‘ब्लैकमेल’, शैफ़ाली कपूर की आवाज़ में।
पंडित गोपाल शंकर को भी उसी प्रकार की एक चिट्ठी मिली जो रक्त मंडल गिरोह से आई थी रक्त मंडल गिरोह के बारे में जानने के लिए गोपाल दास ने अपनी खुफिया लाइब्रेरी से किताब निकाली और उनके बारे में जानकारी प्राप्त करनी चाहिए किंतु भयानक चार नामक के मुखिया के बारे में अभी तक उसे कोई जानकारी नहीं प्राप्त हो पाई। क्या उन्हें इस किताब के जरिए कुछ पता चल पाएगा? क्या पंडित गोपाल शंकर नेपाल जाने के बाद मिस्टर कैमिन और रोज़ को इसके बारे में और इस किताब के बारे में कुछ बता पाएंगे? इसे जानने के लिए सुनते हैं कहानी का अगला भाग नयनी दीक्षित की आवाज़ में..
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