क्या गलत है, क्या सही |बिना जाने -समझे किसी भी बात की रूपरेखा खींच लेना कितना उचित है ?क्या यह उचित नहीं होगा कि जब तक हम किसी भी बात को पूर्ण रूप से ना समझ ले, तब तक किसी भी बात पर अपना निर्णय नहीं बनाना चाहिए | इसी बात को उजागर करती हुई अनुपम ध्यानी की आवाज में कविता जानकर चलो मान कर नहीं..
Meri or se RAM JANM BHOOMI POOJAN ke shubh uplaksh par bhent kee hui ek EENT.
Jai Shri Ram! Jai Maa Bhaarati ! Jai Hind !
कवि हमेशा सत्य का परिचय कराता है ,हो सकता है वह सत्य कटु लगे ऐसी स्थिति में हमेशा कवि की उपेक्षा की जा जाती है |
30 seconds of positive energy, positive poetry.
पड़ती है !|Hindi Kavita |हिंदी कविता | Motivational Hindi Poems by Anupam Dhyani Before starting something new one must shed the old! One must be patient for victory and always understand that all good things come in time.
जज़्बा |Passion| جازبہ | Hindi Kavita | हिंदी कविता | Motivational Poems by Anupam Dhyani
Passion is an ingredient , if missing, can dilute the hard work, talent, luck and focus put in winning.
Make passion the most important thing in your toolbox.
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क्या गलत है, क्या सही |बिना जाने -समझे किसी भी बात की रूपरेखा खींच लेना कितना उचित है ?क्या यह उचित नहीं होगा कि जब तक हम किसी भी बात को पूर्ण रूप से ना समझ ले, तब तक किसी भी बात पर अपना निर्णय नहीं बनाना चाहिए | इसी बात को उजागर करती हुई अनुपम ध्यानी की आवाज में कविता जानकर चलो मान कर नहीं..
ईशरसिंह ने अपनी बन्द होती आँखें खोलीं और कुलवन्त कौर के जिस्म की तरफ देखा, जिसकी बोटी-बोटी थिरक रही थी वह…वह मरी हुई थी…लाश थी…बिलकुल ठंडा गोश्त…जानी, मुझे अपना हाथ दे… कुलवंत सिंह भरे पूरे शरीर की एक दबंग औरत है ईश्वर सिंह से करीब 8 दिन बाद उसके पास आता है कुलवंत सिंह इस बात के लिए जिरह करती है 8 दिन कहां था? ईश्वर सिंह बहलाने की बहुत कोशिश करता है परंतु कुलवंत सिंह को सच्चाई का अंदाजा हो जाता है आखिर क्या थी? सच्चाई और कुलवंत सिंह को किस बात का अंदाजा हो जाता है? पूरी कहानी जाने के लिए सुनते हैं सआदत हसन मंटो की लिखी कहानी ठंडा गोश्त अनुपम ध्यानी की आवाज में
Have you every wanted a vacation from being a Human. I have. कभी आपको मनुष्य बनने से छुट्टी की इच्छा हुई है मुझे हुई है !
जीवन की किसी भी परिस्थिति से हार न मानना और डटकर उसका सामना करना इस बात को जीवंत करती हुई अनुपम ध्यानी की आवाज में यह कविता युद्ध।
किसी भी कवि की यह नैतिक जिम्मेदारी होती है कि वह समाज को अपने गीतों के माध्यम से समाज को मानवता का संदेश दे | इसी तरह की भावनाओं से ओतप्रोत है राजीव राज के द्वारा लिखा हुआ यह गीत
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ani