भावना तिवारी की आवाज़ में भाई बहन के भावों को प्रदर्शित करती रक्षा बंधन पर एक भाव पूर्ण कविता, जो आपकी आँख नाम कर देगी
यह उन महिलाओं को समर्पित कविता है ,जो अपना संपूर्ण जीवन अपने परिवार , अपने बच्चों के लिए अर्पित कर देती है, किंतु उन्हें कभी भी इसका प्रतिफल नहीं प्राप्त होता | भावना तिवारी जी की भावपूर्ण आवाज में कविता “ जो बाग लगाया था “……
कश्मीर की सुंदरता जहां एक ओर अपनी तरफ लोगों को आकर्षित कर रही है वहीं उसी कश्मीर में रह रहे लोगों ने कैसे खौफनाक मंजर का सामना किया है उसी व्यथा को भावना ने अपने गीत में बेहद मार्मिक ढंग से उड़ेला है…
जब कोई प्रेम में होता है,
तो उसके लिए
प्रेम के अलावा
और कुछ भी
महत्त्वपूर्ण नहीं रह जाता।
हर सोच, हर एहसास
उसी एक व्यक्ति के
इर्द-गिर्द घूमने लगता है।
इसी सच्चे और गहरे अहसास को
बड़े सादेपन से
यह मधुर गीत सामने रखता है—
भावना तिवारी की आवाज़ में।
|
यह मधुर गीत उस स्थिति को दर्शाता है ,जब हम नए-नए प्रेम में पड़ते हैं | हमारा तन – मन हमारे काबू में नहीं होता | भावना तिवारी जी की मधुर आवाज में….
|
कविता के अंश में सिंदूरी शाम की सुंदरता का वर्णन किया गया है
जब कोई प्रेम में होता है,
तो उसके लिए
प्रेम के अलावा
और कुछ भी
महत्त्वपूर्ण नहीं रह जाता।
हर सोच, हर एहसास
उसी एक व्यक्ति के
इर्द-गिर्द घूमने लगता है।
इसी सच्चे और गहरे अहसास को
बड़े सादेपन से
यह मधुर गीत सामने रखता है—
भावना तिवारी की आवाज़ में।
Is it always important to think and do? Or is it important to just go ahead and do it? This poem compares to giants of history – Dharmraj- Yudhishthira and Mighty Arjuna.
कविता के अंश में सिंदूरी शाम की सुंदरता का वर्णन किया गया है
उन माता-पिता की स्थिति , जिनके बच्चे विदेशों में जा बसे हैं | वृद्ध माता पिता सिर्फ अपने बच्चों के आने का इंतजार करते -करते थक जाते हैं ,किंतु यह इंतजार उनका खत्म नहीं होता | दिल को छू लेने वाली इस मार्मिक कविता में इस एहसास को समझ सकते हैं| भावना तिवारी जी की मधुर आवाज में …
30 seconds of positive energy, positive poetry.
Reviews for: Pinjra Sone ka Swikaar Nahi Mujko (पिंजरा सोने का स्वीकार नहीं मुझको )