विपरीत परिस्थितियों में जब सारे रास्ते बंद हो जाए ,ऐसे में आपको उन परिस्थितियों से कौन बाहर निकाल सकता है? इसके बारे में क्या कहते हैं संदीप द्विवेदी…
दीपक के पाँच संदेश – भाग 5
दिवाली पर संदीप द्विवेदी के पाँच संदेश.
क्या आप जानते हैं कि जिस परीक्षा के नाम से हम सभी को इतना भय लगता है ,असल में परीक्षा की वह प्रक्रिया हमारी जिंदगी में कौन सा गुण विकसित करती है ? निश्चित तौर पर संदीप द्विवेदी के द्वारा पास- फेल से ऊपर परीक्षा का उद्देश्य को सुनकर , परीक्षा को लेकर भय की स्थिति पर भी एक सकारात्मक बदलाव महसूस करेंगे…
दीपक के पाँच संदेश – भाग 4
दिवाली पर संदीप द्विवेदी के पाँच संदेश.
बहुत से सपनें हैं, पर वह पूरे कैसे हों क्योंकि हर बात हमारें मुताबिक भी तो नहीं? तो फिर क्या करें? सुने संदीप द्विवेदी को और जाने…
क्या आप जानते हैं कि जीवन में बड़ी सफलता कहाँ छुपी होती है और हमें वह कैसे प्राप्त होती है? इस संदर्भ में सुनते हैं संदीप द्विवेदी को…
कुमाऊं रेजीमेंट की 13वीं बटालियन, जिसमें 123 वीर जवान थे, भारत-चीन 1962 युद्ध में अद्भुत पराक्रम दिखाते हुए एक महान योद्धा, मेजर शैतान सिंह भाटी के नेतृत्व में, उच्च शिखरों पर भयंकर मुश्किलों का सामना किया। उनकी अद्वितीय साहस, प्रेरणादायक नेतृत्व और अनन्त बलिदान ने चीनी सैनिकों को अंधेरे में डाल दिया। मेजर शैतान सिंह को आखिरी सांस तक हारने का सोचना तक नहीं था, और उन्होंने दुश्मनों को उल्टे पैर भागते देखा। उन्हें इस अद्वितीय पराक्रम के लिए परमवीर चक्र (मरणोपरांत) से सम्मानित किया गया।
फ्लाइंग ऑफिसर निर्मलजीत सिंह सेखों (17 जुलाई 1943 – 14 दिसंबर 1971) भारतीय वायु सेना के एक अधिकारी थे। भारत-पाकिस्तान युद्ध 1971 के दौरान पाकिस्तानी वायु सेना के हवाई हमले के खिलाफ श्रीनगर एयर बेस के बचाव में शहीद हो गए थे। उन्हें मरणोपरांत भारत के सर्वोच्च सैन्य सम्मान परमवीर चक्र से वर्ष 1972 में सम्मानित किया गया।
क्या आप जानते हैं कि जिस परीक्षा के नाम से हम सभी को इतना भय लगता है ,असल में परीक्षा की वह प्रक्रिया हमारी जिंदगी में कौन सा गुण विकसित करती है ? निश्चित तौर पर संदीप द्विवेदी के द्वारा पास- फेल से ऊपर परीक्षा का उद्देश्य को सुनकर , परीक्षा को लेकर भय की स्थिति पर भी एक सकारात्मक बदलाव महसूस करेंगे…
मंगलयान मंगलवार के दिन दोपहर भारतीय समय 2:38 अपराह्न पर श्रीहरिकोटा (आंध्र प्रदेश) के सतीश धवन अन्तरिक्ष केन्द्र से ध्रुवीय प्रक्षेपण यान पीएसएलवी सी-25 द्वारा प्रक्षेपित किया गया।
डॉ॰ (सर) जगदीश चन्द्र बसु (बंगाली: (30 नवंबर 1858 – 23 नवंबर, 1937) भारत के प्रसिद्ध वैज्ञानिक थे जिन्हें भौतिकी, जीवविज्ञान, वनस्पतिविज्ञान तथा पुरातत्व का गहरा ज्ञान था। वे पहले वैज्ञानिक थे जिन्होंने रेडियो और सूक्ष्म तरंगों की प्रकाशिकी पर कार्य किया।
4 नवंबर, 1845 को महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले के शिरढोणे गांव में जन्मे वासुदेव बलवंत फड़के ब्रिटिश सरकार के खिलाफ सशस्त्र विद्रोह का संगठन करने वाले पहले क्रांतिकारी के रूप में जाने जाते हैं. उन्होंने ही 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम की विफलता के बाद आज़ादी के महासमर की पहली चिंगारी जलाई थी
रामनाथ एक क्रांतिकारी है | रामनाथ में पूरा जीवन भारत माता के लिए समर्पित कर दिया| जिसके चलते आप 30 वर्षों के बाद वह जेल से निकल पाया है |जेल से निकलने के पश्चात निशिकांत और उसकी पत्नी के पास पहुंचा है दोनों दंपत्ति रामनाथ का बेहद स्नेह के साथ ख्याल रख रहे हैं किंतु फिर भी रामनाथ उनके पास नहीं रहना चाहता आखिर क्यों विष्णु प्रभाकर की कहानी क्रांतिकारी जानते हैं नयनी दीक्षित की आवाज में
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