एक जेबकतरे के द्वारा इंसानियत का परिचय देना , इस कहानी को और भीभावुक बनाती है कैसे? जानते हैं ज्ञानप्रकाश विवेक द्वारा लिखी गई कहानी जेबकतरा , पूजा श्रीवास्तव की आवाज में आवाज में
कहानी में नायिका संजय से बहुत प्रेम करती है| नायिका को कोलकाता एक इंटरव्यू के सिलसिले में जाना है वहां उसका एक पुराना प्रेमी निशिथ रहता है|जिसे नायिका अब बहुत पीछे छोड़ चुकी है कोलकाता में नायिका की मुलाकात निशिथ से होती है निशिथ नायिका की हर तरीके से मदद करता है क्या वह निशिथ का प्रेम है या कुछ और? पूरी कहानी जानने के लिए सुनते हैं मन्नू भंडारी द्वारा लिखी गई कहानी यही सच है ,पूजा श्रीवास्तव की आवाज में आवाज में
गैंडा- मोटी चमड़ी का , थोड़ा कुरूप सा दिखने वाला प्राणी। राज मेहरा, सुपर्णा की बचपन की सहेली थी और स्कूल कॉलेज की हर प्रतियोगिता में पूरे समय बराबर रहकर अन्त में बाज़ी मार ले जाती थी । जब काफ़ी समय बाद दोनो सहेलियाँ मिली तो अपने सुदर्शन फौजी पति के सामने राज के मोटे काले पति को देखकर सुपर्णा को ना जाने क्यों बहुत सन्तोष हुआ था। पर जब रूपसी वाचाल राज , सुपर्णा के घर रहने आयी और सहेली के पति को ही पुरस्कार की तरह जीत लिया, तब सुपर्णा ये विश्वासघात सहन ना कर पायीं. फिर सुपर्णा ने उस आघात को कैसे झेला? क्या एक पत्नी , सहेली के सामने एक बार फिर हार गयी या उसने एक ऐसा कदम उठाया जिसके बारे में राज ने कल्पना भी ना करी थी . जानिए शिवानी की इस कहानी “गैंडा “ में … ((सुनिए शिवानी जी की लेखनी का जादू इस कहानी गैंडा में , जहाँ एक सहेली और पत्नी के मनोभवों को बड़ी सुंदरता और सजीवता से प्रस्तुत किया गया है )
Celebrating 88th Bithday of melody queen Asha Bhosle With Pooja
अपनी भावी बहू को ले कर मेरे भी कुछ सपने थे, अरमान थे और बेटा अपनी पसंद से शादी करे मुझे उसमें भी कोई एतराज़ नहीं था। मगर जब ध्रुव ने मीतू यानी मैत्रीय को मेरे सामने ला कर खड़ा किया तो उस दुबली पतली , कटे बालों और ज़ींस टी शर्ट वाली लड़की में मैं अपनी बहू देख ही नहीं पा रही थी । शादी के बाद उसने इस घर को बड़ी सहजता से अपना लिया था पर मैं ना जाने क्यों उसको अपना नहीं पा रही थी । ना जाने क्यों उसकी हर छोटी बात भी मुझे नागवार हो जाती थी .” क्या मीतू अपनी सासू माँ को अपने स्नेहबँध में बांध सकी … सुनिए मालती जोशी जी की कहानी स्नेहबँध मे
अलग-अलग जाति से संबंध रखने वाले एक ऐसे प्रेमी युगल की कहानी जो एक दूसरे से प्रेम करते हैं विवाह भी करना चाहते हैं किन्तु सामाजिक बाधाओं के डर से डर कर कायरों की भांति पीछे हट जाते हैं
और मुझे लगा, जैसे उस शाम दूसरी बार किसी ने मुझसे अपने सच का प्रमाण माँगा हो। झाड़ी मुझसे सिर्फ तीन कदम दूर है तीन कदम भी नहीं, शायद उससे भी कम। मुझे वहाँ जाने में बहुत कम समय लगेगा। मैं पहले एक कदम लूँगा, फिर दूसरा और फिर वह मेरे सामने होगा। हर कदम मुझे उस झाड़ी के पास ले जाएगा जहाँ वह है, अब भी है। निर्मल वर्मा जी की कहानी चलती झाड़ी एक ऐसा वृतांत है जो रहस्यमई घटनाओं से भरा हुआ है क्विक सामान्य से दिखने वाले व्यक्ति को असहज कर देती है ऐसा ही कुछ होता है एक व्यक्ति से ऐसा जो कि अजनबी शहर में एक अजनबी स्थान पर बैठा हुआ है वहां पर आए हुए कुछ लोगों के व्यवहार से उसे ऐसा प्रतीत होता है जैसे वहां पर लोग उसे परिचित है इस पूरे रहस्य को सुनने के लिए सुमन जी की आवाज में जानते हैं कहानी जलती झाड़ी
कहानी दो शराबी भाइयों की है जो शराब और अपनी दौलत के नशे में दिन रात मदमस्त रहते हैं मुफ्त की शराब पीने वाले चापलूस उनके ख्याल ना में सुनते और शराब के मजे लेते किंतु इनकी करतूतों से एक दिन एक अप्रिय घटना घट जाती है क्या है वह घटना पूरी कहानी जाने के लिए सुनते हैं चंदन पांडे द्वारा लिखी गई कहानी समय के दो भाई अमित तिवारी जी की आवाज में
एक युवक अविनाश अवस्थी जो कि पुलिस में अधिकारी है, 8 वर्ष की आयु से अपनी विधवा मां पर किए गए समाज द्वारा शोषण को देखकर उसकी मानसिक स्थिति एक आक्रोश में तब्दील हो जाती है |वह किस प्रकार उस समाज से इस बात का बदला लेता है |इसे जानने के लिए सुनते हैं कहानी “मां “…..
जेवर और पीहर बुढ़ापे तक इन दो चीजों का मुंह नहीं टूटता |पीहर के प्रति लगाव इतना जबरदस्त होता है कि उसे बरकरार रखने के लिए कई बार बेटियां अपना जायज हक तक छोड़ देती है| चंद्रहार कहानी में भावनाओं का ताना-बाना इसी बात को लेकर बुना गया है| कहानी ने मीनू 3 साल के बाद अपनी मां से मिलने भारत आती है | मां उसको उसकी पसंद का चंद्रहार देना चाहती है किंतु मीनू उसे लेने से इनकार कर देती है पूरी कहानी जानने के लिए सुनते हैं मालती जोशी जी की आवाज में कहानी चंद्रहार
Reviews for: Jebkatra (जेबकतरा)