तूफान अपने साथ क्या मंजर लेकर आता है इन पंक्तियों में इसका उल्लेख किया गया है
गोपालदास नीरज की कविता संग्रह फिर फिर दीप जलेगा से ली गयी कविता मिट्टी वाले में कवि ने उन सभी पर कटाक्ष किया है जो मिट्टी का मोल लगाते ह़ै कवि का मानना है कोई भी इसका मोल नहीं लगा सकता। क्या इस मिट्टी का इतिहास इतना सस्ता है कि कुछ मोल चुका कर इसे कोई भी खरीद सकता है ?आज इसी मिट्टी के लिए हम युद्ध की स्थिति तक पहुंच जाते हैं, तो क्या ऐसी मिट्टी का कोई मोल हो सकता है ,वह तो अमूल्य है | कवि अपने स्पष्ट शब्दों में समझाना चाह रहा है कि यह मिट्टी अपना मोल नहीं चाहती बल्कि सिर्फ मिट्टी अपनी कुर्बानी चाहती है| कविता के माध्यम से इसका पूर्ण भाव को समझते हैं, भावना तिवारी की आवाज में…
कश्मीर की सुंदरता जहां एक ओर अपनी तरफ लोगों को आकर्षित कर रही है वहीं उसी कश्मीर में रह रहे लोगों ने कैसे खौफनाक मंजर का सामना किया है उसी व्यथा को भावना ने अपने गीत में बेहद मार्मिक ढंग से उड़ेला है…
कविता के अंश में सिंदूरी शाम की सुंदरता का वर्णन किया गया है
Credit: Josh Talk
https://www.youtube.com/watch?v=x9iDutjaaHs&t=5s
बनवारी जो पत्नी से बेहद प्रेम करता है, अपने हालदार परिवार के के बड़े बेटे होने का फर्ज न निभाते हुए केवल उसकी खुशी के लिए ही सब करता है लेकिन परिस्थिति तब बदल जाती है जब उसे पता चलता है कि उसकी पत्नी किरण की नज़र में उसका कोइ मोल नहीं और वह जी जान से अपने देवर के पुत्र हरिदास की देखभाल करते हुए कब उसकी पत्नी से ज्यादा हालदार परिवार की बड़ी बहू बन गई बनवारी को पता ही नहीं चला।
कहानी की नायिका बेला है, जो कि कंजरो की बस्ती की एक लड़की है | बेला, गोली से प्रेम करती है| कंजरो के सरदार मैकू जबरन बेला का विवाह भूरे से करवा देता है| किंतु यही मैकू ठाकुर के सामने एक हज़ार की बोहनी के लिए एक इंद्रजाल फैलाता है| क्या है मैकू का वह जाल ?क्या हुआ चंदा ,गोली, भूरे और ठाकुर के साथ ?पूरी कहानी जानने के लिए सुनते हैं जयशंकर प्रसाद द्वारा लिखी गई कहानी इंद्रजाल ,निधि मिश्रा की आवाज
Credit: Josh Talk
https://www.youtube.com/watch?v=3xbk66qeh8I&t=14s
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