The story shows how the groom side of the family used to take upperhand in every area during a marriage settlement and the social custom like dowry issue sometimes goes to such extent that leads to death, exploitation and mental torture. In this occasion the bride ultimately died as a result of this social customary evil.
महामाया और राजीव लोचन बचपन के साथी हैं। राजीव महामाया से प्रेम करता है किंतु एक दिन महामाया और राजीव को साथ देख महामाया का भाई उसका विवाह एक मरनासन्न बूढ़े से करवा देता है, जिसके अगले ही दिन महामाया विधवा हो जाती है तथा किसी तरह सती प्रथा के नाम पर जलती हुई चिता से बचकर भागने में सफल हो जाती है। वह राजीव के साथ इस शर्त पर रहना मंजूर करती है कि वह जीवन भर उसका अवगुंठन नहीं हटाएगा। एक रात राजीव खुद को रोक नहीं पाता और महामाया को हमेशा के लिए खो देता है।
विवाह एक ऐसा बंधन है जिसमें बंधकर हर लड़की को अपने प्रियजनों से विदा लेनी पड़ती है। हेम भी इसी बंधन में बंध कर अपने पिता से दूर अपने ससुराल चली आई थी किंतु तब ये किसने जाना था कि यह विदा एक दिन अनंत कालीन विदा बन जाएगी|
यतीन की मुलाकात चुनिया से उसकी चचेरी बहन पटल के घर पर होती है। अपने मजाकिया स्वभाव के चलते पटल दोनों को खूब छेड़ती है जिससे तंग आकर यतीन तो अपने घर चला आता है पर चुनिया उसका जाना सहन नहीं कर पाती और घर छोड़ कर चली जाती है। काफी समय बाद वह यतीन को फिर मिलती है हमेशा के लिए चले जाने के लिए।
नवीन का कंचन से प्रेम करना किंतु कह ना पाना इस कहानी को प्रेम के शिखर पर ले जाता है।
कहानी का मुख्य पात्र नरेंद्र एक चित्रकार है |उसे कम समय में ही प्रसिद्धि इसलिए प्राप्त हो गई क्योंकि वह जो भी चित्र बनाता था उसमें अपनी सारी योग्यता लगा देता था |नरेंद्र को चित्रकारी में ऐसी महत्वाकांक्षा थी कि वह ऐसा चित्र बनाना चाहता था जिसमें उसकी भावनाएं और विचारों का अद्भुत संगम नजर आए|नरेंद्र को इस संदर्भ में एक कला प्रदर्शनी में चित्र बनाने का मौका प्राप्त हुआ, उस कला प्रदर्शनी के लिए नरेंद्र कौन सा चित्र बनाएं अमर हो जाए ऐसी महत्वाकांक्षा उस की चरम सीमा पर थी |कहानी के अंत में आखिर नरेंद्र ने ऐसा चित्र बनाया, जिससे वह अमर तो हो गया किंतु उस चित्र को बनाने के लिए उसने अपने जीवन की क्या कीमत चुकाई ? यह कहानी का बेहद मार्मिक प्रसंग है |जिसे जान सकते हैं रविंद्र नाथ ठाकुर के द्वारा लिखी गई कहानी अंतिम प्यार में, शिवानी आनंद की आवाज में….
It was a path-breaking short story in form of a letter (the letter itself constitutes the whole story) which a typical Bengali upper middle-class wife “Mrinal” writes to her husband. She’s a poet, a thinker and over all a woman who dared to question, expressing bold and fervent statements with realizations coming from within the course of 15 years of her married life through letter to her husband.
The story shows how the groom side of the family used to take upperhand in every area during a marriage settlement. Sometimes it goes to such extent as exploitation and mental torture.
Punishment” is an incisive morality tale about the way that a lie can quickly develop a life of its own. Tagore ingeniously crafts a story that at first seems like it’s going to focus on one version of violence, but instead is enveloped by another.
“Poyla Nombor” is a story of an educated man who didn’t give any time recognizing wife’s wants and needs thinking her life is centered around his. And each time his guess about the concept of his wive’s thought process was proved wrong since he didn’t give a try and spend any time to understand her.
Chuti or The Home Coming is an interesting story written by the very famous Rabindranath Tagore. Explanation: The story revolves around a young boy who is in his teens and is confused about his life problems. His awkwardness is described beautifully.
मेरा ह्रदय एक आदमी की हत्या के बोझ से बोझिल हो उठा. घर आकर माँ से सब कुछ कहा- “माँ उसके कफ़न के लिए कोई नया कपड़ा निकाल दो!” माँ अपने सीने वाली पोटली उठा लायीं. नया कपड़ा निकलने के लिए उन्होंने ज्यों हीं पोटली खोली जम्बक की डिबिया खट से गिर पड़ी. बिना सत्यता परखे किसी निर्दोष को दोषी ठहरा देने पर उसकी जिंदगी में किस हद तक प्रभाव पड़ सकता है इसी बात को उजागर करती हुई यह कहानी है| केठानी एक बूढ़ा नौकर है और मात्र एक जंबक डिबिया घर में ना मिलने पर उस पर चोरी का इल्जाम लगाया जाता है और नौकरी से निकाल दिया जाता है कहानी में जानते हैं इस बात का केठानी की जिंदगी में क्या असर होता है ?सुनते इस मार्मिक कहानी को अमित तिवारी जी की आवाज मे
जीवन में रिश्ते नहीं ,रिश्तो में जीवन ढूंढो| कनक के पिता की मृत्यु हो चुकी है और कनक विदेश से कानपुर अपनी मां के पास आई है, उसके आने का मकसद अपने एक पिता और उनके दोस्त गुप्ता जी के साझा खरीदे हुए प्लॉट को बेचने का भी है |किंतु कहानी के प्रसंग में ऐसा भी आता है कि कनक अपना इरादा बदल देती है| कहानी का वह प्रसंग क्या है ?क्या कनक पर अपने पिता की परवरिश का रंग चढ़ा हुआ है? पूरी कहानी जाने के लिए सुनते हैं नीतू मुकुल के द्वारा लिखी गई कहानी, “रंग जो छूटे नाहि” पूजा श्रीवास्तव की आवाज में….
यह कहानी ऐसी वृद्ध महिला की है| जिसमें जीवन -पर्यंत अपना स्वाभिमान नहीं छोड़ा| किसी की दया पर जीना उसे कभी गवारा नहीं हुआ| पूरी कहानी जानने के लिए सुनते हैं जयशंकर प्रसाद के द्वारा लिखी गई कहानी गुदड़ी में लाल ,शिवानी आनंद की आवाज में
दीनानाथ को एक कार्यालय में जब₹50 की नौकरी मिल जाती है, तो उसकी ईश्वर के प्रति श्रद्धा और बढ़ जाती है| कहानी के एक प्रसंग में दीनानाथ द्वारा गलत कार्य हो जाता है जिसके कारण ईश्वर से दंड मिलने की शंका से दीनानाथ के मन में भय व्याप्त हो जाता है | क्या दीनानाथ का भय वास्तव में सत्य हो जाता है ?क्या दीनानाथ उसी प्रकार ईश्वर में आस्था रख पाता है पूरी कहानी जानने के लिए सुनते हैं प्रेमचंद द्वारा लिखी गई कहानी बासी भात में खुदा का साझा ,सुमन वैद्य जी की आवाज में….
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