दुर्योधन के कहने पर करण ने युद्ध में भार्गवास्त्र का प्रयोग किया जिससे युद्ध में भयावह स्थिति उत्पन्न हो गई| पूरा विवरण जानने के लिए सुनते हैं शिवानी आनंद की आवाज में ,महाभारत की कहानी में से एक कहानी “भार्गवास्त्र का प्रयोग “
रहमत मियां के बेटे सुक्खन जब गोश्त लेने बाजार गए तो उनकी लापरवाही से पूरे कस्बे में क्या कांड घटित हुआ ?जानने के लिए सुनते हैं सुभाष नीरव द्वारा लिखी गई कहानी एक और कस्बा, शिवानी आनंद की आवाज में
कहानी एक शरारती बंदर की है, जिसे अपनी शरारत का परिणाम भुगतना पड़ता है |कैसे? पंचतंत्र की कहानियों में से एक कहानी बंदर और लकड़ी का खूंटा, सुनते हैं शिवानी आनंद की आवाज में…
सभापर्व में मयासुर द्वारा युधिष्ठिर के लिए सभाभवन का निर्माण, लोकपालों की भिन्न-भिन्न सभाओं का वर्णन, युधिष्ठिर द्वारा राजसूय करने का संकल्प करना, जरासन्ध का वृत्तान्त तथा उसका वध, राजसूय के लिए अर्जुन आदि चार पाण्डवों की दिग्विजय यात्रा, राजसूय यज्ञ, शिशुपालवध, द्युतक्रीडा, युधिष्ठिर की द्यूत में हार और पाण्डवों का वनगमन वर्णित है।ऐसे ही महाभारत की कुछ रोचक प्रसंगों का उल्लेख है ,महाभारत की कहानियों में से एक कहानी सभापर्व में. जिसे सुनते हैं शिवानी आनंद की आवाज में…
राजा शल्य को दुर्योधन ने महाभारत संग्राम भूमि में कर्ण का सारथी बनने का आदेश दिया ,किंतु जब राजा शल्य ने महाभारत युद्ध में श्रीकृष्ण की भूमिका का उल्लेख किया तो दुर्योधन ने उसे कर्ण का अपमान समझा| तो क्या हुआ क्या राजा शल्य करण के सारथी बनने के लिए तैयार हुए और उनकी इस युद्ध में क्या भूमिका रही ?इस रोचक प्रसंग को सुनते हैं महाभारत की कहानियों में से एक कहानी शल्य का सारथी बनना ,शिवानी आनंद की आवाज में..
महाभारत की कहानियों में से एक कहानी’ युधिष्ठिर द्वारा दुर्योधन की रक्षा ‘ ,उस समय का प्रसंग है जब पांडवों के वनवास को 11 वर्ष हो चुके थे| दुर्योधन पांडवों को जान से मारने की मंशा से उस जगह जा पहुंचता है जहां पांडवों का वास है ,किंतु ऐसी कुछ घटित होता है कि दुर्योधन को ही युधिष्ठिर की शरण में आना पड़ता है और युधिष्ठिर दुर्योधन के प्राणों की का संरक्षण करते हैं| ऐसा क्या घटित हुआ था कि दुर्योधन को युधिष्ठिर की शरण लेनी पड़ी? शिवानी आनंद की आवाज में सुनते हैं कहानी का पूरा प्रसंग…
महाभारत के वन पर्व में कई अद्भुत कथाएं और कई प्रसंग शामिल है| जैसे किस प्रकार पांडवों का वनवास हुआ ?अर्जुन को कैसे दिव्यास्त्र की प्राप्ति हुई? अर्जुन की इंद्रलोक की यात्रा किस प्रकार हुई ?भीम की मुलाकात श्री हनुमान से कैसे हुई ?आदि बहुत से ऐसे प्रसंग है जिनको सुनते हैं महाभारत की कहानियों में से एक कहानी वन पर्व में, शिवानी आनंद की आवाज में..
महाभारत के युद्ध में गुरु द्रोणाचार्य जी की मृत्यु के पश्चात कर्ण को कौरवों का सेनापति बनाया गया |कर्ण के युद्ध कौशल से पांडु पुत्रों की हार सुनिश्चित लगने लगी ,किंतु कर्ण का सामना जब सर्वश्रेष्ठ धनुर्धारी अर्जुन के सामने हुआ तो युद्ध अपने चरम सीमा पर पहुंच गया | कर्ण किसी भी तरीके से अर्जुन से धनुर्विद्या में कम ना था किस प्रकार पांडु पुत्र अर्जुन के द्वारा कर्ण का वध हुआ? इस प्रसंग को जानने के लिए सुनते हैं महाभारत की कहानियों में से एक कहानी कर्ण और अर्जुन का संग्राम और कर्ण वध, शिवानी आनंद की आवाज में…
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