रामनाथ एक क्रांतिकारी है | रामनाथ में पूरा जीवन भारत माता के लिए समर्पित कर दिया| जिसके चलते आप 30 वर्षों के बाद वह जेल से निकल पाया है |जेल से निकलने के पश्चात निशिकांत और उसकी पत्नी के पास पहुंचा है दोनों दंपत्ति रामनाथ का बेहद स्नेह के साथ ख्याल रख रहे हैं किंतु फिर भी रामनाथ उनके पास नहीं रहना चाहता आखिर क्यों विष्णु प्रभाकर की कहानी क्रांतिकारी जानते हैं नयनी दीक्षित की आवाज में
निशिकांत एक सरकारी दफ्तर में कार्यरत है |12 साल की नौकरी में बहुत खुश नहीं है| अपनी योग्यता के हिसाब से ही पद की इच्छा रखता है | वास्तव में उसकी इच्छा अपने देश की स्वतंत्रता में योगदान देने की है| ऐसे में आखिर उसके साथ क्या होता है ?क्या होता है आगे निशिकांत की जीवन में ?जानने के लिए सुनते हैं विष्णु प्रभाकर की द्वारा लिखी गई कहानी अरुणोदय, नयनी दीक्षित की आवाज में
सीमित आय वाला निशिकांत जब अपना मासिक बजट बनाता है तो उसकी मनोदशा समझने लायक होती है |अब ऐसी अवस्था में यदि निशिकांत के पास अतिरिक्त खर्चे आ जाते हैं तो फिर वह किस तरीके से अपना बजट बना पाता है| विष्णु प्रभाकर के द्वारा लिखी गई कहानी जीवन एक कहानी में जानते हैं नयनी दीक्षित की आवाज में…
मृत्यु जीवन का एकमात्र सत्य है| प्रसव के बाद निशिकांत की पत्नी रजनी मृत्यु और जीवन के बीच में संघर्ष करती हुई अस्पताल में भर्ती है| रजनी के जीवन की डोर किस बात से बंधी है और निशिकांत के कौन से झूठ का सहारा लेकर रजनी के जीवन की डोर को पकड़ने की चेष्टा कर रहा है?| भावुक कर देने वाली विष्णु प्रभाकर की कहानी कितना झूठ में जानने के लिए सुनते हैं नयनी दिक्षित की आवाज में
निशिकांत एक मध्यमवर्गीय ,सुंदर व्यक्ति है | निशिकांत सरकारी दफ्तर में काम कर रहा है |साहित्य में निशिकांत को विशेष रूचि है | उसका सरकारी नौकरी में विशेष मन नहीं लग रहा है |उसका स्वप्न है कि वह भारत मां की सेवा करें |क्या निशिकांत का यह सपना पूरा हो पाता है ? निशिकांत के जीवन में आखिर क्या क्या चल रहा है ? और वह अपने सपने को पूरा करने के लिए क्या प्रयत्न कर रहा है ?इस पूरी कहानी को जानने के लिए सुनते हैं विष्णु प्रभाकर की कहानी निशिकांत का स्वप्न नयनी दीक्षित आवाज में
कहानी निशिकांत के दफ्तर की है जिसमें निशिकांत और सहकर्मी छोटे -बाबू के बीच में कहा-सुनी हो जाती है |इस कहा-सुनी की क्या वजह रही और यह कहासुनी बहुत हद तक बढ़ जाती है और उसके बाद क्या फिर से उनके बीच दोस्ती हो पाती है ? कहानी में आगे क्या होता है ?इस पूरी कहानी को जानने के लिए सुनते हैं विष्णु प्रभाकर के द्वारा लिखी गई कहानी दफ्तर में नयनी दीक्षित की आवाज में
इंसान ना जाने क्यों अपने आपको मशीन समझने लगा है ?बस दिन-रात बिना रुके,संभले दौड़ता चला जा रहा है | इंसान यह नहीं समझ पा रहा कि वास्तव में मशीन में लगी जंग को तो मिटाया जा सकता है किंतु इंसान के अंदर जो जंग लग जाती है वह कैसे हटाई जा सकती है? दुनिया में एक दूसरे से आगे निकलने की होड़ और कंपैरिजन ने आज इंसान को किस दहलीज पर लाकर खड़ा कर दिया है ? यह बात किस हद तक सही है ?इस तथ्य को रखती हुई कहानी है किस्सा एक त्रासद फंतासी का ,सुनते हैं नयनी दीक्षित की आवाज़ में….
जीवन और मृत्यु – गाय दी मोपासां – नयनी दीक्षित
इंसान जब पैदा होता है तब यह आनंद की स्थिति होती है, लेकिन क्या जब इंसान मरता है तब भी क्या वह कुछ लोगों के लिए आनंद की स्थिति होती है? क्या जब इंसान मरता है तो क्या यह समाज़ अवसरवादिता में बदल जाता है ।कुछ ऐसे ही तर्ज़ पर है यह कहानी जीवन और मृत्यु और इसे लिखा है फ्रेंच लेखक guy de Maupassantने जो वास्तव में समाज़ के प्रति वास्तविक व्यंग है कि सदियों से मनुष्य समाज अपनी सहूलियत के चलते क्या किसी की मृत्यु का इंतजार भी कर सकता है? कहानी को जिस प्रकार बेहद चुटिले अंदाज़ में लिखा गया है वैसे ही नयनी दीक्षित ने उसी अंदाज़ में अपनी आवाज़ देकर कहानी को पेश किया है।
महादेवी जी के द्वारा लिखी गई कहानी गिल्लू उनकी चर्चित कहानियों में से एक है| कहानी एक गिलहरी (गिल्लू) और लेखिका के बीच के स्नेह की है |गिल्लू किस प्रकार लेखिका को मिला और उन दोनों के बीच में किस प्रकार का स्नेह था ?पूरी कहानी जानने के लिए सुनते हैं नयनी दीक्षित की आवाज में कहानी गिल्लू
नकली नाक – Ibnesafi ( इब्नेसफी) – Nayani Dixit
इब्ने सफ़ी अपने जानदार जासूसी उपन्यासों के लिए जाने जाते हैं । जिसमें बहुत सारी कल्पना और जानकारियाँ शामिल होती है। नकली नाक कहानी का मुख्य किरदार जैसे जाबिर एक चालबाज बूढ़ा है जाबिर बेहद पेचीदा श़ख्स है जिसे किसी भी किस्म का इंसानी ज़ज्बा छू भी नहीं पाता और वह आखिर में फ़रीदी जैसे होशियार डिटेक्टिव को भी चकमा देकर हर बार निकल जाता है ।क्या अंत में जाबिर पकड़ा जायेगा ?मगर कैसे? जासूसी कथा नकली नाक मेंजानिए नयनी दीक्षित की आवाज. में…
शोलागढ़@34km – Kumar Rehman (कुमार रहमान) – Nayani Dixit
शेयाली की मौत महज़ एक हादसा है या खुदकुशी या कत्ल। अनसुलझी गुत्थी को सुलझाने के लिए सार्जेंट सलीम और कैप्टन सोहराब तफ्तीश में जुट गए हैं इस तफ्तीश में कुछ नए मोड़ आए हैं |शेयाली के मोबाइल ऐप की लॉन्चिंग, मरने से पहले शेयाली का सूर्यास्त के समय बनाया उसका वीडियो, विक्रम. के.. खान और एक युवती हाशना के बीच की नोकझोंक और एक बिल्ली का कत्ल ।क्या इन कड़ियों का क्या कोई संबंध है शेयाली की मौत से ?जानने के लिए सुनते हैं शोलागढ़@34 का यह भाग नयनी दीक्षित की आवाज़ में..
उद्भव – Stories of Indian Scientists | Gaatha Original
विज्ञान की हर खोज एक प्रश्न से शुरू होती है, और हर वैज्ञानिक की यात्रा एक जिज्ञासा से।
उद्भव भारत के उन वैज्ञानिकों की कहानियों की श्रृंखला है जिन्होंने सीमित संसाधनों, सामाजिक चुनौतियों और अनगिनत असफलताओं के बीच ज्ञान, अनुसंधान और नवाचार के नए रास्ते बनाए।
यह सीरीज़ हमें प्रयोगशालाओं के भीतर ही नहीं, बल्कि उन मानवीय संघर्षों, संकल्प और सपनों के करीब ले जाती है जो हर खोज के पीछे छुपे होते हैं।
यहाँ आप सुनेंगे— किसी का बचपन, किसी की असफल प्रयोगशालाएँ, किसी का समाज से टकराव,
और अंततः उस क्षण की कहानी जब विचार ने खोज का रूप लिया।
उद्भव केवल वैज्ञानिक उपलब्धियों की गाथा नहीं है—
यह सोचने, सवाल करने और कभी न रुकने की प्रेरणा है।
🎧 सुनिए उन दिमाग़ों की कहानियाँ जिन्होंने भारत के भविष्य की नींव रखी।
उद्भव – Stories of Indian Scientists | Gaatha
10 अक्तूबर के दिन वर्ष 1970 में 96 वर्ष के ब्रिटिश औपनिवेशिक शासन के बाद फिजी को आधिकारिक रूप से स्वतंत्रता प्रदान की गई थी। फिजी दक्षिण प्रशांत महासागर में एक देश और द्वीप समूह है। यह न्यूज़ीलैंड के आकलैंड से करीब 2000 किमी |
1904 में आज ही के दिन अमेरिका के सेंट लुईस में तीसरे ओलंपिक खेलों का समापन हो गया था
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