भारतीय स्वतंत्रता सेनानी और लोकप्रिय राजनेता जयप्रकाश नारायण ने 1942 के ‘भारत छोड़ो आंदोलन’ के दौरान अपनी सक्रिय भूमिका निभाई। वह ‘संपूर्ण क्रांति’ नामक आंदोलन के महानायक रहे। उनकी स्मृति में नाम पर दिल्ली में ‘लोकनायक जयप्रकाश अस्पताल’ की स्थापना की गई। 1965 में समाज सेवा के लिए उन्हें ‘रमन मैग्सेसे’ पुरस्कार से सम्मानित किया गया ।1999 में उन्हें मरणोपरांत ‘भारत रत्न ‘से भी नवाज़ा गया।
दुनिया को रोशनी दिखाने वाले थॉमस एल्वा एडिसन ने आज ही के दिन, 18 अक्टूबर 1931 को अपनी आखिरी सांस ली थी. एक अमेरिकी वैज्ञानिक और बिजनेसमैन थे. उन्होंने बिजली के उपकरण, संचार, साउंस रिकॉर्डिंग और वीडियोग्राफी जैसे क्षेत्रों में कई डिवाइस इजाद किए
स्वेज नहर मिस्र में भूमध्य सागर पर बन्दरगाह सईद से दक्षिण की ओर स्वेज शहर (स्वेज की खाड़ी के उत्तरी किनारे पर स्थित) तक 120 मील तक फैली हुई है। नहर मिस्र के बड़े हिस्से को सिनाई प्रायद्वीप से अलग करती है। इसे बनने में 10 साल लगे और इसे आधिकारिक तौर पर 17 नवंबर, 1869 को खोला गया।
संयुक्त राष्ट्र द्वारा हर साल 2 नवंबर को विश्व स्तर पर “इंटरनेशनल डे टू इंड इम्प्युनिटी फॉर क्राइम्स अगेंस्ट जर्नलिस्ट” यानि “पत्रकारों के खिलाफ अपराधों के लिए दण्ड मुक्ति समाप्त करने का अंतरराष्ट्रीय दिवस” मनाया जाता है। यह दिन पत्रकारों और मीडियाकर्मियों के खिलाफ हिंसक अपराधों के लिए कम वैश्विक सजा दर पर ध्यान आकर्षित करने के लिए मनाया जाता है, जिसका अनुमान प्रत्येक दस मामलों में केवल एक में जताया जाता है।
27 नवंबर 1895 को अल्फ्रेड नोबेल ने अपनी आखिरी वसीयत लिखी थी। इसी वसीयत के आधार पर नोबेल पुरस्कारों की स्थापना हुई। 1901 में पहली बार नोबेल पुरस्कार दिए गए। अब तक 975 शख्सियत और संस्थानों को 609 नोबेल पुरस्कार मिल चुके हैं।
देश के पहले गैर राजनीतिज्ञ राष्ट्रपति ए.पी.जे अब्दुल कलाम, जिनको उनके विज्ञान और तकनीकी के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए हमेशा याद किया जाता रहेगा। भारत के मिसाइल मैन के नाम से जाने जाने वाले अब्दुल कलाम जी ने मिसाइल प्रणाली को उड़ान दी। ‘पद्म भूषण’ और ‘पद्म विभूषण’ से सम्मानित होने वाले वह एक पहले ऐसे राष्ट्रपति बने जिन्हें राष्ट्रपति बनने से पूर्व ही ‘भारत रत्न’ से सम्मानित किया गया गया।
1983 मेंआज ही के दिन देश में पहली बार नई दिल्ली में राष्ट्रमंडल शिखर सम्मेलन का आयोजन हुआ था। यह राष्ट्रमंडल देशों का सातवां शिखर सम्मेलन था। इसकी अध्यक्षता भारत की तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने की थी। यह सम्मेलन 29 नवंबर तक चला।
चंद्रयान-1, चंद्रमा के लिए भारत का पहला मिशन, 22 अक्टूबर, 2008 को सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र, शार, श्रीहरिकोटा से सफलतापूर्वक प्रमोचित किया गया था। अंतरिक्ष यान ने चंद्रमा की सतह से 100 किमी की ऊंचाई पर चंद्रमा के चारों ओर परिक्रमा की और चंद्रमा के रासायनिक, खनिज और फोटो-भौगोलिक मानचित्रण प्रदान किए।
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