क़त्ल का राज़ – महेश दुबे – नयनी दीक्षित
कहानी में गुरूबख़्श मंगतानी सेठ का कत्ल हो जाता है ।इस कत्ल का इल्जा़म उसका दोस्त बाबलानी अपने ऊपर ले लेता है। किंतु जब कहानी से कई राज़ की परतें खुलती है तो क्या वास्तव में बाबलानी सेठ मंगतानी का कातिल होता है या कोई ?और अगर कोई और है तो बाबलानी ने अपने ऊपर इल्जा़म क्यों ले क्यों लिया? बेहद रोमांचक और रहस्य से भरपूर कहानी जानिए नयनी दीक्षित की आवाज़ में ,लेखक महेश दुबे की लिखी कहानी कत्ल का राज में आखिर क्या होता है?
क्या 2000 का फटा हुआ नोट किसी की किस्मत बदल सकता है ?अच्छी या बुरी ,असली सवाल तो यह है| महेश दुबे जी की बेहद दिलचस्प कहानी है 2000 का नोट , 2000 का फटा नोट अपने आस-पास के काफी़ लोगों की किस्मत बदल रहा है। लेकिन किस्मत किस तरह और किस पलड़े बैठी है ?वही इस कहानी का Main story line है नयनी दीक्षित की आवाज़ में इस बेहतरीन से लव स्टोरी का लुफ़्त उठाएं।
डायल 100 – महेश दुबे – नयनी दीक्षित
मुंबई महानगर में एक शातिर कातिल हर बार खून कर खुद ही पुलिस को Dial 100 कर जानकारी देता है| मगर यह कातिल अभी तक पकड़ में नहीं आया| इंस्पेक्टर सुधीर और त्यागी उसे जल्द से जल्द पकड़ लेना चाहते हैं परंतु अभी उन्हें कोई सबूत नहीं मिल पाया |कौन है वह Serial Killer ? लोगों का खून करने के पीछे उसका क्या मकसद हो सकता है?महेश दुबे जी के द्वारा लिखी Mysteries and Thrillers से भरपूर कहानी Dial 100 सुनते हैं नए नयनी दीक्षित की आवाज़ में…
जु़ल्म की अजी़ब दास्तां होती है। कभी जु़ल्म होता है तब पता चलता है ,तो कभी जु़ल्म होने वाला होता है तब पता चलता है। लेकिन दोनों ही सूरत में मर्डर, जुल्म, वारदात तो हो ही गया होता है ।वारदात से पहले, पुलिस को आगाह करना ,मौके पर पुलिस को बुलाना और जब तक पुलिस इस वारदात को होने से बचाएं, वारदात को अंजा़म देना ।यूं कहिए कि छलावे में फँसाना। महेश दुबे की कहानी छलावा कुछ ऐसी ही है ।छलावा कोई परिस्थिति है, इंसान हैं, चीज़ है ,जगह है ,क्या है? तो छलावे को अंजा़म कौन दे रहा है? जानना चाहेंगे ,तो सुनिए नयनी दीक्षित की शानदार आवाज़ में महेश दुबे के द्वारा लिखी mysteryऔर thriller से भरपूर कहानी छलावा।
क़त्ल का राज़ – महेश दुबे – नयनी दीक्षित
कहानी में गुरूबख़्श मंगतानी सेठ का कत्ल हो जाता है ।इस कत्ल का इल्जा़म उसका दोस्त बाबलानी अपने ऊपर ले लेता है। किंतु जब कहानी से कई राज़ की परतें खुलती है तो क्या वास्तव में बाबलानी सेठ मंगतानी का कातिल होता है या कोई ?और अगर कोई और है तो बाबलानी ने अपने ऊपर इल्जा़म क्यों ले क्यों लिया? बेहद रोमांचक और रहस्य से भरपूर कहानी जानिए नयनी दीक्षित की आवाज़ में ,लेखक महेश दुबे की लिखी कहानी कत्ल का राज में आखिर क्या होता है?
खूनी खेल – महेश दुबे – नयनी दीक्षित
खेल खेलना तो सबको पसंद होता है बच्चों को, बड़ों को ,बूढ़ों को ,जवान को और फिर उस खेल को खेलने के लिए अगर 2500000 रुपए मिले तो क्या आप उसे खेल कहेंगे या कोई बिजनेस या फिर शौक? 2500000 का इनाम खुद को बचाने के लिए है या फिर दूसरे के मर्डर के लिए। ऐसे ही कुछ दिलचस्प कहानी है खूनी खेल, जिसमें खेल तो है 2500000रूपयों का इनाम भी है लेकिन यह खेल कोई ऐसा- वैसा खेल नहीं खूनी खेल है, जिसमें लोग को मजा़ भी ले रहे हैं और रकम भी दे रहे हैं लेकिन उस रकम का क्या मतलब , जिसका मतलब सिर्फ मौत है! कौन है वह छह खिलाड़ी ?क्या वह इस खेल में जीते? क्या शिकारी खुद शिकार हुआ? यह सारे रहस्य जानने के लिए सुनिए महेश दुबे के द्वारा लिखी गई कहानी खूनी खेल, नयनी दीक्षित की आवाज़ में…
शोलागढ़@34km – Kumar Rehman (कुमार रहमान) – Nayani Dixit
शोलागढ़@34किमी. के अंतिम भाग में जान सकेंगे कि शेयाली की मौत का कौन जिम्मेदार है और उसकी मौत के पीछे कीअसली वज़ह क्या थी ?क्या श्रेया , श्लेष अलंकार, विक्रम ,हाशना या फिर कैप्टन किशन या इनके अलावा कोई और है कातिल? सार्जेंट सलीम और इंस्पेक्टर सोहराब ने इस पूरे केस कि गुत्थी कैसे सुलझायी, जानने के लिए सुनते हैं नयनी दीक्षित की आवाज मेंशोलागढ़@34 किलोमीटर का अंतिम भाग…
कहानी में दो अनजान लोग जब विवाह का बंधन बन जाता है ऐसे में क्या होता है ?इस इस बात को कहानी की मुख्यधारा में शामिल किया गया है|कहानी के मुख्य पात्र निशिकांत का विवाह एक साधारण रंग -रूप की युवती रजनी से हुआ है |दोनों पूरी तरीके से एक दूसरे से अपरिचित है| निशिकांत के मन में अपनी नवविवाहिता के लिए कई प्रश्न गूंज रहे हैं जैसे उसका व्यवहार कैसा होगा ?उसके साथ जीवन की दौड़ में सहारा बन पाएगी ? आदि -आदि | इन सब के बीच एक बात और जुड़ी हुई है |वह क्या है ?इसे जानने के लिए सुनते हैं विष्णु प्रभाकर के द्वारा लिखी गई कहानी अपरिचित नयनी दीक्षित की आवाज में|
धीरेंद्र अस्थाना की कहानी पतन बोध में, इंसान पूरी दुनिया से झूठ बोल सकता है लेकिन क्या वह अपने आप से झूठ बोल सकता है ?इंसान जब अकेला होता है खासतौर पर मानसिक रूप से अकेला तो वह सारे सच उसके सामने आते हैं जिनसे वह सारी जिंदगी बचता रहा है लेकिन यही सच क्या कभी-कभी उसके पतन का कारण बनते हैं या नहीं ?
द्रौपदी के सत्य, तेज और सतीत्व के आगे निस्तेज हो मदान्ध दुर्योधन, दु:शासन, आदि को द्रौपदी पुनः ललकारती हुई कहती है तुम्हारे भरसक प्रयास करने के बावजूद तुम मेरा बाल बांका भी ना कर सके क्योंकि तुम सब अधर्म अधर्म और छल कर रहे हो और तुम्हारे द्वारा किए गए अधर्म के लिए तुम्हें भविष्य में कभी क्षमा नहीं मिलेगी|
होली का त्योहार रंग ही नहीं प्रेम और विश्वास का भी त्यौहार है। होली के इस अवसर पर दोस्त ही नहीं बल्कि सारे भेदभाव,लड़ाई- झगड़े भूलकर,दुश्मन भी गले मिल जाते हैं ।यही संदेश देती हुई हरिवंश राय बच्चन के द्वारा लिखी गई यह कविता…
शोलागढ़@34km – Kumar Rehman (कुमार रहमान) – Nayani Dixit
विक्रम और हाशना की दोस्ती उस न्यूड पेंटिंग के कारण है ।विदेशी ने आखिर विक्रम को क्यों बाउंसर के कत्ल में फंसा दिया? आखिर वह क्या चाहता है? क्या इसके पीछे हाशना कहीं कोई हाथ तो नहीं? ऐसे बहुत से राज़ जो अभी खुलने बाकी है सुनिए कहानी का अगला भाग
क्या आप मानते हैं कि यह क्या आपका पहला जीवन नहीं है? | आप अपने पिछले जीवन के बारे में और कैसे सीखते हैं? क्या कुछ लोग इसे याद करते हैं? जानने के लिए सुनते हैं Reincarnation
रक्त मंडल के भाग पांच में आपने सुना की नरेंद्र सिंह और नगेंद्र सिंह बहुत पुराने दोस्त हैं। किस तरह नगेंद्र सिंह ने रक्त मंडल के लोगों की मदद करने के लिए एक ऐसे मारक क्षमता वाले यंत्र की खोज की, जो दूर तक जा सकती है। इसमें उनकी मदद की केशव सिंह नाम के इंजीनियर ने की। अब देखना यह है कि इस तरह की यंत्रों का इस्तेमाल किन हाथों से होता है ?क्या उसके परिणाम अच्छे होंगे या भयंकर जानने के लिए सुनते हैं रक्त मंडल उपन्यास का भाग 6 नयनी दीक्षित की आवाज़ में..
कुएँ का राज – Ibnesafi ( इब्नेसफी) – Nayani Dixit
200 साल पुरानी एक कोठी, एक बहुत ही पुरानी इमारत और उसके अंदर एक कुआं ।जिसके राज़ को वहां के बाशिंदे आज तक नहीं जान पाए ।ऐसी कौन सी बातें हैं उस कुंए की?जिसे सॉल्व करने के लिए वहाँ पर रहने वाले लोगों को इंस्पेक्टर फ़रीदी की मदद लेनी पड़ी ।घर के अंदर से आती हुई जानवरों की चीखें ,रोज मरते जानवर और फिर आखिरकार एक इंसान ।कुंए के अंदर मिली लाशें, किसी भूत का साया है या किसी की चली हुई चाल और आखिर चली हुई चाल है तो क्यों ?यह सारे राज़ अगर आप जानना चाहते हैं तो सुनिए इब्रेसफ़ी के द्वारा लिखी गई कहानियों की सीरीज़ कुंए का राज़ नयनी दीक्षित की आवाज़ में…
युवती: डार्लिंग, पुलिस ने मुझे आज पकड़ ही लिया होता।
चैंपलिन: जान! क्या तुम इन पुलिस वालों को मूर्ख समझती हो?
युवती: भाग चलो यहां से, नहीं तो हम बुरी तरह फंस जाएंगे।
पुलिस: इस बिल्डिंग को चारों तरफ से पुलिस ने घेर लिया है। सभी लोग अपने घरों से बाहर निकल आएं।
क्यों पीछा कर रहे थे कुछ पुलिस वाले युवती और चैंपलिन का? क्या युवती पुलिस वालों को धोखा देने में कामयाब होती है? क्या चैंपलिन की पुलिस वालों से मुठभेड़ होती है? चैंपलिन और पुलिस की मुठभेड़ में किसकी मौत होती है? ताबूत में किसकी लाश मिलती है?
कहानी का सस्पेंस जानने के लिए आज ही सुनें शेफाली कपूर की आवाज में कहानी ‘एनकाउंटर’।
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