पुराने समय से ही यह बात चर्चा का विषय रही है कि सबसे छोटी जीवित चीज आखिर क्या् है? वैज्ञानिकों ने किस प्रकार जीवाणुओं का पता लगाया | विनोद रैना द्वारा लिखी गई पूरी चर्चा कथा जीवाणु खोज की सुनते हैं ,निधि मिश्रा की आवाज में
आज राजी एक शादीशुदा महिला है पति और बच्चे सब है | किंतु आज राजी को अपने बचपन के दोस्त की याद बहुत आ रही है |बचपन के वह बिताए हुए दिन, किस्से –कहानियां, वह हंसी ,वह सब कुछ | राजी के बचपन में ऐसा क्या था और वह अपनी कौन सी बातों को स्मरण कर रही है ?जानने के लिए सुनते हैं सूर्यबाला के द्वारा लिखी गई कहानी कागज की नाव में चांदी के बाल ,निधि
दूर से हर चमकने वाली चीज हीरा नहीं होता | ऐसा ही कुछ आकाश को अनुभव हुआ है शहर दिल्ली के बारे | आकाश अपने स्कूल के दिनों से दिल्ली की चकाचौंध से बहुत प्रभावित था | जब आकाश की मुलाकात दिल्ली शहर में अपने बचपन की दोस्त निहारिका से हुई तो उसका यह भ्रम टूट गया |कैसे ?पूरी कहानी जानने के लिए सुनते हैं निधि मिश्रा की आवाज में अभिलाष दत्ता के द्वारा लिखी गई कहानी एक मुलाकात
कहानी की नायिका का नाम रोहिणी है | रोहिणी नंदन भाँट की लडक़ी है। लेखक के दोस्त जीवन से रोहिणी की मुलाकात होती है, उसके बाद से रोहिणी पूरे गांव में घूम- घूम कर गीत गाती है| आखिर उसके गीत में ऐसा क्या है ?जीवन से उसका क्या संबंध है पूरी कहानी जानने के लिए सुनते हैं जयशंकर प्रसाद द्वारा लिखी गई कहानी ग्राम- गीत, निधि मिश्रा की आवाज में
कहानी एक सफेद मखमली कबूतर और एक प्यारे से 5 साल के बच्चे पारस के बीच की है |कबूतर और उस बच्चे के बीच में किस तरह प्रेम का रिश्ता बन जाता है| इसको दर्शाती हुई कहानी है सुधा भार्गव के द्वारा लिखी गई कहानी लपक लड्डू, निधि मिश्रा की आवाज में
नाहर एक हिंदुस्तानी युवक है उसने एक विदेशी लड़की कैथी से विवाह किया है और विवाह के बाद जो विदेश में ही रहने लगा | कैथी ने इस विवाह को लेकर नाहर के सामने एग्रीमेंट कराया है | एग्रीमेंट नाहर के लिए एक जी का जंजाल साबित हो रहा है |क्या होगा आगे कहानी में नाहर और कैथी का विवाह टिक पाएगा| जानने के लिए सुनते हैं सुदर्शन प्रियदर्शिनी की लिखी कहानी आचार संहिता, निधि की आवाज में..
उन माता-पिता की स्थिति , जिनके बच्चे विदेशों में जा बसे हैं | वृद्ध माता पिता सिर्फ अपने बच्चों के आने का इंतजार करते -करते थक जाते हैं ,किंतु यह इंतजार उनका खत्म नहीं होता | दिल को छू लेने वाली इस मार्मिक कविता में इस एहसास को समझ सकते हैं| भावना तिवारी जी की मधुर आवाज में …
मैना कुमारी: 13 बरस की शहादत | Gaatha
इतिहास केवल युद्धों और सेनानायकों से नहीं बनता, कभी-कभी वह एक 13 साल की बच्ची के साहस से भी रचा जाता है।
मैना कुमारी की यह गाथा उस नन्ही वीरांगना की कहानी है, जिसने कम उम्र में ही देश के लिए
भय, यातना और मृत्यु का सामना किया— लेकिन अपने साहस और स्वाभिमान से पीछे नहीं हटी।
यह कहानी हमें ले जाती है भारत के स्वतंत्रता संग्राम के उस दौर में, जहाँ बलिदान उम्र नहीं देखता था, और देशभक्ति बचपन से बड़ी हो जाती थी।
“मैना कुमारी: 13 बरस की शहादत” सिर्फ़ एक ऐतिहासिक प्रसंग नहीं है— यह याद दिलाती है कि आज की आज़ादी के पीछे कितने मासूम सपनों की क़ुर्बानी छुपी है।
🎧 सुनिए एक ऐसी गाथा जो आँखें नम करती है, और दिल में देश के लिए गहरा सम्मान भर देती है।
काजा – संजय शेफर्ड – पल्लवी
अगर एक ऐसी जगह आपका जाने का मन हो जहां प्राचीन ऐतिहासिक संस्कृति के साथ-साथ आधुनिक संस्कृति का अनूठा संगम देखने को मिले तो घुमंतू की सलाह है कि आप हिमाचल प्रदेश राज्य के बेहद खूबसूरत जगह काज़ा को अपना नया Destination बनाइए, जहां पर बर्फ़ से ढके पहाड़, बुदबुदाती शांत नदी, सुरम्य बंजर परिदृश्य के साथ-साथ रंगीन त्योहारों और शाक्य तंगयुद मठों का बेजोड़ संगम और बहुत कुछ। जानिए पल्लवी की आवाज़ में संजय शेफर्ड की डायरी से घुमंतू के नए डेस्टिनेशन काजा़ के बारे में सिर्फ़ गाथा पर…
बैरिस्टर दया शंकर मेहता वायसराय की कार्यकारिणी सभा के मेंबर नियुक्त हुए तो चारों तरफ उनके पक्ष और विपक्ष भी बन गए पत्नी राजेश्वरी , सुपुत्री मनोरमा, और स्वयं वे अंग्रेजों से बहुत प्रभावित थे। किंतु उनका सुपुत्र, बालकृष्ण उनका सबसे बड़ा विरोधी बन गया और आखिरकार उसने अपनी जीवन लीला ही समाप्त कर ली।
भोलाराम 60 वर्ष का एक वृद्ध है कि अचानक से मृत्यु हो जाती है धर्मराज के दूत भोलाराम की आत्मा को स्वर्ग ले जाने के लिए आते हैं किंतु रास्ते से ही भोलाराम की आत्मा कहीं गायब हो जाती है यह बात दूत धर्मराज और नारद जी को बतलाते हैं नारद जी पुनः पृथ्वी लोक में भोलाराम की आत्मा को ढूंढने के लिए आते हैं क्या नारद जी को भोलाराम की आत्मा मिल पाती है आखिर भोलाराम की आत्मा गायब कहां हो गई हरिशंकर परसाई द्वारा लिखी रोचक व्यंग कहानी भोलाराम का जीव सुनते हैं अमित तिवारी जी की आवाज में
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