30 seconds of positive energy, positive poetry.
लकीरें तो उनकी भी होती हैं, जिनके हाथ नहीं होते !
यह कविता कोरे पन्ने पर लिखे शब्दों से इस दुनिया को आकार देते कवि और उसकी कल्पना का महत्व दर्शाती है
30 seconds of positive energy, positive poetry.
This year. 2020.. Has been a testing one! Not all that was dreamt off, materialized. Not all that was thought of came to fruition. But what remained was our lives, our health and our hope. I feel that is enough. Let’s welcome the new year with vigor, vivacity and a vibe of victory! Stay safe, Happy Holidays, Merry Christmas, Happy New Year!
So what is in ladies’s hand bag. Find out. A poem written in the days when I initially started dating and was curious to find out after all what the hell is in women’s hand bags.
मन और हृदय अलग-अलग संवेदना से क्यों गुजर रहे हैं? अगर मन स्थिर और शांत है फिर क्यों हृदय में संग्राम छिड़ा हुआ है ?बेहद खूबसूरत शब्दों से पिरोया है इस दुविधा को अनुपम ध्यानी जी ने अपनी कविता मन में कोहरा, कोहराम हृदय में अपनी स्वयं की आवाज से
30 seconds of positive energy, positive poetry.
“बना बनाया कौन आया , सब यही बनते हैं “ ..यह हमारे ऊपर ही निर्भर करता है कि जीवन को हम किस दृष्टि से देखते हैं |
30 seconds of positive energy, positive poetry.
भून के अपने दिल को – Arvind saxena – Priya bhatia
तेरे रोने से उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता ऐ दिल.. जिनके चाहने वाले ज्यादा हो.. वो अक्सर बे दर्द हुआ करते हैं….
अक्सर हमारा वक्त बीती -बातों को याद करने में चला जाता है| आप कुछ ऐसा ही पल्लवी के द्वारा लिखी गई कविताyad aa gya mujko gujra zamana(याद आ गया मुझको गुज़रा ज़माना) को सुनकर निश्चित तौर पर सब अपने बचपन में जरूर लौट जाएंगे, उन पलों को याद करेंगे, जो हमारे- आपके जीवन का एक खूबसूरत हिस्सा है |
किसी भी कवि की यह नैतिक जिम्मेदारी होती है कि वह समाज को अपने गीतों के माध्यम से समाज को मानवता का संदेश दे | इसी तरह की भावनाओं से ओतप्रोत है राजीव राज के द्वारा लिखा हुआ यह गीत
Reviews for: S01 E01 THE 30 SECOND PROJECT with Anupam Dhyani