प्रेम एक ऐसी अनुभूति है जो कब , कैसे , किसके लिए महसूस होगी , ये कह पाना कब सम्भव हुआ है? अविनाश, एक फ़ौजी अफ़सर, जिसकी पहली शादी का अनुभव बहुत ही तकलीफ़देह रहा था, उसने शादी ना करने का मन बना लिया था । सुधा, एक आत्मनिर्भर, आत्मविश्वासी, रूप- गुण युक्त एक स्वावलंबी महिला थी। और उसने भी शादी को कुछ ख़ास तवज्जो नहीं दी थी। और फिर, नीलांजना , बचपन को पीछे छोड़ती वो रूपसी तरुणी जिसके लिए दुनिया रंगो से सजी जीवंत तस्वीर जैसा था । इन तीनो किरदारो के जीवन तार एक दूसरे से कैसे उलझते है , आइए सुनते है मनीषा कुलश्रेष्ठ की भावनाओं में डूबती उतराती इस कहनी “ अधूरी तसवीरें” मे..,
प्रेम एक ऐसी अनुभूति है जो कब , कैसे , किसके लिए महसूस होगी , ये कह पाना कब सम्भव हुआ है? अविनाश, एक फ़ौजी अफ़सर, जिसकी पहली शादी का अनुभव बहुत ही तकलीफ़देह रहा था, उसने शादी ना करने का मन बना लिया था । सुधा, एक आत्मनिर्भर, आत्मविश्वासी, रूप- गुण युक्त एक स्वावलंबी महिला थी। और उसने भी शादी को कुछ ख़ास तवज्जो नहीं दी थी। और फिर, नीलांजना , बचपन को पीछे छोड़ती वो रूपसी तरुणी जिसके लिए दुनिया रंगो से सजी जीवंत तस्वीर जैसा था । इन तीनो किरदारो के जीवन तार एक दूसरे से कैसे उलझते है , आइए सुनते है मनीषा कुलश्रेष्ठ की भावनाओं में डूबती उतराती इस कहनी “ अधूरी तसवीरें” मे..,
प्रेम एक ऐसी अनुभूति है जो कब , कैसे , किसके लिए महसूस होगी , ये कह पाना कब सम्भव हुआ है? अविनाश, एक फ़ौजी अफ़सर, जिसकी पहली शादी का अनुभव बहुत ही तकलीफ़देह रहा था, उसने शादी ना करने का मन बना लिया था । सुधा, एक आत्मनिर्भर, आत्मविश्वासी, रूप- गुण युक्त एक स्वावलंबी महिला थी। और उसने भी शादी को कुछ ख़ास तवज्जो नहीं दी थी। और फिर, नीलांजना , बचपन को पीछे छोड़ती वो रूपसी तरुणी जिसके लिए दुनिया रंगो से सजी जीवंत तस्वीर जैसा था । इन तीनो किरदारो के जीवन तार एक दूसरे से कैसे उलझते है , आइए सुनते है मनीषा कुलश्रेष्ठ की भावनाओं में डूबती उतराती इस कहनी “ अधूरी तसवीरें” मे..,
अच्छा ही तो है‚ दहेज के लालचियों से क्या करनी शादी। कहीं तो ये कड़ी टूटे…दहेज देते और लेते जाने की लड़के वाले अर्पिता की छोटी ननद को देखने आते हैं |लड़के वालों ने उनके सामने दहेज की लंबी चौड़ी मांग कर दी है |इस बात से काफी छोटी ननद काफी आहत है ,किंतु अर्पिता अपने समय को याद करते हुए सोच रही है कि कभी इस परिवार ने भी तो अर्पिता के मां -बाप के सामने दहेज की मांग की थी की मांग रखी थी |पूरी कहानी जानने के लिए सुनते हैं मनीषा कुलश्रेष्ठ के द्वारा लिखी गई कहानी कड़ी दर कड़ी ,पूजा श्रीवास्तव की आवाज में
नयी नयी शादी के बाद कैसे हम हर वक़्त साथ रहना चाहते है। लगता है एक पल भी दूर रहने का मतलब है प्यार कम हो रहा है। पर कैसे वक़्त के साथ ये प्यारा सा रिश्ता भी परिपक्व होता है। वैवाहिक जीवन के पलो को बेहद खूबसूरती और सजीवता से प्रस्तुत करती है ये कहानी “ लेट उस ग्रो टुगेदर”
यह कहानी एक सांवली सी लड़की फिरदौस की है और फरजाना उसकी अन्य दो बहने गोरी और सुंदर है सब की शादियां खूब धूमधाम से होती है उन्हीं की एक बड़ी बहन है फिरदौस कद काठी नाक नक्श अच्छे हैं किंतु सांवला रंग |घर के कामों में वह निपुण है किंतु उदासीन और सहमी सहमी रहती है उसका सांवला रंग उसके व्यक्तित्व को उदासीन बना रहा है क्या उसके जीवन में भी खुशियां आती हैं पूरी कहानी जाने के लिए सुनते हैं मनीषा कुलश्रेष्ठ के द्वारा लिखी गई कहानी एक सांवली सी परछाई पूजा श्रीवास्तव की आवाज में
पत्नि के भाग्य से जुड पति का भाग्य प्रखर होता है। मीनू तू भाग्यलक्ष्मी है मीनू जब मात्र 19 वर्ष की थी तब अपने से उम्र में काफी बड़े साइंटिस्ट विलास जी से उसका विवाह करा दिया गया था | शादी से पूर्व मीनू इस बेमेल विवाह से खुश नहीं थी | किंतु क्या हुआ विवाह के उपरांत मीनू के साथ? क्या वे उस घर की भाग्यलक्ष्मी बन पाई? पूरी कहानी जानने के लिए सुनते हैं मनीषा कुलश्रेष्ठ द्वारा लिखी गई कहानी भाग्य लक्ष्मी ,पूजा श्रीवास्तव की आवाज में…
कहानी में नायिका का पति कहीं दूर चला गया है|समाज एक अकेली स्त्री को मात्र बस एक ‘देह’ समझता है और नायिका इन्हीं परिस्थितियों से गुजर रही है| यह परिस्थितियां नायिका को एक लिजलिजा एहसास का अनुभव करा रही है | जानते हैं मनीषा कुलश्रेष्ठ द्वारा लिखी गई कहानी “”एक लिजलिजा एहसास “,पूजा श्रीवास्तव की आवाज में..
यह कहानी एक सांवली सी लड़की फिरदौस की है और फरजाना उसकी अन्य दो बहने गोरी और सुंदर है सब की शादियां खूब धूमधाम से होती है उन्हीं की एक बड़ी बहन है फिरदौस कद काठी नाक नक्श अच्छे हैं किंतु सांवला रंग |घर के कामों में वह निपुण है किंतु उदासीन और सहमी सहमी रहती है उसका सांवला रंग उसके व्यक्तित्व को उदासीन बना रहा है क्या उसके जीवन में भी खुशियां आती हैं पूरी कहानी जाने के लिए सुनते हैं मनीषा कुलश्रेष्ठ के द्वारा लिखी गई कहानी एक सांवली सी परछाई पूजा श्रीवास्तव की आवाज में
वृद्धाश्रम में रहने वाला हर इंसान अपने आप ना जाने कितनी कहानियाँ समेटे होता है। स्वभाव में विपरीत सख़ुबाई और आनंदी की मित्रता होती है एक वृद्धाश्रम , आश्रय में. वृद्धाश्रम के निवासियों के जीवन की कहानी और उनके वहाँ पहुँचने के सफ़र का बड़ा सजीव चित्
एक महाशय का सिद्धांत यह है किचमड़ी जाए, पर दमड़ी ना जाए| अब ऐसे महाशय को किसी लड़की से प्रेम हो जाता है| अब उनके इस व्यवहार के कारण यह रिश्ता कितनी दूर तक जाता है |जानने के लिए सुनते हैं अर्चना चतुर्वेदी की लिखी कहानी एक कंजूस की प्रेम कहानी ,पूजा श्रीवास्तव की आवाज में….
मां बाप के लिए अपने बच्चे ना कोई बोझ होते हैं ना कोई अवसाद होते हैं वह अपने बच्चों को पूरे स्नेह के साथ उनका लालन-पालन करते हैं क्या कभी बच्चे भी अपने मां-बाप कीउसी प्रकार उनकी देखभाल कर पाते हैं इसी भावना से ओतप्रोत है मालती जोशी जी की लिखी कहानी वो तेरा घर यह मेरा घर ,सुनते हैं पूजा श्रीवास्तव की आवाज में
कादिर को जब ऎसा महसूस होता है कि उसका पुरुषोचित्त सिर्फ़ सुल्तान की गुलामी करने मे बीत रहा है तो वह सुल्तान शाहआलम के खिलाफ बगावत कर देता है जानिये किस तरह कहानी गुलाम में…..
गर्मियों का मौसम है टी हाउस में काफी भी है गे-लॉर्ड भी भरा हुआ है वहां बैठे युवक-युवतियों और अन्य सभी लोगों के बीच अलग-अलग तरह की बातचीत हो रही है क्या है टी- हाउस का माहौल ?किस प्रकार की बातचीत वहां चल रही है ?इसका पूरा आनंद लेने के लिए मन्नू भंडारी की कहानी एक प्लेट सैलाब सुनते हैं आरती श्रीवास्तव जी की आवाज में
“हालात और वक़्त के साथ सबको बदलना पड़ता है। इंसान के बदलाव के बारे में दर्शाती यह कविता जरूर सुनें।
“तुम फौजी बड़े बेवफा होते हो शादी करोगे ,फिर कल फर्ज के नाम पर शहीद कहलाओगे | तुम्हारे पीछे मैं विधवा ……” कहानी में आकाश एक नेवी कमांडर है और एक भूमि नाम की लड़की से बहुत प्यार करता है | भूमि भी उससे बेतहाशा प्यार करती है |किंतु जब आकाश ,भूमि के सामने शादी का प्रस्ताव रखता है तो उसे वह अस्वीकार कर देती है | पूरी कहानी जाने के लिए सुनते हैं ऋषभ आदर्श के द्वारा लिखी गई कहानी “विधवा “,अमित तिवारी जी की आवाज में….
एक नवविवाहित जोड़ा पूरी रात एक दूसरे के अतीत को जाने के लिए बात करते हैं उनकी बातचीत का क्या आशय है जानने के लिए सुनते हैं कामतानाथ के द्वारा लिखी कहानी सारी रात अमित तिवारी जी की आवाज में
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