पांडु जेष्ठ पुत्र युधिष्ठिर ने अर्जुन को कर्ण का वध न कर पाने के कारण धिक्करा और यहां तक कह दिया कि अगर कर्ण का वध नहीं कर पाते हो तो ,अपना गांडीव धनुष किसी दूसरे योद्धा को दे दो |इस बात को लेकर अर्जुन बहुत क्रोधित हुए और और युधिष्ठिर को मारने के लिए तत्पर हो गए |ऐसी विषम परिस्थिति में किस प्रकार अर्जुन शांत इस हो पाए |महाभारत के रोचक प्रसंग को जानने के लिए सुनते हैं महाभारत की कहानियों में से एक कहानी युधिष्ठिर का अपमान ,शिवानी आनंद की आवाज में
यह कहानी ऐसी वृद्ध महिला की है| जिसमें जीवन -पर्यंत अपना स्वाभिमान नहीं छोड़ा| किसी की दया पर जीना उसे कभी गवारा नहीं हुआ| पूरी कहानी जानने के लिए सुनते हैं जयशंकर प्रसाद के द्वारा लिखी गई कहानी गुदड़ी में लाल ,शिवानी आनंद की आवाज में
पर्यावरण संरक्षण के नाम पर, बिना विषय की गंभीरता समझे अपनी किट्टी पार्टी की सहेलियों के साथ श्रीमती खन्ना की पर्यावरण बचाने की मुहीम पर हास्य व्यंग।
सुबोध अवस्थी का जब ट्रांसफर एक शहर से दूसरे शहर के लिए होता है तो उनके बच्चे शीला और सुमित अपने शहर ,अपने घर ,दोस्तों को छोड़कर नए शहर ,नए घर नहीं जाना चाहते हैं | सबके इमोशंस उस घर से, उस शहर से ,अपने दोस्तों से जुड़े हुए हैं | उनकी कोमल भावनाओं को इस बात से गहरा आघात लगता है कि उन्हें यह सब छोड़ कर यहां से नए शहर को जाना होगा ऐसी स्थिति में सुबोध और राधिका अपने बच्चों को समझाने की बहुत कोशिश करते हैं किंतु कहानी इसी ताने-बाने में उलझी हुई है कि ऐसी स्थिति में बच्चों की क्या मनोदशा होती है ? इस भाव को समझने के लिए सुनते हैं गिरिराजशरण अग्रवाल के द्वारा लिखी गई कहानी तबादला शिवानी आनंद की आवाज में..
माया सुर के द्वारा युधिष्ठिर के लिए एक ऐसी सभागार का निर्माण हुआ जिसमें बहुत सी बातें भ्रम पैदा कर रही थी |इसी सभागार में दुर्योधन उपहास का पात्र बन गए| दुर्योधन ने उपहास का बदला लेने के प्रयोजन से दुर्योधन के मामा शकुनि के साथ मिलकर द्यूत-क्रीड़ा के लिए युधिष्ठिर को आमंत्रित किया | मामा शकुनि की धूर्तता के कारण इस द्यूत-क्रीड़ा का क्या परिणाम निकला और युधिष्ठिर के साथ क्या-क्या हार गए| इस पूरे प्रसंग को जानने के लिए सुनते हैं महाभारत की कहानियों में से एक कहानी कौरवों का कपट ,शिवानी आनंद की आवाज में ..
जब पांडु पुत्रों पांडव पांडवों और कौरवों की शिक्षा पूर्ण हुई तो गुरु द्रोणाचार्य ने गुरु दक्षिणा के रूप में उनसे पंचाल नरेश के द्वारा उनके अपमान का बदला लेने का आदेश दिया| पंचाल नरेश के यहां द्रौपदी और धृष्टद्युम्न का जन्म किस उद्देश्य से हुआ इसके पीछे महाभारत की एक रोचक कथा शामिल है? जिसे जानने के लिए सुनते हैं महाभारत की कहानियों में से एक कहानी द्रौपदी और धृष्टद्युम्न की जन्म की कथा शिवानी आनंद की आवाज में…
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