युधिष्ठिर की लोकप्रियता हस्तिनापुर में बढ़ती जा रही थी और पितामह भीष्म चाहते थे कि उन्हें ही युवराज घोषित किया जाए |किंतु शकुनी जो कि दुर्योधन का मामा था, उसने अपने छल कपट से युधिष्ठिर उसके अन्य भाइयों को मारने की योजना बनाई ताकि उस का भांजा दुर्योधन हस्तिनापुर का युवराज बन सके| इस योजना के तहत उसने जलाने का प्रयत्न किया और लाक्षागृह का निर्माण करवाया| इसके आगे क्या हुआ? क्या शकुनी अपनी इस योजना में सफल हुआ? सुनते हैं महाभारत की कहानियों में से एक कहानी लाक्षागृह का षड्यंत्र, शिवानी आनंद की आवाज में…
वास्तव में जिसका जैसा स्वाभाविक स्वभाव होता है ,वह हर परिस्थिति में वैसा ही रहता है |कहानी एक गीदड़ के बच्चे की है ,जिसे शेरनी के द्वारा पाला जाता है |विष्णु शर्मा द्वारा लिखी गई पंचतंत्र की कहानियों में से एक कहानी गीदड़ -गीदड़ ही रहता है, सुनते हैं शिवानी आनंद की आवाज में…
सुधा अरोड़ा के द्वारा लिखी गई कहानी करवाचौथी औरत में व्यंग का अच्छा -खासा पुट शामिल किया गया है कहानी इस ओर संकेत कर रही है किस प्रकार एक पालतू कुत्तिया के नखरे घर वालों के लिए एक करवाचौथी औरत औरत की अपेक्षा ज्यादा अहमियत रखता है?
कहानी में हरिदत्त नाम का एक ब्राह्मण अपने खेत में सांप के बिल के पास प्रतिदिन पूजा कर दूध रखता है और अगले दिन उसे दूध वाले पात्र में एक स्वर्ण मुद्रा प्राप्त होती है | इसके आगे की कहानी जानने के लिए सुनते हैं पंचतंत्र की कहानियों में से एक कहानी ब्राह्मण और सर्प, शिवानी आनंद की आवाज में…
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