हिंदुस्तान -पाकिस्तान दो झंडो के बीच खड़ा एक व्यक्ति जो लंबी दाढ़ी और फटे हाल में खड़ा हुआ जो मानसिक रूप से अस्वस्थ लग रहा हो
मंटो की लिखी गयी सबसे ज्यादा मशहूर कहानियो में से एक है काली सलवार , ये कहानी एक ऐसे औरत की जो दिल्ली जैसे बड़े शहर में आ जाती है कुछ सपने सजा के , पर समय के साथ जब वो सपने धुंधले पड़ने लगते हैं तब एक शंकर नाम का आदमी उस के घर आता है और शायद दिल में भी, पर वो आदमी इस औरत को कुछ ऐसा देके जाता है जिसे पाकर वो समझ नहीं पाती की वो खुश हो या दुखी
जैसा की हम सब जानते हैं मंटो ने उन औरतो और उन गलियों के बारे में बहुत लिखा है , जिनमे जाने वाले ही उन गलियों और उन औरतो को गालियां देते हैं , तरह तरह की बातें करते हैं , पर क्या कभी किसी ने उन गलियों के मर्द के बारे में सोचा है , जो उन औरतो के लिए ग्राहक लेके आते हैं , कभी सोचा है उनके आत्म सम्मान के बारे में ? एक ऐसे ही आदमी कहानी है ये जो उन रंगीन गलियों में अपना काम करता है , जहां की ज़िंदगी में शायद अँधेरे के सिवा कुछ नहीं है
ये कहानी उस दौर की है जब हिन्दू मुस्लिम एक दूसरे के ख़ून के प्यासे हो गए थे , और ऐसे में भी कुछ प्रेम कहानियां सांसे ले रही थी , प्रेम को बचने के लिए जब धर्म बीच में आ जाये तो इंसान क्या करे ? क्या प्रेम को पाने के लिए धर्म को छोड़ देना सही है ? और प्रेम की परिभाषा क्या सिर्फ शादी से ही पूरी होती है ? ऐसा बहुत कुछ है जो मंटो की इस कहानी में आपको सुनने को मिलेगा , सुनियेगा ज़रूर
यह कहानी हिंदुस्तान- पाकिस्तान बंटवारे के समय की है |एक वृद्ध मुसलमान महिला अपनी बेटी की तलाश कर रही है उसे अपने ऊपर पूरा विश्वास है कि उसकी बेटी अभी जीवित है |यही बात उसे जीने का हौसला दे रही है |किंतु क्या उसका यह विश्वास सत्य है? पूरी कहानी जानने के लिए सुनते हैं सआदत हसन मंटो के द्वारा लिखी गई कहानी खुदा की कसम अनुपम ध्यानी जी की आवाज में…
दंगे में सिराजुद्दीन की पत्नी मर जाती है |मरते समय वह अपनी बेटी सकीना को दंगाइयों से दूर रखने के वास्ते सिराजुद्दीन से उसे लेकर भागने के लिए कहती है| सिराजुद्दीन उसे लेकर गाड़ी में बैठता है लेकिन वहां पर वह बेहोश हो जाता है जब उसे होश आता है तो उसे सकीना नजर नहीं आती| क्या हुआ सकीना का ? क्या सिराजुद्दीन अपनी बेटी सकीना को पुनः को ढूंढ पाएगा? पूरी कहानी जानने के लिए सुनते हैं सआदत हसन मंटो की लिखी कहानी ‘खोल दो ‘, अनुपम ध्यानी की आवाज में
प्रभाकर और रजनी का विवाह हुए दो वर्ष से अधिक हो गया था। किन्तु विवाह-सुख किसे कहते हैं, यह उसे कभी नहीं ज्ञात हुआ। उसे तो अभी तक यही अनुभव होता रहा कि एक सिपाही का जीवन कितना कठोर हो सकता है।ऐसा इनकी जिंदगी में क्यों हो रहा है पूरी कहानी जाने के लिए सुनते हैं भूपेश पांडे जी की आवाज में अज्ञेय की लिखी कहानी 1 घंटे में
अनंत और ज्योति चांदनी रात में ताजमहल की आलौकिक सुंदरता हो निहार रहे हैं इसी से अभिभूत होकर अनंत और ज्योति उसकी सुंदरता में खो जाते हैं इस प्यार के स्मारक में उनके बीच क्या वार्तालाप चल रही है और वह क्या महसूस कर रहे हैं जानते हैं अब यह की लिखी कहानी ताज की छाया में भूपेश पांडे की आवाज में
रात! तारे-तारे, तारे! लूनी के मन में एक विचार उठा, मैं इन्हें देख रही हूँ, वह भी एक बार तो इन्हें देख ही लेगा और पहाड़ों की याद कर लेगा… तारे क्षण-भर झपक लेंगे; जब जागेंगे, तब मैं इन्हें अलपक ही देख रही हूँगी, पर वह-? भाई बहन के निश्छल प्रेम को दर्शाती यह कहानी जिसमें जिसने भाई-बहन अनाथ होते हैं और एक दूसरे के साथ जीवन व्यतीत कर रहे हैं किंतु भाई को मिलता है प्राण दंड मिलता है तो बहन की मनोदशा किस प्रकार हो जाती है भूतकाल में बिताए हर एक क्षण को याद कर रही है
सुभागी तुलसी महतो और लक्ष्मी की बेटी है जब वह मात्र 11 वर्ष की थी तब से वह विधवा है| सुभागी बेहद मेहनती और संस्कारी लड़की है |तुलसी महतो का पुत्र रामू आलसी और कामचोर है | रामू पिता से बटवारा करवा लेता है | सुभागी अपने मां-बाप की जिम्मेदारी लेती है |मां- बाप के मरने के बाद उसके जीवन में क्या बदलाव आता है पूरी कहानी जानने के लिए सुनते हैं प्रेमचंद जी के द्वारा लिखी गई कहानी सुभागी भूपेश पांड्या की आवाज में
देश और काल का फैलाव वहीं सबसे अधिक होता है जहाँ उनका महत्त्व सबसे कम होता है -जब-जब जीवन में तनाव आता है और सारी प्राणशक्ति एक केन्द्र या बिन्दु में संचित होने लगती है, तब-तब देश-काल भी उसी अनुपात में सिमट आते हैं… देवकान्त नाव खे रहा है, उसके सामने, आगे-पीछे कहीं, उस क्षण के सिवा कुछ नहीं है जिसमें वह है और नाव खे रहा और मोहन की बड़ी-बड़ी काली आँखों की ओर जा रहा है – मोहन जो एक हिरन का छौना है जिसे नीलिमा ने उसे दिया था – किन्तु फिर भी उस क्षण में ही कई देश-काल संचित हो आये हैं – वह एक साथ ही कई स्थानों, कई कालों में जी रहा है, कई घटनाओं का घटक है…
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कहानी कुल्लू की खूबसूरत वादियों में घूमने आए एक पुरातत्व विभाग के प्रोफेसर की है |वहां पर सेबों से लदे पेड़ों को देखकर उनका मन प्रफुल्लित हो उठता है और एक लड़के को इसलिए दंडित करते हैं क्योंकि उसने वहां से एक सेब को चुराया है वही प्रोफेसर साहब प्राचीन मंदिर से मूर्ति उठाकर अपने अपने साथ ले आते हैं तब उनके अंतर्मन से क्या अंतर्मन से क्या आवाज आती है? जानने के लिए सुनते हैं अज्ञेय के द्वारा लिखी गई कहानी सेब और देव
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क्या बड़ी उम्र में होने वाली शादी में
सपनों और भावनाओं की जगह नहीं बचती?
क्या विवाह सिर्फ़ ज़िम्मेदारियों,
समझौतों और ज़रूरतों का नाम भर है?
और क्या उम्र बढ़ जाने के साथ
मन का साथ, अपनापन और सम्मान चाहने का अधिकार भी खत्म हो जाता है?
अंजू इन्हीं सवालों के बीच अपनी ज़िंदगी जी रही थी।
उम्र बढ़ रही थी, इसलिए भाई ने अपनी ज़िम्मेदारी निभाते हुए उसकी शादी दो बच्चों के विधुर पिता से कर दी।
आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर होने के बावजूद,
समझौते उसने भी किए…
लेकिन हर समझौते की एक सीमा होती है।
आख़िर ऐसा क्या हुआ
कि अंजू को अपने जीवन का सबसे बड़ा निर्णय लेना पड़ा?
कौन-सी बातें थीं
जिन्होंने उसके स्वाभिमान को भीतर तक झकझोर दिया?
🎧 सुनिए मालती जोशी की संवेदनशील और विचारोत्तेजक कहानी
“बहुरि अकेला” — केवल Gaatha पर।
प्रेम के वास्तविक स्वरूप को समझाती हुई यह कहानी प्रतिमा और सचिन की है |सचिन स्वभाव से सौम्य है किंतु रोमानी प्रवृत्ति का नहीं है प्रतिमा अक्सर इस बात को लेकर अब अवसाद में रहती है किंतु वह कौन सा प्रसंग था जिससे प्रतिमा को प्रेम के वास्तविक स्वरूप का एहसास होता है | जानने के लिए सुनते हैं आशीष कुमार त्रिवेदी जी के द्वारा लिखी गई कहानी चॉकलेट और लाल गुलाब, अमित तिवारी जी की आवाज में
हमारी कई बार ऐसी मनोस्थिति हो जाती है कि हमें अपने घर में ही वह प्रेम और शांति नहीं प्राप्त हो पाती है, जो घर के बाहर प्राप्त हो जाती है |कविता के माध्यम से इसी मनोभाव को प्रकट किया गया है…
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Pooja Srivastava