तुम दिल पर क्यों लगाती हो। कहने दिया करो जो कहते हैं। हम तो अब तिड़के घड़े का पानी ठहरे। आज हैं, कल नहीं रहेगें। फेंकने दो कंकर-पत्थर। जो दिन कट जाएं, अच्छा है।”कहानी में वृद्ध और वृद्धा अपने बेटे -बहु के साथ रह रहे हैं |वृद्धावस्था में क्या है उनकी स्थिति ?जानने के लिए सुनते हंं सुभाष नीरव के द्वारा लिखी गई कहानी तिड़के घड़े , शिवानी आनंद के द्वारा
जब पांडु पुत्रों पांडव पांडवों और कौरवों की शिक्षा पूर्ण हुई तो गुरु द्रोणाचार्य ने गुरु दक्षिणा के रूप में उनसे पंचाल नरेश के द्वारा उनके अपमान का बदला लेने का आदेश दिया| पंचाल नरेश के यहां द्रौपदी और धृष्टद्युम्न का जन्म किस उद्देश्य से हुआ इसके पीछे महाभारत की एक रोचक कथा शामिल है? जिसे जानने के लिए सुनते हैं महाभारत की कहानियों में से एक कहानी द्रौपदी और धृष्टद्युम्न की जन्म की कथा शिवानी आनंद की आवाज में…
फणिभूषण और मणिमल्लिका के प्रेम, मिलन और विछोह की रहस्यमई कहानी।
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