मन और हृदय अलग-अलग संवेदना से क्यों गुजर रहे हैं? अगर मन स्थिर और शांत है फिर क्यों हृदय में संग्राम छिड़ा हुआ है ?बेहद खूबसूरत शब्दों से पिरोया है इस दुविधा को अनुपम ध्यानी जी ने अपनी कविता मन में कोहरा, कोहराम हृदय में अपनी स्वयं की आवाज से
हमारे अंदर ईश्वर होता है अतः अपनी शक्ति पर पूर्ण विश्वास कर हम किसी भी परिस्थिति से निपट सकते हैं इस सत्य भावना को सजग करती हुई अनुपम ध्यानी की यह पंक्तियां…
हमें हर मुमकिन कोशिश करनी है किसी भी जंग को जीतने के लिए |’काश ‘ के लिए कोई गुंजाइश नहीं रखनी है इसी प्रेरणा को अपनी कविता गर तलाश तेरी जारी है के माध्यम से तराशा है अनुपम ध्यानी जी ने अपनी आवाज से
So what is in ladies’s hand bag. Find out. A poem written in the days when I initially started dating and was curious to find out after all what the hell is in women’s hand bags.
मैं अपना दिल किराये पे चढ़ाना चाहता हूँ ! यह कविता इस युग के प्रेमियों के लिए है !
“मेरे घर से बाहर के रास्ते में कई बाजार और गलियां पड़ती थी | जहां मेरी आंखों ने देखा कई दिनों से बना पाकिस्तान अब जिंदाबाद हुआ है |” लेखक सआदत हसन मंटो ने हिंदुस्तान -पाकिस्तान बंटवारे के बाद जब पाकिस्तान गए ,तो वहां की स्थिति से रूबरू हुए | जो उन्हें बेहद जो बेहद अचंभित कर देने वाली थी |सुनते हैं अनुपम ध्यानी की आवाज में यह पूरा वृतांत “सवेरे जो कल मेरी आंख खुली “……
रणभूमि का शव tu बन जा, पर रंगमंच की प्रीत ना बन” वास्तविकता में जीवन इसी भांति जीना चाहिए | कविता के शब्दों मे रूप से स्पष्ट रूप से प्रकट किया गया है |अनुपम ध्यानी की आवाज में कविता” Ban, na Ban “…
30 seconds of positive energy, positive poetry.
“बना बनाया कौन आया , सब यही बनते हैं “ ..यह हमारे ऊपर ही निर्भर करता है कि जीवन को हम किस दृष्टि से देखते हैं |
30 seconds of positive energy, positive poetry.
कहानी में नायिका संजय से बहुत प्रेम करती है| नायिका को कोलकाता एक इंटरव्यू के सिलसिले में जाना है वहां उसका एक पुराना प्रेमी निशिथ रहता है|जिसे नायिका अब बहुत पीछे छोड़ चुकी है कोलकाता में नायिका की मुलाकात निशिथ से होती है निशिथ नायिका की हर तरीके से मदद करता है क्या वह निशिथ का प्रेम है या कुछ और? पूरी कहानी जानने के लिए सुनते हैं मन्नू भंडारी द्वारा लिखी गई कहानी यही सच है ,पूजा श्रीवास्तव की आवाज में आवाज में
I am 26 ! I am the date that India became a Republic, but like my brother 15, I too am cursed to be remembered just one day! I am the pain of the nation! This Republic day, let us pledge to keep India- Bharat in us every single day! May the Tricolor hoist everyday in our hearts!
आज प्रतिमा ने अपने पति आशुतोष को उसकी एक सहेली अंजलि के साथ उस दृश्य में देख लिया जिससे उसके पैरों के तले मानों ज़मीन ही सरक गई हो। प्रतिमा कैसे अपने पति और अपनी सहेली अंजलि के द्वारा दिया गया यह विश्वासघात सहन पकड़ पाएगी ?प्रतिमा अब इसके आगे क्या फैसला लेती है ?जानिए अलका सैनी की लिखी कहानी विश्वासघात में, शिवानी आनंद की आवाज़ में.।
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Pragati Sharma