the writers is involved in extra marital affair and makes her life कहानी की नायिका अपने बॉस शिंदे से प्रेम करने लगती है |शिंदे एक शादीशुदा आदमी है |शिंदे नायिका को लुभावने सपने दिखाता है |क्या नायिका को इस बात का एहसास होता है कि वह एक खिलौना मात्र है जिसे जब तक मन चाहा खेला और फिर ठुकरा दिया नायिका समाज में औरतों को अपने अनुभवों से क्या समझाना चाहती है पूरी बात जानने के लिए सुनते हैं मन्नू भंडारी जी के द्वारा लिखी गई कहानी स्त्री सुबोधिनी आरती श्रीवास्तव जी की आवाज में
बेहद भावुक कर देने वाली मनु भंडारी जी के द्वारा लिखी गई कहानी जिसमें समाज बीमार व्यक्ति की चिंता करता है किंतु उस व्यक्ति का कोई ख्याल नहीं रखता जो उसकी दिन-रात सेवा करता है कहानी में अम्मा जो अपने खाने-पीने और सोने का ध्यान ना रखते हुए अपने अपने कैंसर से पीड़ित बीमार पति की दिन-रात सेवा करती है उनके पति की मृत्यु हो जाती है तब भी क्या किसी का ध्यान अम्मा के ऊपर जाता है जानते हैं आरती श्रीवास्तव की आवाज में कहानी मुक्ति
सयानी बुआ का नाम वास्तव में ही सयानी था या उनके सयानेपन को देखकर लोग उन्हें सयानी कहने लगे थे, । बचपन में ही वे समय की जितनी पाबंद थीं, अपना सामान संभालकर रखने में जितनी पटु थीं, और व्यवस्था की जितना कायल थीं, उसे देखकर चकित हो जाना पडता था| कहानी में सयानी बुआ के चरित्र को और अच्छे से समझने के लिए मनु भंडारी जी के द्वारा लिखी गई कहानी सयानी बुआ सुनते हैं माधवी शंकर जी की आवाज में
शकुन डॉक्टर के पास जाने की जिद कर रही है, तो क्या मुझ में कुछ कमी है जो शकुन माँ नहीं बन पा रही है? दोनों के बीच दूरी बढ़ती जा रही है। शकुन बुझी -बुझी सी रहने लगी है । सतीश देख रहा था कि शकुन आलोक के आने से बहुत खुश है ।तो क्या उन दोनों के बीच ? नहीं – नहीं ,यह मेरे दिमाग का फितूर है। शकुन मेरी है, सिर्फ मेरी ।जैसे शादी के पहले 2 साल तक थी।
गर्मियों का मौसम है टी हाउस में काफी भी है गे-लॉर्ड भी भरा हुआ है वहां बैठे युवक-युवतियों और अन्य सभी लोगों के बीच अलग-अलग तरह की बातचीत हो रही है क्या है टी- हाउस का माहौल ?किस प्रकार की बातचीत वहां चल रही है ?इसका पूरा आनंद लेने के लिए मन्नू भंडारी की कहानी एक प्लेट सैलाब सुनते हैं आरती श्रीवास्तव जी की आवाज में
सयानी बुआ का नाम वास्तव में ही सयानी था या उनके सयानेपन को देखकर लोग उन्हें सयानी कहने लगे थे, । बचपन में ही वे समय की जितनी पाबंद थीं, अपना सामान संभालकर रखने में जितनी पटु थीं, और व्यवस्था की जितना कायल थीं, उसे देखकर चकित हो जाना पडता था| कहानी में सयानी बुआ के चरित्र को और अच्छे से समझने के लिए मनु भंडारी जी के द्वारा लिखी गई कहानी सयानी बुआ सुनते हैं माधवी शंकर जी की आवाज में
गौतम के एक गलत फैसले ने पूरे घर को बिखेर कर रख दिया । जीवन में कुछ फसले बहुत सोच-समझ कर लेने चाहिए। उसके फैसले ने न सिर्फ उसके जीवन को नरक बनाया बल्कि उसके परिवार को भी भुगतना पड़ा। अ|खिर क्या था वो फैसला ?
सौंदर्य की देवी और प्रसिद्ध रंजना को पहली बार किसी ने अनदेखा किया था। वह बर्दाश्त नहीं कर पाई ,लेकिन इसी अदा ने उसे दिलीप की ओर आकर्षित किया । वह एक- दूसरे को बेपनाह चाहने लगे और सुनहरे भविष्य के सपने संजोने लगे । दिलीप काम के सिलसिले में 15 दिन के लिए देहरादून गया और फिर उसका कोई खत ना आया। रंजना परेशान होकर उसके घर गई तो उसके ड्रावर में रेखा नाम की लड़की के प्रेम पत्र हाथ लगे। वह सन्न रह गई। फिर एक पत्र मिला जो दिलीप के पिताजी का था। जिसमें उन्होंने दिलीप की पत्नी और एक बच्ची का जिक्र किया था। यह खत देखकर रंजना को गहरा धक्का लगा। और वह फूट-फूट कर रोने लगी।
लड़की शादी के बाद ससुराल जाते समय अपने साथ बहुत कुछ ले जाती है। उसके रंगीन सपने, उसकी उम्मीदें, उसके अरमान और उसकी इच्छाएँ। लेकिन सभी के सभी सपने, उम्मीदें, अरमान पूरे नहीं होते। कभी-कभी साथ जीना भी दुष्कर हो जाता है। तब आपसी समझौते से अलग होना ही बेहतर होता है। लेकिन क्या अलग होकर भी सब कुछ अलग हो जाता है ? शायद नही।
कभी-कभी हमारा अतीत हमारे वर्तमान में दखलअंदाजी करने लगता है। हम अतीत और वर्तमान के बीच उलझ कर रह जाते हैं। ऐसे में अगर हमें कोई सही रास्ता दिखाए तो हमारा अतीत हमारे वर्तमान पर प्रभाव नहीं डाल पाता । हम अपने वर्तमान में लौट आते हैं। वर्तमान में जीने लगते हैं।
“मिथाली राज: महिला क्रिकेट का आइकॉन! उनकी उपलब्धियों ने न केवल खेल को नया आयाम दिया है, बल्कि युवाओं को भी प्रेरित किया है। उनके संघर्ष और सफलता की कहानी को जानने के लिए Gaatha ऐप डाउनलोड करें और Navratri स्पेशल ‘उड़ान हौसलों की’ में जाकर बस क्लिक कर सुनिए Arti Srivastava की खूबसूरत आवाज़ में!””
“हालात और वक़्त के साथ सबको बदलना पड़ता है। इंसान के बदलाव के बारे में दर्शाती यह कविता जरूर सुनें।
जीवन की सत्यता से परिचित कराती हुई यह कहानी जिसमें शारीरिक सौंदर्य ,मानसिक और व्यवहारिक सुंदरता पर हमेशा होता है| ऐसी कहानी है मानसी की है| जिसकी दोस्ती इंटरनेट पर अनुपम से होती है अनुपम बिना देखे मानसी के पत्र व्यवहार से बहुत प्रभावित होता है और उसे अपनी जीवनसंगिनी बनाना चाहता है किंतु जब वास्तव में मानसी को देखता है तो क्या अपने इसी विचार पर कायम रह पाता है| पूरी कहानी जानने के लिए सुनते हैं शब्दों के प्रवाह अंजू जी की आवाज
तुम मुझे कभी भुला न पाओगे – Arvind saxena – Priya bhatia
हमरी किस्मत में तो सिर्फ यादें हैं तुम्हारी, जिसके नसीब में तू है उसे ज़िन्दगी मुबारक।
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बुराई और अपराध के दलदल में एक बार इंसान धसता है ,तो फिर लाख कोशिशों के बावजूद वह निकल नहीं पाता | सत्ता की चकाचौंध में इंसान अपना जमीर अपना सब कुछ गवा देता है | ऐसी कहानी है एक युवा लड़के अभिनव सिंह की क्या होता है उसके साथ ?जानते हैं कहानी “गिरता सूरज “ में ….
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Reviews for: Stri subodhini (स्त्री सुबोधिनी)
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Omkar Gupta
Keerthi Saxena
Pankaj Ramesh
urmila rajpoot
Anju Sharma
Yash Saxena
Hema Chauhan