संयुक्त राष्ट्र ने 16 अक्टूबर 1945 को विश्व खाद्य दिवस मनाने की शुरुआत की. संयुक्त राष्ट्र ने 16 अक्टूबर 1945 को रोम में “खाद्य एवं कृषि संगठन” की स्थापना की. उसके बाद “कॉन्फ्रेंस ऑफ द फ़ूड एंड एग्रीकल्चर आर्गेनाईजेशन” ने साल 1979 से विश्व खाद्य दिवस मनाने की घोषणा की
कन्नड़ राज्योत्सव का ऐतिहासिक महत्व साल 1956, 1 नवंबर को दक्षिणी भारत के कन्नड़ भाषी क्षेत्रों को मिलाकर कर्नाटक राज्य बनाया गया। इस दिन को कर्नाटक राज्योत्सव (Karnataka Rajyotsava 2023) के रूप में मनाया जाता है। कन्नड़ राज्योत्सव का सीधा और सरल अनुवाद “कर्नाटक का राज्य महोत्सव” है।
भारतीय वायु सेना की स्थापना 8 अक्टूबर 1932 को हुई थी और पहली उड़ान 1 अप्रैल 1933 को भरी थी। भारतीय वायु सेना को आजादी से पहले ‘रॉयल इंडियन एयर फोर्स’ के नाम से जाना जाता था। आजादी के बाद 1950 में इसके नाम से रॉयल शब्द हटा दिया गया था। भारतीय वायु सेना ने 1933 में पहली बार उड़ान भरी थी।
चंद्रयान-1, चंद्रमा के लिए भारत का पहला मिशन, 22 अक्टूबर, 2008 को सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र, शार, श्रीहरिकोटा से सफलतापूर्वक प्रमोचित किया गया था। अंतरिक्ष यान ने चंद्रमा की सतह से 100 किमी की ऊंचाई पर चंद्रमा के चारों ओर परिक्रमा की और चंद्रमा के रासायनिक, खनिज और फोटो-भौगोलिक मानचित्रण प्रदान किए।
1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध में महज़ 21 वर्ष की आयु में वीर योद्धा सेकंड लेफ्टिनेंट अरुण खेत्रपाल नेअपनी मातृभूमि के लिए शहीद हो गए ।दुश्मन के 10 टैंक्स में 5 टैंक्स अकेले उन्होंने नष्ट किया ।उन्हें ‘बसंतर के युद्ध’ का युद्धा के नाम से भी जाना जाता है। भारत सरकार ने सर्वोच्च सैन्य अलंकरण परमवीर चक्र से सम्मानित किया।
जम्मू-कश्मीर रियासत को पाकिस्तान से बचाने के लिए महारजा हरि सिंह ने भारत से मदद मांगी थी. तब की नेहरू सरकार ने महाराजा के साथ विलय करने की शर्त रखी थी. 26 अक्टूबर 1947 को विलय होते ही भारतीय सेना ने पाक कबायलियों को खदेड़ दिया था. 26 अक्टूबर 1947 के दिन ही जम्मू-कश्मीरभारतीय संघ का हिस्सा बना था |
जीवन और मृत्यु – गाय दी मोपासां – नयनी दीक्षित
इंसान जब पैदा होता है तब यह आनंद की स्थिति होती है, लेकिन क्या जब इंसान मरता है तब भी क्या वह कुछ लोगों के लिए आनंद की स्थिति होती है? क्या जब इंसान मरता है तो क्या यह समाज़ अवसरवादिता में बदल जाता है ।कुछ ऐसे ही तर्ज़ पर है यह कहानी जीवन और मृत्यु और इसे लिखा है फ्रेंच लेखक guy de Maupassantने जो वास्तव में समाज़ के प्रति वास्तविक व्यंग है कि सदियों से मनुष्य समाज अपनी सहूलियत के चलते क्या किसी की मृत्यु का इंतजार भी कर सकता है? कहानी को जिस प्रकार बेहद चुटिले अंदाज़ में लिखा गया है वैसे ही नयनी दीक्षित ने उसी अंदाज़ में अपनी आवाज़ देकर कहानी को पेश किया है।
उद्भव – Stories of Indian Scientists | Gaatha Original
विज्ञान की हर खोज एक प्रश्न से शुरू होती है, और हर वैज्ञानिक की यात्रा एक जिज्ञासा से।
उद्भव भारत के उन वैज्ञानिकों की कहानियों की श्रृंखला है जिन्होंने सीमित संसाधनों, सामाजिक चुनौतियों और अनगिनत असफलताओं के बीच ज्ञान, अनुसंधान और नवाचार के नए रास्ते बनाए।
यह सीरीज़ हमें प्रयोगशालाओं के भीतर ही नहीं, बल्कि उन मानवीय संघर्षों, संकल्प और सपनों के करीब ले जाती है जो हर खोज के पीछे छुपे होते हैं।
यहाँ आप सुनेंगे— किसी का बचपन, किसी की असफल प्रयोगशालाएँ, किसी का समाज से टकराव,
और अंततः उस क्षण की कहानी जब विचार ने खोज का रूप लिया।
उद्भव केवल वैज्ञानिक उपलब्धियों की गाथा नहीं है—
यह सोचने, सवाल करने और कभी न रुकने की प्रेरणा है।
🎧 सुनिए उन दिमाग़ों की कहानियाँ जिन्होंने भारत के भविष्य की नींव रखी।
उद्भव – Stories of Indian Scientists | Gaatha
1 नवंबर को मनाया जाने वाला केरल स्थापना दिवस, 1956 में भारत में केरल राज्य की स्थापना का प्रतीक है। यह मलयालम भाषी क्षेत्रों के एकीकरण और जीवंत और सांस्कृतिक रूप से समृद्ध राज्य के जन्म का जश्न मनाता है
दर्वेश जी केअल्फ़ाज़ों ने मानवीय एहसासों को बेहद खूबसूरती से पिरोया है जिसे आवाज दी है नयनी दीक्षित ने
Reviews for: World Food Day – 16 Oct