दुनिया को रोशनी दिखाने वाले थॉमस एल्वा एडिसन ने आज ही के दिन, 18 अक्टूबर 1931 को अपनी आखिरी सांस ली थी. एक अमेरिकी वैज्ञानिक और बिजनेसमैन थे. उन्होंने बिजली के उपकरण, संचार, साउंस रिकॉर्डिंग और वीडियोग्राफी जैसे क्षेत्रों में कई डिवाइस इजाद किए
भारतीय वायु सेना की स्थापना 8 अक्टूबर 1932 को हुई थी और पहली उड़ान 1 अप्रैल 1933 को भरी थी। भारतीय वायु सेना को आजादी से पहले ‘रॉयल इंडियन एयर फोर्स’ के नाम से जाना जाता था। आजादी के बाद 1950 में इसके नाम से रॉयल शब्द हटा दिया गया था। भारतीय वायु सेना ने 1933 में पहली बार उड़ान भरी थी।
विट्ठल भाई पटेल भारत के प्रख्यात विधान वेत्ता होने के साथ ही साथ एक महान क्रांतिकारी भी रहे। यह सरदार वल्लभभाई पटेल के बड़े भाई थे। पूर्ण स्वराज पाने के लिए वह किसी भी तरह अंग्रेजों से कोई भी समझौता नहीं करना चाहते थे। इनका संपूर्ण जीवन सिर्फ़ और सिर्फ़ देश के लिए ही समर्पित रहा।
भारत के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू का जन्म 14 नवंबर, 1889 को उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद में हुआ था। पंडित जवाहरलाल नेहरू को प्यार से ‘चाचा नेहरू’ भी कहा जाता था और उनकी मृत्यु के बाद, उनके जन्मदिन को भारत में ‘बाल दिवस’ के रूप में मनाने का सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया।
यह दिन पहली बार 20 अक्टूबर 2010 को मनाया गया था और तब से हर 5 साल में मनाया जाता है|विश्व सांख्यिकी दिवस की शुरुआत संयुक्त राष्ट्र (UN) द्वारा की गई थी।2020 में तीसरा विश्व सांख्यिकी दिवस मनाया जाएगा| इस बार की थीम- कनेक्टिंग द वर्ल्ड विद डाटा वी कैन ट्रस्ट रखी गई है’|
सरदार पटेल का जन्म 31 अक्टूबर, 1875 को गुजरात के नाडियाड में हुआ। पिता का नाम झावेर भाई और माता का नाम लाडबा पटेल था। माता-पिता की चौथी संतान वल्लभ भाई कुशाग्र बुद्धि के थे। उनकी रुचि भी पढ़ाई में ही ज्यादा रही।आज एकता के सूत्र में बंधे भारत के लिए देश सरदार पटेल का ही ऋणी है। कहा जाता है कि एक बार उनसे किसी अंग्रेज ने इस बारे में पूछा तो सरदार पटेल ने कहा- मेरा भारत बिखरने के लिए नहीं बना।सरदार पटेल’,’लोह पुरुष’ और ‘भारत का बिस्मार्क’ की उपाधियों से इन्हें सम्मानित किया गया 1991 में ‘भारत रत्न’ से भी इन्हें सम्मानित किया गया इनका जन्म दिवस ‘राष्ट्रीय एकता दिवस’ के रूप में मनाया जाता है
मुंशी राम सेवक की सारी धाक मिट्टी में मिल गई। बूढ़ी विधवा, मूंगा के पैसे हड़प करना उन्हें रास ना आया। ब्राह्मणी मूंगा ने उनके द्वार पर प्राण क्या त्यागे, सारे गाँव ने उनसे मुँह मोड़ लिया ।मूंगा के भूत का डर अलग से सताने लगा। पत्नी नागिन चल बसी। बेटा रामगुलाम रिफारमेंट्री स्कूल में भर्ती हो गया ।और खुद रामसेवक साधु हो गए। गरीब की हाय उनके पूरे परिवार को लील गई।
विश्व व्यावसायिक चिकित्सा दिवस हर वर्ष 27 अक्टूबर को मनाया जाता है। इसे पहली बार 27 अक्टूबर 2010 को मनाया गया था। द वर्ल्ड फेडरेशन ऑफ ऑक्यूपेशनल थेरेपिस्ट (WFOT) व्यावसायिक चिकित्सा पेशे का अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिनिधित्व करता है, जिसमें बैश्विक स्तर पर 101 राष्ट्रीय व्यावसायिक चिकित्सा पेशेवर संगठन शामिल हैं।
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