पिकासो ने 1907 से क्यूबिज़्म की शैली में काम किया। इस प्रवृत्ति को ज्यामितीय आकृतियों के उपयोग से अलग किया जाता है जो वास्तविक वस्तुओं को आदिम आकृतियों में तोड़ते हैं|मानव वेदना का जीवित दस्तावेज कहीं जाने वाली इन कलाकृतियों को बनाने के लिए पिकासो ने अपना सब कुछ कल को समर्पित कर दिया|
मात्र 19 वर्ष की आयु में इंग्लिश चैनल पार करने वाली हिंदुस्तान की जलपरी के नाम से मशहूर आरती साहा ने एक नया कीर्तिमान स्थापित किया ।इस कीर्तिमान के लिए भारत सरकार ने उन्हें पद्मश्री सम्मान से सम्मानित किया।
ब्रिटेन की नागरिक होने के बावजूद एनी बेसेंट का भारत के प्रति विशेष लगाव रहा। उनका लक्ष्य हिंदू समाज में आई कुरीतियों को दूर करना रहा। भारत को उन्होंने अपनी मातृभूमि और कर्मभूमि की तरह पूजा। मदन मोहन मालवीय के साथ मिलकर उन्होंने हिंदू विश्वविद्यालय की स्थापना में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
ब्रह्म समाज की स्थापना और सती प्रथा जैसी प्रथा के अलावा भारतीय समाज में व्याप्त ज्वलंत मुद्दों पर जन-जन तक एक नवीन चेतना को जागृत करने में अहम भूमिका निभाने वाले राजा राममोहन राय का निधन 27 सितंबर 1833 को हो गया
1 नवंबर 1966 में हरियाणा का गणन किया गया था. तब से लेकर आज तक हरियाणा में कई बदलाव हुए हैं. आज हरियाणा भारत का ऐसा राज्य बन गया है जहां के लोग कई क्षेत्रों में भारत और अपने राज्य का नाम रोशन कर रहे हैं
इनका जन्म झारखंड राज्य के खूंटी जिले के उलिहातू में हुआ था। 15 नवंबर 1875 को बिरसा मुंडा का जन्म हुआ। 9 जून 1900 में रांची के कारागार में मृत्यु हुई। करीब 19वर्ष की आयु में उन्होंने बिरसा सेना का गठन किया।
झलकारी बाई (22 नवंबर 1830 – 4 अप्रैल 1857) झाँसी की रानी लक्ष्मीबाई की नियमित सेना में, महिला शाखा दुर्गा दल की सेनापति थीं। वे लक्ष्मीबाई की हमशक्ल भी थीं इस कारण शत्रु को गुमराह करने के लिए वे रानी के वेश में भी युद्ध करती थीं। अपने अंतिम समय में भी वे रानी के वेश में युद्ध करते हुए वे अंग्रेज़ों के हाथों पकड़ी गयीं और रानी को किले से भाग निकलने का अवसर मिल गया।
ये कहानी एक ऐसे व्यक्ति की है जिसने जीवन में कभी हार नहीं मानी। जीवन में बहुत सी विसम परिस्तिथियाँ आई पर उनके क़दम कभी नहीं डगमगाए और वो हर मुश्किल का सामना करते हुए , सकरात्मक सोच के साथ आगे बढ़ते गए , इनकी कहानी हमारे लिए प्रेरणा स्रोत है
6 अक्टूबर 1860 ब्रिटिश काल में भारतीय दंड संहिता( IPC) पारित हुआ ।उस समय इसकी रचना लॉर्ड मैकाले की अध्यक्षता में गठित प्रथम भारतीय विधि आयोग द्वारा की गई ।यह कानून अपराधों को बताता है तथा अपराधों की सज़ा और ज़ुर्माना भी तय करता है। IPC में कई बार संशोधन हुआ. जिसमें कई बार अपराध जोड़े भी गए तो कई बार अपराध हटाए भी गए।
जहां चाह वहां राह की कहावत को सार्थक करती कहानी। जिसमें चार चोर चोरी की राह छोड़ एक आम इंसान का जीवन बिताते हुए सबके लिए कहानी वाले बाबा बन जाते हैं।
Reviews for: Pablo Picasso – 25 Oct