कहानी बगुलों और कछुओं की है जिसमें बगुले पेड के कोटर में रह रहे नाग से बदला लेना चाहते हैं क्योंकि नाग उनके बच्चों को मारकर खा जाता है और इधर कछुए भी बगुलों से बदला लेना चाहते हैं क्योंकि बगुले, कछुओं को अपना आहार बना लेते हैं |ऐसे में कहानी में ऐसे में क्या होता है ?क्या कछुए बगुलों से अपना बदला ले पाते हैं? ,जानने के लिए सुनते हैं पंचतंत्र की कहानियों में से एक कहानी शत्रु की सलाह ,शिवानी आनंद की आवाज में…
कहानी का नायक ब्रजराज अपनी पत्नी इन्दो की बातों से विचलित रहता है | ब्रजराज के हृदय में एक अलग ही विरक्ति आ जाती है |और ब्रजराज घर छोड़ने का निश्चय कर लेता है |आगे क्या होता है ब्रजराज की जिंदगी में? पूरी कहानी जानने के लिए सुनते हैं जयशंकर प्रसाद के द्वारा लिखी गई कहानी भीख ,शिवानी आनंद की आवाज में
यह कहानी हर उस पत्नी की है जो पढ़ी लिखी और विवेकशील होने के कारण परिस्थितियों से समझौता नहीं कर पाती बल्कि उनसे लड़ती है तबतक जबतक कि वह लड़ सकती हैं…
One day lord Vishnu converted the most beautiful thing on earth, The Lotus into a beautiful lady so that he can talk to her, but the told him that though she has been converted to a lady her soul remains like a gentle flower and she feel scared from
विजयनगर में होली और दिवाली का त्यौहार बड़ी धूमधाम के साथ मनाया जाता था | होली के त्यौहार पर महामूर्ख की उपाधि पाने वाले को पुरस्कार के तौर पर 10000 स्वर्ण मुद्राएं दी जाती थी |तेनाली रामा ने अपनी बुद्धिमत्ता से किस प्रकार यह पुरस्कार जीता ?इस पूरे रोचक किस्से को सुनते हैं तेनाली रामा की कहानियों में से एक कहानी महामूर्ख की उपाधि, शिवानी आनंद की आवाज में….
पांडवों को मृत समझकर दुर्योधन को हस्तिनापुर का युवराज घोषित कर दिया गया, तत्पश्चात पांडवों के जीवित होने का पता चला | युद्ध में के संकट से बचने हेतु कौरवों द्वारा खंडहर स्वरूप खांडव वन उन्हें आधे राज्य के रूप में दे दिया गया| किंतु किस प्रकार पांडवों के द्वारा वैभव से परिपूर्ण इंद्रप्रस्थ राज्य की स्थापना हुई ?यह एक रोचक घटना है| इस प्रसंग को जानने के लिए सुनते हैं महाभारत की कहानियों में से एक कहानी इंद्रप्रस्थ की स्थापना, शिवानी आनंद की आवाज में…
Credit: Josh Talk
हिंदी और अंग्रेजी भाषा के सामान महेत्वा को दर्शाती हुई मेरी ये कहानी ‘चोला उतार दो’ है.
samaj ki buraiyon aur kaise ladkiyaan purush pradhaan samaj mein aaj ke samay mein bhi apni pehchaan dhoondh rahee hain… yeh ek sochne yogya baat hai… cover page: ek ladki, old man, table pe rakhha chai ka cup
जीवन में फैशन, पैसे की प्रति एक-दूसरे से होड़ , पाश्चात्य संस्कृति को हमेशा फॉलो करते रहना जैसी कई बातें बहुत शीघ्रता से हावी हो जाती है |हर सिक्के के 2 पहलू होते हैं कहीं कुछ कम, तो कहीं कुछ ज्यादा| तो उसी तरीके से मीडिया एक इतनी खतरनाक चीज है कि जिसमें आज की तारीख में कोई संस्कृति और सभ्यता कोई समाज के प्रति लगाव जैसी चीज नहीं रह गई हैं | मीडिया नाम की संस्था वही लोग चला रहे हैं जिनके पास सिर्फ दंगा भड़काऊ बातें हैं, इन बातों से समाज में क्या प्रभाव पड़ेगा इस बात से बेफिक्र होकर समाज को किस गर्त में पहुंचा रहे हैं ? जानिए इन बातों को कहानी जो मारे जाएंगे में…
Reviews for: Vyapari Ka Patan Aur Uday (व्यापारी का पतन और उदय)