पड़ती है !|Hindi Kavita |हिंदी कविता | Motivational Hindi Poems by Anupam Dhyani Before starting something new one must shed the old! One must be patient for victory and always understand that all good things come in time.
मैं अपना दिल किराये पे चढ़ाना चाहता हूँ ! यह कविता इस युग के प्रेमियों के लिए है !
दोस्तों, हम सब के जीवन में कई सीखें हैं | मैं भी ऐसी ही एक सीख को कविता के रूप में आपके साथ साझा कर | आशा करता हूँ कि आपको यह कविता पसंद आएगी | आनंद लीजिये और मेरे इस चैनल पर आते रहिये ऐसी ही प्रेरणा से भरी कविताओं के लिए | धन्यवाद |
30 seconds of positive energy, positive poetry.
प्रज्ज्वलित | Prajjwalit | Hindi Kavita | Motivational Hindi Poems by Anupam Dhyani
Let that lamp be always lit in you. No matter how hard the battle is, it’s only won if you keep going. And those who do, never lose. So keep that faith, keep that little lamp in you always alive.
Jai Hind
30 seconds of positive energy, positive poetry.
जीवन की किसी भी परिस्थिति से हार न मानना और डटकर उसका सामना करना इस बात को जीवंत करती हुई अनुपम ध्यानी की आवाज में यह कविता युद्ध।
दोस्तों, हम सब के जीवन में कई सीखें हैं | मैं भी ऐसी ही एक सीख को कविता के रूप में आपके साथ साझा कर | आशा करता हूँ कि आपको यह कविता पसंद आएगी | आनंद लीजिये और मेरे इस चैनल पर आते रहिये ऐसी ही प्रेरणा से भरी कविताओं के लिए | धन्यवाद |
रुकमणी बेहद खूबसूरत एक अनाथ लड़की है जिसका विवाह चालाकी दीवान मयादास अपने पुत्र से कर देता है ,जो मिर्गी ग्रस्त होता है | मयादास की मृत्यु के बाद उसके भतीजे रुक्मणी का जीना दूभर कर देते हैं | रुकमणी अपने बीमार पति का इलाज कराने के लिए उसे लाहौर भेज देती हैं इधर रुकमणी की अमरनाथ यात्रा में मृत्यु हो जाती है |उसका बीमार पति जब वापस आता है तो वह अपने आप को किस स्थिति में पाता है ??इस पूरी कहानी को जानने के लिए सुनते हैं “ एक रोमांटिक कहानी
Is it always important to think and do? Or is it important to just go ahead and do it? This poem compares to giants of history – Dharmraj- Yudhishthira and Mighty Arjuna.
I am 26 ! I am the date that India became a Republic, but like my brother 15, I too am cursed to be remembered just one day! I am the pain of the nation! This Republic day, let us pledge to keep India- Bharat in us every single day! May the Tricolor hoist everyday in our hearts!
“रोम-रोम में बसते राम”
भगवान श्रीराम का नाम मात्र स्मरण भी मन को पवित्र कर देता है और जीवन को एक नई दिशा देता है।
उनकी महिमा, उनकी मर्यादा और उनके आदर्शों का यह भावपूर्ण काव्य-गान आपको भीतर तक स्पर्श करेगा।
🎧 सुनिए —
“रोम-रोम में बसते राम”
भावना तिवारी की सुमधुर आवाज़ में
गोपालदास नीरज की कविता संग्रह फिर फिर दीप जलेगा से ली गयी कविता मिट्टी वाले में कवि ने उन सभी पर कटाक्ष किया है जो मिट्टी का मोल लगाते ह़ै कवि का मानना है कोई भी इसका मोल नहीं लगा सकता। क्या इस मिट्टी का इतिहास इतना सस्ता है कि कुछ मोल चुका कर इसे कोई भी खरीद सकता है ?आज इसी मिट्टी के लिए हम युद्ध की स्थिति तक पहुंच जाते हैं, तो क्या ऐसी मिट्टी का कोई मोल हो सकता है ,वह तो अमूल्य है | कवि अपने स्पष्ट शब्दों में समझाना चाह रहा है कि यह मिट्टी अपना मोल नहीं चाहती बल्कि सिर्फ मिट्टी अपनी कुर्बानी चाहती है| कविता के माध्यम से इसका पूर्ण भाव को समझते हैं, भावना तिवारी की आवाज में…
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