One day ‘pyari’ who was working as servant in Girish Mathur’s house, who was surrogate to landlord, escaped herself from his bad eye and took the shelter in old and respected Hariharan’s house in same village. Girish asked him to send her back but Ha
Chuti or The Home Coming is an interesting story written by the very famous Rabindranath Tagore. Explanation: The story revolves around a young boy who is in his teens and is confused about his life problems. His awkwardness is described beautifully.
बनवारी जो पत्नी से बेहद प्रेम करता है, अपने हालदार परिवार के के बड़े बेटे होने का फर्ज न निभाते हुए केवल उसकी खुशी के लिए ही सब करता है लेकिन परिस्थिति तब बदल जाती है जब उसे पता चलता है कि उसकी पत्नी किरण की नज़र में उसका कोइ मोल नहीं और वह जी जान से अपने देवर के पुत्र हरिदास की देखभाल करते हुए कब उसकी पत्नी से ज्यादा हालदार परिवार की बड़ी बहू बन गई बनवारी को पता ही नहीं चला।
यह कहानी हर उस पत्नी की है जो पढ़ी- लिखी और विवेकशील होने के कारण परिस्थितियों से समझौता नहीं कर पाती बल्कि उनसे लड़ती है तब -तक, जबतक कि वह लड़ सकती हैं…
यतीन की मुलाकात चुनिया से उसकी चचेरी बहन पटल के घर पर होती है। अपने मजाकिया स्वभाव के चलते पटल दोनों को खूब छेड़ती है जिससे तंग आकर यतीन तो अपने घर चला आता है पर चुनिया उसका जाना सहन नहीं कर पाती और घर छोड़ कर चली जाती है। काफी समय बाद वह यतीन को फिर मिलती है हमेशा के लिए चले जाने के लिए।
महाभारत की कहानियों में से एक कहानी ‘द्रौपदी स्वयंवर’, उस समय का प्रसंग है जब द्रुपद नरेश का द्रौपदी स्वयंवर आयोजित किया जाता है| इस स्वयंवर में भाग लेने के लिए एक से बढ़कर एक महारथी आए किंतु स्वयंवर में रखी गई शर्त को कोई भी पूर्ण ना कर सका| ऐसे में किस प्रकार द्रौपदी का स्वयंवर हुआ ?इस स्वयंवर में कौन सी घटना घटित हुई? इस पूरे प्रसंग को सुनते हैं शिवानी आनंद की आवाज में…
राजा शल्य को दुर्योधन ने महाभारत संग्राम भूमि में कर्ण का सारथी बनने का आदेश दिया ,किंतु जब राजा शल्य ने महाभारत युद्ध में श्रीकृष्ण की भूमिका का उल्लेख किया तो दुर्योधन ने उसे कर्ण का अपमान समझा| तो क्या हुआ क्या राजा शल्य करण के सारथी बनने के लिए तैयार हुए और उनकी इस युद्ध में क्या भूमिका रही ?इस रोचक प्रसंग को सुनते हैं महाभारत की कहानियों में से एक कहानी शल्य का सारथी बनना ,शिवानी आनंद की आवाज में..
जब पांडु पुत्रों पांडव पांडवों और कौरवों की शिक्षा पूर्ण हुई तो गुरु द्रोणाचार्य ने गुरु दक्षिणा के रूप में उनसे पंचाल नरेश के द्वारा उनके अपमान का बदला लेने का आदेश दिया| पंचाल नरेश के यहां द्रौपदी और धृष्टद्युम्न का जन्म किस उद्देश्य से हुआ इसके पीछे महाभारत की एक रोचक कथा शामिल है? जिसे जानने के लिए सुनते हैं महाभारत की कहानियों में से एक कहानी द्रौपदी और धृष्टद्युम्न की जन्म की कथा शिवानी आनंद की आवाज में…
पोस्टमास्टर साहब के तबादले के लिए संघर्ष और उनके चले जाने की बात सुनकर अधीर हो उठी उनकी सेविका रतन की कहानी।
यह कहानी एक ऐसे व्यक्ति की है जो अपनी महत्वकांक्षाओ के चलते अपने बचपन की सहचरी सुरबाला से विवाह के लिए इंकार कर देता है और जब जीवन के यथार्थ पर उतरकर देखता है तो उसे एहसास होता है कि उसने सिर्फ सुरबाला ही नहीं बल्कि सब कुछ खो दिया।
72 वर्ष के एक वृद्ध की कहानी है जो 20 साल तक अपनी एक जमीन के लिए अदालतों का चक्कर काटता रहता है अब इस उम्र में उसे जमीन मिल भी जाती है किंतु अभी जमीन का कब्जा बाकी होता है वह बेहद कशमकश की स्थिति में है कि अब क्या करें क्या वह वयोवृद्ध जमीन का सुख उठा पाता है क्या होता है उसके साथ पूरी कहानी जानने के लिए सुनते हैं भीष्म साहनी द्वारा लिखी गई कहानी मरने से पहले सुमन वैद्य जी की आवाज में
यह कहानी जगन्नाथ नाम के एक बेहद कंजूस बूढ़े व्यक्ति की है जिसने थोड़ा सा धन बचाने के लिए अपनी बीवी और बहु का उचित इलाज नहीं करवाया, परिणाम स्वरूप उनकी मृत्यु के बाद उसका बेटा भी उसके पोते गोकुल को लेकर घर से पलायन कर जाता है। अपने कंजूस स्वभाव से ग्रस्त जगन्नाथ अपने पोते गोकुल की मृत्यु का कारण बनता है तथा पागल हो स्वयं भी प्राण त्याग देता है।
गुरु नानक देव जी सिख धर्म के गुरु है,गुरु नानक देव ने हमेशा अपने प्रवचनों में जातिवाद को मिटाने, सत्य के मार्ग पर चलने के उपदेश दिए हैं। आइए जानते हैं गुरु नानक के पद,रवि शुक्ला की आवाज में…
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