क्या 2000 का फटा हुआ नोट किसी की किस्मत बदल सकता है ?अच्छी या बुरी ,असली सवाल तो यह है| महेश दुबे जी की बेहद दिलचस्प कहानी है 2000 का नोट , 2000 का फटा नोट अपने आस-पास के काफी़ लोगों की किस्मत बदल रहा है। लेकिन किस्मत किस तरह और किस पलड़े बैठी है ?वही इस कहानी का Main story line है नयनी दीक्षित की आवाज़ में इस बेहतरीन से लव स्टोरी का लुफ़्त उठाएं।
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क्या 2000 का फटा हुआ नोट किसी की किस्मत बदल सकता है ?अच्छी या बुरी ,असली सवाल तो यह है| महेश दुबे जी की बेहद दिलचस्प कहानी है 2000 का नोट , 2000 का फटा नोट अपने आस-पास के काफी़ लोगों की किस्मत बदल रहा है। लेकिन किस्मत किस तरह और किस पलड़े बैठी है ?वही इस कहानी का Main story line है नयनी दीक्षित की आवाज़ में इस बेहतरीन से लव स्टोरी का लुफ़्त उठाएं।
क्या 2000 का फटा हुआ नोट किसी की किस्मत बदल सकता है ?अच्छी या बुरी ,असली सवाल तो यह है| महेश दुबे जी की बेहद दिलचस्प कहानी है 2000 का नोट , 2000 का फटा नोट अपने आस-पास के काफी़ लोगों की किस्मत बदल रहा है। लेकिन किस्मत किस तरह और किस पलड़े बैठी है ?वही इस कहानी का Main story line है नयनी दीक्षित की आवाज़ में इस बेहतरीन से लव स्टोरी का लुफ़्त उठाएं।
जु़ल्म की अजी़ब दास्तां होती है। कभी जु़ल्म होता है तब पता चलता है ,तो कभी जु़ल्म होने वाला होता है तब पता चलता है। लेकिन दोनों ही सूरत में मर्डर, जुल्म, वारदात तो हो ही गया होता है ।वारदात से पहले, पुलिस को आगाह करना ,मौके पर पुलिस को बुलाना और जब तक पुलिस इस वारदात को होने से बचाएं, वारदात को अंजा़म देना ।यूं कहिए कि छलावे में फँसाना। महेश दुबे की कहानी छलावा कुछ ऐसी ही है ।छलावा कोई परिस्थिति है, इंसान हैं, चीज़ है ,जगह है ,क्या है? तो छलावे को अंजा़म कौन दे रहा है? जानना चाहेंगे ,तो सुनिए नयनी दीक्षित की शानदार आवाज़ में महेश दुबे के द्वारा लिखी mysteryऔर thriller से भरपूर कहानी छलावा।
क़त्ल का राज़ – महेश दुबे – नयनी दीक्षित
कहानी में गुरूबख़्श मंगतानी सेठ का कत्ल हो जाता है ।इस कत्ल का इल्जा़म उसका दोस्त बाबलानी अपने ऊपर ले लेता है। किंतु जब कहानी से कई राज़ की परतें खुलती है तो क्या वास्तव में बाबलानी सेठ मंगतानी का कातिल होता है या कोई ?और अगर कोई और है तो बाबलानी ने अपने ऊपर इल्जा़म क्यों ले क्यों लिया? बेहद रोमांचक और रहस्य से भरपूर कहानी जानिए नयनी दीक्षित की आवाज़ में ,लेखक महेश दुबे की लिखी कहानी कत्ल का राज में आखिर क्या होता है?
जु़ल्म की अजी़ब दास्तां होती है। कभी जु़ल्म होता है तब पता चलता है ,तो कभी जु़ल्म होने वाला होता है तब पता चलता है। लेकिन दोनों ही सूरत में मर्डर, जुल्म, वारदात तो हो ही गया होता है ।वारदात से पहले, पुलिस को आगाह करना ,मौके पर पुलिस को बुलाना और जब तक पुलिस इस वारदात को होने से बचाएं, वारदात को अंजा़म देना ।यूं कहिए कि छलावे में फँसाना। महेश दुबे की कहानी छलावा कुछ ऐसी ही है ।छलावा कोई परिस्थिति है, इंसान हैं, चीज़ है ,जगह है ,क्या है? तो छलावे को अंजा़म कौन दे रहा है? जानना चाहेंगे ,तो सुनिए नयनी दीक्षित की शानदार आवाज़ में महेश दुबे के द्वारा लिखी mysteryऔर thriller से भरपूर कहानी छलावा।
जु़ल्म की अजी़ब दास्तां होती है। कभी जु़ल्म होता है तब पता चलता है ,तो कभी जु़ल्म होने वाला होता है तब पता चलता है। लेकिन दोनों ही सूरत में मर्डर, जुल्म, वारदात तो हो ही गया होता है ।वारदात से पहले, पुलिस को आगाह करना ,मौके पर पुलिस को बुलाना और जब तक पुलिस इस वारदात को होने से बचाएं, वारदात को अंजा़म देना ।यूं कहिए कि छलावे में फँसाना। महेश दुबे की कहानी छलावा कुछ ऐसी ही है ।छलावा कोई परिस्थिति है, इंसान हैं, चीज़ है ,जगह है ,क्या है? तो छलावे को अंजा़म कौन दे रहा है? जानना चाहेंगे ,तो सुनिए नयनी दीक्षित की शानदार आवाज़ में महेश दुबे के द्वारा लिखी mysteryऔर thriller से भरपूर कहानी छलावा।
डायल 100 – महेश दुबे – नयनी दीक्षित
मुंबई महानगर में एक शातिर कातिल हर बार खून कर खुद ही पुलिस को Dial 100 कर जानकारी देता है| मगर यह कातिल अभी तक पकड़ में नहीं आया| इंस्पेक्टर सुधीर और त्यागी उसे जल्द से जल्द पकड़ लेना चाहते हैं परंतु अभी उन्हें कोई सबूत नहीं मिल पाया |कौन है वह Serial Killer ? लोगों का खून करने के पीछे उसका क्या मकसद हो सकता है?महेश दुबे जी के द्वारा लिखी Mysteries and Thrillers से भरपूर कहानी Dial 100 सुनते हैं नए नयनी दीक्षित की आवाज़ में…
शोलागढ़@34km – Kumar Rehman (कुमार रहमान) – Nayani Dixit
विक्रम और हाशना की दोस्ती उस न्यूड पेंटिंग के कारण है ।विदेशी ने आखिर विक्रम को क्यों बाउंसर के कत्ल में फंसा दिया? आखिर वह क्या चाहता है? क्या इसके पीछे हाशना कहीं कोई हाथ तो नहीं? ऐसे बहुत से राज़ जो अभी खुलने बाकी है सुनिए कहानी का अगला भाग
कुएँ का राज – Ibnesafi ( इब्नेसफी) – Nayani Dixit
200 साल पुरानी एक कोठी, एक बहुत ही पुरानी इमारत और उसके अंदर एक कुआं ।जिसके राज़ को वहां के बाशिंदे आज तक नहीं जान पाए ।ऐसी कौन सी बातें हैं उस कुंए की?जिसे सॉल्व करने के लिए वहाँ पर रहने वाले लोगों को इंस्पेक्टर फ़रीदी की मदद लेनी पड़ी ।घर के अंदर से आती हुई जानवरों की चीखें ,रोज मरते जानवर और फिर आखिरकार एक इंसान ।कुंए के अंदर मिली लाशें, किसी भूत का साया है या किसी की चली हुई चाल और आखिर चली हुई चाल है तो क्यों ?यह सारे राज़ अगर आप जानना चाहते हैं तो सुनिए इब्रेसफ़ी के द्वारा लिखी गई कहानियों की सीरीज़ कुंए का राज़ नयनी दीक्षित की आवाज़ में…
दुःशासन नारी को वासना एवं भोग की वस्तु कहता है।वह नारी के प्रति रूढ़िवादी दृष्टिकोण रखता है |वह नारी को भोग्या और पुरुष की दासी मानता है। वह नारी कीदुर्बलता का उपहास उड़ाता है|
शोलागढ़@34km – Kumar Rehman (कुमार रहमान) – Nayani Dixit
स्पेक्टर सोहराब और सार्जेंट सलीम का माल- गाड़ी का सफ़र किस मुकाम तक पहुंचा? शूटिंग आखिर क्यों कैंसिल करनी पड़ी? स्टूडियो में वह चार व्यक्ति कौन थे? और वह किस की तलाश में थे ?इसे जानने के लिए सुनते हैं शोलागढ़@34 का यह भाग..
अकेलापन – गाय दी मोपासां – नयनी दीक्षित
19वीं शताब्दी के बेहद लोकप्रिय लेखक गाय दी मोपासा की कहानी अकेलापन जिसमें व्यक्ति के उस मेंटल डिसऑर्डर की बात की गई है जिसमें व्यक्ति अपने आपको बेहद अकेला महसूस करता है ।कहानी का नायक भी इसी प्रकार की समस्या से उलझ रहा है। कहानी का नायक अपनी शादी सिर्फ़ इस वज़ह से करना चाहता है क्योंकि वह मानसिक रूप से अपने अकेलेपन से बहुत उलझ चुका है जानिए पूरी कहानी अकेलापन नया नयनी दीक्षित की आवाज़ में…
हेज़ल: क्या तुम्हें मालूम है कि कल रात किसी ने गरीब पीटर को चाकू मार कर कत्ल कर दिया?
एलिज़ाबेथ: मैं यह भी जानती हूँ कि पीटर का कातिल और कोई नहीं, बल्कि तुम्हारा पति रेमंड ही है।
हेज़ल: (हैरान होते हुए) यह नामुमकिन है! मेरे पति तो एक रोड हादसे में मर चुके हैं। वह भला पीटर की हत्या कैसे कर सकते हैं?
वाल्टर: एलिज़ाबेथ! तुम्हें हेज़ल के मरे हुए पति के बारे में ऐसा नहीं कहना चाहिए।
यहां पर कई सवाल उभरते हैं: एलिज़ाबेथ ने हेज़ल के पति रेमंड पर पीटर की हत्या का इल्जाम क्यों लगाया? आखिर यह पीटर कौन है और उसकी हत्या की वजह क्या हो सकती है? रेमंड का पीटर की हत्या से क्या संबंध हो सकता है? अगर रेमंड ने पीटर की हत्या नहीं की, तो असली कातिल कौन है? और एलिज़ाबेथ का रेमंड के साथ क्या रिश्ता है?
इन सभी सवालों के जवाब जानने के लिए सुनिए एरूनिका पार्कर जोन्स द्वारा लिखी गई रहस्यमय कहानी ‘साजिशबाज़ औरत’ शैफ़ाली कपूर की आवाज़ में।
अतृप्त आत्माओं से भरे एक महल की कथा जिसका एक एक पत्थर जिंदा व्यक्तियों को अपनी ओर आकर्षित करता है।
कहानी में लेखक द्वारा कुछ ऐसी घटनाओं का जिक्र किया गया है ,जो डर की सारी सीमाओं को भी पार कर जाती है| जो स्वाभाविक भय से भी बहुत ज्यादा है| लेखक ने खौफ़नाक अनुभवों को लिखा है जिसे सुनकर आपके रोंगटें खड़े हो जायेंगे | ऐसा खौफनाक मंजर आखिर क्या हो सकता है ?जिसे लेखक अपने कहानी के माध्यम से पाठकों और सुनने वालों को बांटना चाह रहा है जानने के लिए सुनते हैं दिल दहलाने वाली कहानी खौफ़नाक, नयनी दीक्षित की आवाज में
शोलागढ़@34km – Kumar Rehman (कुमार रहमान) – Nayani Dixit
जंगल में क्या होने वाला था? पेंटिंग की तलाश हर किसी को क्यों थी ?इंस्पेक्टर सोहराब शोलागढ़ क्यों जा रहा है ?सार्जेंट सलीम को कौन मिल गया था? क्या वह किसी नई मुसीबत में फंसने वाला था ?इंस्पेक्टर सोहराब का शोलागढ़ जाने के पीछे क्या मकसद है? ऐसे बहुत से सवालों से पर्दा उठाने के लिए सुनते हैं कहानी का यह भाग
फरीदी और लियोनार्ड – Ibnesafi ( इब्नेसफी) – Nayani Dixit
इब्ने सफ़ी की कहानी फ़रीदी और लियोनार्ड में लियोनार्ड एक बेहद चलाक लेकिन बेहद घटिया किस्म का ब्लैकमेलर है ।जो ब्लैक मेलिंग तक ही नहीं रुकता बल्कि क़त्ल और दूसरे और हथकंडे अपनाने पर भी उतर आता है। कहानी में लियोनार्ड कौन-कौन से हथकंडे आज़माता हैं?फ़रीदी किस प्रकार उसको अपनी गिरफ्त में लेता है ?इस बेहद सनसनीख़ेज़ कहानी को आवाज़ दी है नयनी दीक्षित ने..
Reviews for: 2 hazar ka note (Part-3)