भगवान श्री कृष्ण दुर्योधन के पास दूत बनकर, युधिष्ठिर को मात्र 5 गांव देने का प्रस्ताव लेकर गए|किंतु दुर्योधन, युधिष्ठिर को सुई के बराबर भूमि देने को भी तैयार नहीं हुआ और इस कारण महाभारत का युद्ध प्रारंभ हो गया |इस युद्ध के पीछे और क्या कारण थे ?महाभारत के युद्ध में क्या नियम बनाए गए और कौरवों और पांडवों की सेना में कौन कौन शामिल थे ?पूरी जानकारी के लिए सुनते हैं ,महाभारत की कहानियों में से एक कहानी महाभारत का युद्ध ,शिवानी आनंद की आवाज में…
फणिभूषण और मणिमल्लिका के प्रेम, मिलन और विछोह की रहस्यमई कहानी।
महाभारत का घमासान युद्ध चल रहा था |युद्ध में दुर्योधन और युधिष्ठिर का आमना -सामना होने पर दोनों के द्वारा शस्त्रों की वर्षा होने लगी| ऐसा समय भी आया जब युधिष्ठिर के प्रहारों से दुर्योधन मूर्छित हो गया |ऐसे समय भीमसेन ने आकर युधिष्ठिर से दुर्योधन का प्राण दान मांगा| आखिर क्या वजह थी कि भीम ने दुर्योधन प्राण –दान, युधिष्ठिर से क्यों मांगा |इसके पीछे की कहानी जानने के लिए सुनते हैं महाभारत की कहानियों में से एक कहानी दुर्योधन का प्राण दान, शिवानी आनंद की आवाज में
राजा शल्य को दुर्योधन ने महाभारत संग्राम भूमि में कर्ण का सारथी बनने का आदेश दिया ,किंतु जब राजा शल्य ने महाभारत युद्ध में श्रीकृष्ण की भूमिका का उल्लेख किया तो दुर्योधन ने उसे कर्ण का अपमान समझा| तो क्या हुआ क्या राजा शल्य करण के सारथी बनने के लिए तैयार हुए और उनकी इस युद्ध में क्या भूमिका रही ?इस रोचक प्रसंग को सुनते हैं महाभारत की कहानियों में से एक कहानी शल्य का सारथी बनना ,शिवानी आनंद की आवाज में..
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