अपनी-अपनी शिकायतें बहू को सास से और सास को बहू से | विद्यासागर नौटियाल के द्वारा लिखी गई कहानी एक शिकायत सबकी , सुनते हैं पूजा श्रीवास्तव की आवाज में
जबसे निशीथ साथ चलते- चलते अचानक अजाने मोड पर मुड ग़या था तो ठिठक कर उस चौराहे पर उसके आस-पास फुरसत ही बाकि रह गई थी और एक अंधेरा खाली कोना। बस एक सप्ताह और वह उबर आई थी नई जीजिविषा के साथ.. एक आत्मनिर्भर आत्मविश्वासी लड़की के व्यक्तित्व मे एक चुंबकत्व होता है। केतकी रेडियो स्टेशन मे काम करती थी. खूबसूरत थी । बस अगर शादी नहीं करी तो लोगों को बाते बनाने का मौका मिल जाता है। जानिए नायिका केतकी के जीवन मे आने वाले कई उतार-चढ़ावों को और उसका हर बार परिस्थिति को हरा कर आगे बढ़ने की यात्रा , जानने के लिए सुनते हैं मनीषा कुलश्रेष्ठ की लिखी कहानी एक नदी ठिठकी सी”, पूजा श्रीवास्तव की आवाज में…
एक साधारण-सी बस यात्रा में
युवा संदीप और प्रतीक्षा की अनायास मुलाकात होती है।
संदीप रोज़ की तरह ऑफिस जा रहा है,
और प्रतीक्षा भी अपने काम के सिलसिले में
उसी ऑफिस की ओर निकली है।
बस की भीड़, रास्ते की हलचल और
कुछ अनकहे क्षणों के बीच
जब दोनों के बीच बातचीत शुरू होती है, तो यह मुलाकात केवल संयोग नहीं रह जाती।
बातों-बातों में दोनों को यह एहसास होने लगता है कि उनके जीवन की राहें, संघर्ष, ख़ामोशियाँ और सपने कहीं न कहीं एक-दूसरे से मिलते हैं। क्या है संदीप और प्रतीक्षा के जीवन की वह समानता जो दो अजनबियों को एक पल में अपना-सा बना देती है? क्या यह सिर्फ़ इत्तेफ़ाक़ है या जीवन का कोई गहरा संकेत?
इन्हीं सवालों, भावनाओं और मानवीय संवेदनाओं से बुनी संजय विद्रोही की भाव-विभोर कर देने वाली कहानी “हम एक से”
सुनिए पूजा श्रीवास्तव की आत्मीय आवाज़ में—
केवल Gaatha पर।
रघु और अरुणा दो मासूम बच्चे हैं | रघु के पिता भी विधुर है |दादी उन दोनों बच्चों का ख्याल रखती है |रघु के पिता का पुनर्विवाह मासूम रघु के जीवन में क्या बदलाव लाता है पूरी कहानी जानने के लिए सुनते हैं राजेंद्र कृष्ण की लिखी बेहद मार्मिक कहानी अतीत की एक ढीठ खिडक़ी पूजा श्रीवास्तव जी की आवाज में
“नौं” साल और “चौदह” के दो सगे भाई हैं । स्वभाव से विपरीत। किंतु बड़ा भाई, छोटे भाई को उस समय की लघुता का एहसास दिलाता है जब छोटे भाई को अपनी सफलता पर घमंड होने लगता है । ये सब किस प्रकार होता है और क्या होता है? कहानी बड़े भाईसाहब मे जानेंगे?
एक निम्न जाति की वृद्धा मंदिर के पास बैठी है |वह 3 दिन से भूखी है तभी उसका बेटा राधे शराब के मद में चूर होकर उसके पास आता है और मंदिर में अछूतों के साथ दर्शन करने की जिद करने लगता है| किंतु मंदिर के अपवित्र होने के डर से मंदिर के महाराज उसे इस बात की चेतावनी देता है राधे की जिद्द का क्या नतीजा निकलता है क्या उसे मंदिर में दर्शन मिल पाते हैं क्या होता है राधे के साथ ?पूरी कहानी सुनने के लिए जानते हैं जयशंकर प्रसाद के द्वारा लिखी गई कहानी विराम चिन्ह निधि मिश्रा की आवाज में
हमारी कई बार ऐसी मनोस्थिति हो जाती है कि हमें अपने घर में ही वह प्रेम और शांति नहीं प्राप्त हो पाती है, जो घर के बाहर प्राप्त हो जाती है |कविता के माध्यम से इसी मनोभाव को प्रकट किया गया है…
कहानी की नायिका बेला है, जो कि कंजरो की बस्ती की एक लड़की है | बेला, गोली से प्रेम करती है| कंजरो के सरदार मैकू जबरन बेला का विवाह भूरे से करवा देता है| किंतु यही मैकू ठाकुर के सामने एक हज़ार की बोहनी के लिए एक इंद्रजाल फैलाता है| क्या है मैकू का वह जाल ?क्या हुआ चंदा ,गोली, भूरे और ठाकुर के साथ ?पूरी कहानी जानने के लिए सुनते हैं जयशंकर प्रसाद द्वारा लिखी गई कहानी इंद्रजाल ,निधि मिश्रा की आवाज
Reviews for: Ek Shikayat Sabki (एक शिकायत सबकी)
Average Rating
Vineeta Srivastava