Maa Siddhidatri
मां दुर्गाजी की नौवीं शक्ति का नाम सिद्धिदात्री हैं। ये सभी प्रकार की सिद्धियों को देने वाली हैं। नवरात्रि-पूजन के नौवें दिन इनकी उपासना की जाती है। इस दिन शास्त्रीय विधि-विधान और पूर्ण निष्ठा के साथ साधना करने वाले साधक को सभी सिद्धियों की प्राप्ति हो जाती है। सृष्टि में कुछ भी उसके लिए अगम्य नहीं रह जाता है। ब्रह्मांड पर पूर्ण विजय प्राप्त करने की सामर्थ्य उसमें आ जाती है।
अखाड़े: कुंभ मेले की आत्मा
कुंभ मेले की पहचान सिर्फ स्नान और आध्यात्मिकता तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके केंद्र में हैं अखाड़े, जो सनातन धर्म की परंपरा, साधना और शौर्य का प्रतीक हैं।
अखाड़ों का महत्व:
अखाड़े विभिन्न संत परंपराओं और साधुओं के संगठन हैं। ये न केवल धर्म की रक्षा करते हैं, बल्कि समाज को ज्ञान, योग, और भक्ति का मार्ग दिखाते हैं।
⚔ आध्यात्म और शौर्य का संगम:
अखाड़ों में साधु अपने शारीरिक और मानसिक बल का प्रदर्शन करते हैं। वे कुंभ मेले में अपने धर्मध्वज के साथ प्रवेश करते हैं, जिसे शाही स्नान के रूप में जाना जाता है।
🕉 प्रमुख अखाड़े:
जैसे जूना अखाड़ा, निरंजनी अखाड़ा, महानिर्वाणी अखाड़ा आदि। हर अखाड़े की अपनी परंपरा और इतिहास है।
गाथा के साथ जानिए अखाड़ों की कहानियां, उनकी परंपराएं और कुंभ मेले में उनके योगदान की अद्भुत गाथा।
“अपने परिवार पर लगी खुशियों के ग्रहण पर, अपने पति को अपने में समेटता हुआ देखने की पीडा के बारे में, अपने बेटे के कालिख पुते वर्तमान और उसके अंधियारे भविष्य पर। सोचती हूँ, उन लोगों के बारे में जो सजायाफ्ता होकर भी राजनीति में उंची कुर्सियों पर बैठे हैं, क्योंकि उनके केस राजनीति में आने से पहले खारिज हो जाते हैंया माफ कर दिये जाते हैं लेकिन उन भूल से किये गये अपराधों के युवा अपराधियों का क्या जिन्हें अच्छे चरित्र और उच्च शिक्षा के बाद छोटी सी भी सजा मिलने के बाद कोई सरकारी नौकरी नहीं मिलती। सोचती हूँ, जेल के घुटन भरे माहौल में पल पल काटते अपने बाईस साल के युवा बेटे के बारे में उसके पिता की खामोश पीडा के बारे में। “ इस निराशा के बीच वो उम्मीद की किरण कहाँ से ढूँढ कर लाती है- सुनिए कहनी “नयी सम्भावनाओ का आकाश मे”
मानव है मेरे राम – Episode -6- Dr. Pradeep Dixit
जानिए क्यों राम ने अहिल्या का सिर्फ सम्मान किया, उद्धार नहीं | “मानव हैं मेरे राम” की इस कड़ी में | मानव हैं मेरे राम- राम की अनसुनी कहानी प्रदीप दीक्षित की जुबानी l
मानव है मेरे राम – Episode -73 – Dr. Pradeep Dixit
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Shrimad Bhagwat Gita adhyay-12 By Sri Anup Jalota
Credit: International Gita society
श्रीमद्भगवद्गीता
स्वर : पद्मश्री अनुप जलोटा
जीवन के संघर्षों, दुविधाओं और प्रश्नों के बीच यदि कोई ग्रंथ आज भी उतना ही प्रासंगिक है, तो वह है श्रीमद्भगवद्गीता। महाभारत के युद्धक्षेत्र में अर्जुन और भगवान श्रीकृष्ण के बीच हुआ यह दिव्य संवाद केवल धर्म और अध्यात्म का उपदेश नहीं, बल्कि जीवन को समझने और जीने की एक अद्भुत कला है।
गीता हमें कर्म, कर्तव्य, आत्मा, भक्ति, ज्ञान और जीवन के गहरे रहस्यों से परिचित कराती है। इसके श्लोक हमें कठिन परिस्थितियों में सही निर्णय लेने, मन को स्थिर रखने और जीवन में संतुलन बनाए रखने की प्रेरणा देते हैं।
अब इस अमूल्य ज्ञान को सुनिए पद्मश्री अनुप जलोटा की मधुर और ओजपूर्ण आवाज़ में। उनकी भावपूर्ण प्रस्तुति गीता के प्रत्येक अध्याय और श्लोक को एक नई आत्मीयता प्रदान करती है, जिससे यह दिव्य ज्ञान सीधे हृदय तक पहुँचता है।
🎧 Gaatha पर सुनिए श्रीमद्भगवद्गीता और अनुभव कीजिए उस अनंत ज्ञान को, जिसने सदियों से करोड़ों लोगों को जीवन का मार्ग दिखाया है।
गीता केवल एक ग्रंथ नहीं, बल्कि जीवन को देखने की एक दृष्टि है। 🙏📖✨
Credit:- International Gita society
मानव है मेरे राम – Episode -72 – Dr. Pradeep Dixit
जानिए राम ने लक्ष्मण को क्या राजाज्ञा दी ? मानव हैं मेरे राम की इस कड़ी में | मानव हैं मेरे राम- राम की अनसुनी कहानी प्रदीप दीक्षित की जुबानी l
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