सत्येंद्र नाथ बोस एक महान क्रांतिकारी थे। ये अरविंद घोष के प्रभाव से क्रांतिकारियों के संपर्क में आए। स्वदेशी का प्रचार करने के उद्देश्य से “छात्र भंडार” नामक संस्था बनाई जिसमें युवकों को क्रांतिकारी दल से जोड़ने का कार्य किया। 21 नवंबर 1908 को सत्येंद्र नाथ देश के लिए शहीद हुए।
3 नवंबर, 1957 की तारीख इतिहास के पन्नों में दर्ज हो गई, जब सोवियत संघ ने पहली बार स्पुतनिक-2 स्पेसक्राफ़्ट से लाइका नाम की स्ट्रीट फ़ीमेल डॉग को अंतरिक्ष में भेजा. वैज्ञानिक दावा करते हैं कि लाइका को स्पेस में भेजने के प्रयोग ने इंसानों के अंतरिक्ष तक पहुंचने का रास्ता साफ किया
नोबेल के जीवन की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक डायनामाइट का आविष्कार है.| नाइट्रोग्लिसरीन नामक एक रासायनिक पदार्थ में असीमित विस्फोटक शक्ति होती है. |नोबेल ने नाइट्रोग्लिसरीन की इस ताकत को पहचाना और उससे एक ऐसी खोज की, जिसने मानव इतिहास की दिशा बदल दी|अल्फ्रेड नोबेल शाही स्वीडिश वैज्ञानिक अकादमी के सदस्य भी थे| यही अकादमी अब नोबेल पुरस्कारों के लिए दुनिया भर से योग्य उम्मीदवारों का चयन करती है|
भारतीय वायु सेना की स्थापना 8 अक्टूबर 1932 को हुई थी और पहली उड़ान 1 अप्रैल 1933 को भरी थी। भारतीय वायु सेना को आजादी से पहले ‘रॉयल इंडियन एयर फोर्स’ के नाम से जाना जाता था। आजादी के बाद 1950 में इसके नाम से रॉयल शब्द हटा दिया गया था। भारतीय वायु सेना ने 1933 में पहली बार उड़ान भरी थी।
इस युद्ध को प्रथम कश्मीर युद्ध कहा जाता है। इसकी शुरुआत अक्टूबर 1947 में हुई और इसका परिणाम जम्मू-कश्मीर का भारत में विलय था। पाकिस्तान को डर था कि महाराजा हरि सिंह भारत में शामिल हो जाएंगे
राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का जन्म भारतीय इतिहास में सदा अविस्मरणीय रहेगा । गांधी जी के अहिंसक आंदोलन ने भारत को आज़ादी दिलाने में अपनी अभूतपुर भूमिका निभाई। अहिंसा के पुजारी के रूप में पूरी दुनिया ने उन्हें अपना गुरु माना। राजनीतिक और आध्यात्मिक नेता के रूप में वह सदैव याद किए जाएंगे।उनके द्वारा किए गए प्रमुख आंदोलन सत्याग्रह, असहयोग आंदोलन, चंपारन , भारत छोड़ो आंदोलन हैं। दांडी मार्च भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन का एक महत्वपूर्ण पडाव रहा ।इस दिन को अंतरराष्ट्रीय अहिंसा दिवस के रूप में मनाया जाता है।
1904 में आज ही के दिन अमेरिका के सेंट लुईस में तीसरे ओलंपिक खेलों का समापन हो गया था
samaj ki buraiyon aur kaise ladkiyaan purush pradhaan samaj mein aaj ke samay mein bhi apni pehchaan dhoondh rahee hain… yeh ek sochne yogya baat hai… cover page: ek ladki, old man, table pe rakhha chai ka cup
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