कैप्टन गुरबचन सिंह सलारिया परमवीर चक्र (29 नवंबर 1935 – 5 दिसंबर 1961) एक भारतीय सैन्य अधिकारी और संयुक्त राष्ट्र शांति अभियान के सदस्य थे। वह परमवीर चक्र प्राप्त करने वाले एकमात्र संयुक्त राष्ट्र शांतिरक्षक हैं। वह किंग जॉर्ज के रॉयल मिलिट्री कॉलेज और राष्ट्रीय रक्षा अकादमी के पूर्व छात्र थे।
जदुनाथ सिंह परमवीर चक्र विजेता (21 नवंबर 1916 -6 फरवरी 1948 )नौशेरा के झांगर पोस्ट में मात्र अपने 9 सिपाहियों के साथ डटे इस नौजवान ने सैकड़ों पाकिस्तानी सैनिकों को अपने जोश और ज़ज़्बे से कामयाब नहीं होने दिया। पाकिस्तानी सैनिकों ने लगातार तीन बार कोशिश की लेकिन अपने सारे साथियों के वीरगति प्राप्त होने के बावजूद अकेले- दम सीने पर 11 गोलियां खाकर भी पाकिस्तानी सैनिकों को तब तक मुंह -तोड़ जवाब दिया जब तक हिंदुस्तानी सेना वहां नहीं आ गयी। 6 फरवरी 1948 को हमारा यह वीर सैनिक शहीद हो गया ।भारत सरकार की ओर से अपने सर्वोच्च सैन्य अलंकरण परमवीर चक्र से मरणोपरांत इन्हें सम्मानित किया गया।
लेफ्टिनेंट राम राघोबा राणे को 1948 में परमवीर चक्र से सम्मानित किया गया था। भारत-पाकिस्तान युद्ध के दौरान राणा की भूमिका आव्दितीय थी। बारूदी सुरंग हमारी बटालियन की उन्नति में बाधा बन रही थी। ऐसे में राणे के नेतृत्व में गोलियों की बौछार के बीच बारूदी सुरंग को साफ़ करने का जिम्मा राणे ने बखूबी निभाया ।यह परमवीर चक्र पाने वाले पहले जीवित व्यक्ति थे। 11 जुलाई 1994 को इनका निधन हो गया।
अब्दुल हमीद मसऊदी (1 जुलाई 1933 – 10सितम्बर 1965)भारतीय सेना की 4 ग्रेनेडियर में एक सिपाही थे जिन्होंने 1965 के भारत-पाक युद्ध के दौरान खेमकरण सैक्टर के आसल उत्ताड़ में लड़े गए युद्ध में अद्भुत वीरता का प्रदर्शन करते हुए वीरगति प्राप्त की जिसके लिए उन्हें मरणोपरान्त भारत का सर्वोच्च सेना पुरस्कार परमवीर चक्र मिला।युद्ध में शहीद होने से पहले पाकिस्तानी सेना के आठ पैटन टैंको को नष्ट कर लड़ाई का रुख पलट दिया था| पाकिस्तान को भागना पड़ा था और इस तरह से भारतीय सेना को विजय मिली थी
अक्टूबर 1962 में चीन -भारत युद्ध में पैन्गाॅग झील के उत्तर में मेजर धन सिंह थापा ने 8 गोरखा राइफल्स के प्रथम बटालियन की कमान संभाली। चीनी सेना ने जब इस पोस्ट को घेर लिया था ,ऐसे में मेज़र थापा और उनके साथियों ने इस पोस्ट पर होने वाले तीनों आक्रमणों को असफल कर दिया। युद्ध के दौरान उनके सराहनीय प्रयास के कारण इन्हें परमवीर चक्र से सम्मानित किया गया।
कर्नल होशियार सिंह ( 5 मई, 1937- 6 दिसम्बर, 1998) परमवीर चक्र से सम्मानित भारतीय व्यक्ति है।1971 की भारत-पाकिस्तान की जंग भारतीय सैनिकों की वीरता और पराक्रम का एक शानदार उदाहरण है। इस जंग से जुड़े जवानों के बहादुरी के कई किस्से हैं। इस युद्ध में यूं तो चार जांबाजों को सर्वोच्च वीरता पुरस्कार परमवीर चक्र से नवाजा गया था, मगर सिर्फ एक जांबाज मेजर होशियार सिंह ऐसे थे जिन्हें यह पुरस्कार जीवित रहते मिला।
फ्लाइंग ऑफिसर निर्मलजीत सिंह सेखों (17 जुलाई 1943 – 14 दिसंबर 1971) भारतीय वायु सेना के एक अधिकारी थे। भारत-पाकिस्तान युद्ध 1971 के दौरान पाकिस्तानी वायु सेना के हवाई हमले के खिलाफ श्रीनगर एयर बेस के बचाव में शहीद हो गए थे। उन्हें मरणोपरांत भारत के सर्वोच्च सैन्य सम्मान परमवीर चक्र से वर्ष 1972 में सम्मानित किया गया।
चारों कुंभ स्थलों का महत्व: भारतीय संस्कृति का आध्यात्मिक चमत्कार
भारत में चार स्थान ऐसे हैं, जो कुंभ मेले के आयोजन का पवित्र केंद्र बनते हैं – प्रयागराज, हरिद्वार, उज्जैन और नासिक। इन स्थलों का महत्व न केवल धार्मिक है, बल्कि ये भारत की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक धरोहर का प्रतीक भी हैं।
प्रयागराज: गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती का संगम। यहां कुंभ में स्नान से जीवन की शुद्धि और पापों का नाश होता है।
हरिद्वार: गंगा नदी का प्रवेश द्वार। यहां स्नान से मोक्ष की प्राप्ति मानी जाती है।
उज्जैन: क्षिप्रा नदी के किनारे स्थित, यह स्थल भगवान महाकालेश्वर से जुड़ा है। यहां कुंभ अध्यात्म और शिव आराधना का केंद्र है।
नासिक: गोदावरी नदी के तट पर बसा यह स्थान रामायण और अमृत मंथन की कहानियों से जुड़ा है।
चारों स्थलों पर कुंभ मेला एक ऐसा अनुभव है, जो आस्था, परंपरा और आध्यात्मिकता को जीवंत करता है।
गाथा के साथ जानिए इन पवित्र स्थलों की कहानियां और इनके महत्व की गहराई।
शून्य से शिखर तक का सफ़र एक आम आदमी को खास बना देता है । निखिल कामत उन खास आदमियों में से एक है। एक समय ऐसा भी था जब निखिल कामत स्कूल ड्रॉपआउट थे किंतु किस प्रकार अपनी ज़िन्दगी को एक नया मोड़ देते हुए आज निखिल भारत के युवा अरबपतियों में गिने जाते हैं? वह एक मशहूर stock broker entrepreneur हैं और जिनके आर्टिकल्स द फाइनेंस टाइम में छपते हैं जिन्हें हज़ारों लाखों- लाखों लोग पढ़ते हैं। जानिए उनके कामयाब सफ़र के बारे में, अमित तिवारी के द्वारा..
“किरण मजूमदार शॉ ने साबित कर दिया है कि सच्ची लगन, कठिन मेहनत, और समझदारी से कोई भी सफलता के शिखर को छू सकता है। बॉयोकॉन की फाउंडर और बायोटेक्नोलॉजी के क्षेत्र में अग्रणी होने के बावजूद, उनका सफर चुनौतियों से भरा रहा है। उन्होंने बायोकॉन की शुरुआत एक छोटे से गैराज से की और आज इसे वैश्विक पहचान दिलाई। भारत की सबसे ताकतवर महिलाओं में शामिल किरण की कहानी उनकी अटूट इच्छाशक्ति और अद्वितीय प्रबंधन कुशलता की मिसाल है।
सुनिए उनकी पूरी सफलता की कहानी गाथा पर, जिसे सुनने के लिए अभी डाउनलोड कीजिए अपने मोबाइल पर Gaatha ऐप!”
क्या आप जानते हैं कि जिस परीक्षा के नाम से हम सभी को इतना भय लगता है ,असल में परीक्षा की वह प्रक्रिया हमारी जिंदगी में कौन सा गुण विकसित करती है ? निश्चित तौर पर संदीप द्विवेदी के द्वारा पास- फेल से ऊपर परीक्षा का उद्देश्य को सुनकर , परीक्षा को लेकर भय की स्थिति पर भी एक सकारात्मक बदलाव महसूस करेंगे…
दीपक के पाँच संदेश – भाग 5
दिवाली पर संदीप द्विवेदी के पाँच संदेश.
कर्नल होशियार सिंह ( 5 मई, 1937- 6 दिसम्बर, 1998) परमवीर चक्र से सम्मानित भारतीय व्यक्ति है।1971 की भारत-पाकिस्तान की जंग भारतीय सैनिकों की वीरता और पराक्रम का एक शानदार उदाहरण है। इस जंग से जुड़े जवानों के बहादुरी के कई किस्से हैं। इस युद्ध में यूं तो चार जांबाजों को सर्वोच्च वीरता पुरस्कार परमवीर चक्र से नवाजा गया था, मगर सिर्फ एक जांबाज मेजर होशियार सिंह ऐसे थे जिन्हें यह पुरस्कार जीवित रहते मिला।
विपरीत परिस्थितियों में जब सारे रास्ते बंद हो जाए ,ऐसे में आपको उन परिस्थितियों से कौन बाहर निकाल सकता है? इसके बारे में क्या कहते हैं संदीप द्विवेदी…
क्या आप जानते हैं कि जीवन में बड़ी सफलता कहाँ छुपी होती है और हमें वह कैसे प्राप्त होती है? इस संदर्भ में सुनते हैं संदीप द्विवेदी को…
Reviews for: Paramveer Chakra Gurbachan Singh Salaria- Jay Gaan