शिकागो शहर में ग़रीब एंटोनी चौकीदारी का काम करता है रात के करीब 11:30 बजे एक कार से 3आदमी कार से उतरते हुए देखता है |उनमें से दो आदमी तीसरे आदमी का मर्डर कर देते हैं | एंटोनी यह सब देख लेता है और अंत में अपने एक डिटेक्टिव दोस्त एंथनी को सब बताता है | रोमांच और सस्पेंस से भरी कहानी शिकागो की एक रात में जा जान सकेंगे इसके पीछे की इस उलझी पहेली को
एक ऑटो रिक्शा ड्राइवर का बेटा अंसार मात्र 21 वर्ष की आयु में भारत का सबसे युवा आईएएस ऑफिसर कैसे बना? इस अविश्वसनीय सी लगने वाली कहानी को सुनिए अमित तिवारी की आवाज़ में…
मैं तो समझ रहा था कि तुम इस बँगले में‚ इस घटना के बाद रहना नहीं चाहोगी‚ लेकिन आज मैंने समझा कि तुम्हारा विश्वास तो हिमालय से भी ऊँचा है। तुम्हारे विश्वास को कोई तुफान नहीं डगमगा सकता। आज तुमने मेरे विश्वास को टूटने से बचा लिया।”—डिप्टी साहब ने पत्नी की आँखों के आँसू पोंछते हुए भरे कण्ठ से कहा। डिप्टी साहब जी के आज गृह प्रवेश है | तभी खबर आती है कि उनका भतीजा राजुल अब इस दुनिया में नहीं रहा |पूरा माहौल शोक सभा में बदल जाता है ,वहां आए सभी आगंतुक की बातों से डिप्टी साहब का मन शुभ -अशुभ के फेर में पड़ने लग जाता है | कहानी में आगे क्या होता है? जानने के लिए सुनते हैं डॉक्टर जगदीश व्योम जी के द्वारा लिखी गई कहानी शंका का अंकुर, अमित तिवारी जी की आवाज में
बुजुर्ग सभ्य और सभ्रांत भाषा मे गालियाँ देते हैं-बल्ड़ी , रास्कल और कुछ इसी तरह की।बच्चे समझते नहीं । न उनकी गालियों को और न उनकी ऊँची हैसियत को । एक बड़ा बच्चा उलझनें लगता है तो -तो जोसेफ बीच बचाव करने उठ जाता । तुम थोड़े आदर से नहीं बात कर सकते ?देखते नहीं बुजुर्ग आदमी है ….. आदर से….ऊ का होता है सर । जोसेफ एक यात्री है, जो प्लेटफार्म नंबर10मे अपनी गाड़ी का इंतजार कर रहा है ।प्लेटफार्म मे12 से17 साल के 7-8बच्चों का झुंड देखता है ।जो गन्दे कपड़े पहने हुए हैं लेकिन उन बच्चों की क्रियाकलाप उसे कुछ परेशान करती हैं । पूरी कहानी जानने के लिए सुनते हैं तुषारकान्त उपाध्याय जी के द्वारा लिखी कहानी प्लेटफार्म नंबर10….अमित तिवारी जी कि आवाज़ में….।
जेरिन नाम के एक अनजान लड़के का अचानक स्कूल के अध्यापक के पास मदद मांगने के लिए फोन आता है ,कि वह सीडी चुराने के आरोप में सिक्योरिटी वालों की गिरफ्त में है |अध्यापक उसकी मदद के लिए वहां पहुंचता है ,किंतु जब उसे सच्चाई का पता लगता है तो वह बहुत हताश होता है |क्या थी उसकी सच्चाई और अध्यापक क्यों हताश हुआ ??पूरी कहानी जाने के लिए अमित तिवारी जी की आवाज में सुनते हैं कृष्ण बिहारी जी द्वारा लिखी गई कहानी जब तवक्को ही उठ गई गालिब……
एक पुरुष का स्त्री के बिना कोई अस्तित्व नहीं होता है ,कैलाश की परवरिश ऐसे माहौल में हुई है जहां पर स्त्रियों की उपेक्षा की जाती है कैलाश के जीवन में जब मांडवी का प्रवेश होता है तो उसकी इस सोच में बदलाव आता है सुनते हैं कृष्णकांत के द्वारा लिखी गई कहानी पुनर्जन्म ,अमित तिवारी जी की आवाज में
गंगू एक ब्राह्मण युवक है |वह अपने मालिक के यहां काम करता है |गंगू जब एक विधवा स्त्री से विवाह करने का निर्णय लेता है तो मैं अपने मालिक के यहां से काम छोड़ देता है |उसका मालिक गंगू के इस निर्णय से अप्रसन्न है |क्या वास्तव में गंगू का यह निर्णय उचित है ? पूरी कहानी जाने के लिए सुनते हैं प्रेमचंद द्वारा लिखी गई कहानी बालक सुमन वैद्य जी की आवाज में
It was a path-breaking short story in form of a letter (the letter itself constitutes the whole story) which a typical Bengali upper middle-class wife “Mrinal” writes to her husband. She’s a poet, a thinker and over all a woman who dared to question, expressing bold and fervent statements with realizations coming from within the course of 15 years of her married life through letter to her husband.
बाल सोषड़ कभी भी न ख़त्म होने वाली हमारे समाज की एक बड़ी समस्या है। इस समस्या का दुखद पहलु ये है की सिर्फ छोटे बच्चो से काम करवाने वाला केवल मालिक ही गुन्हेगार नहीं है बल्कि उनके माता-पिता भी इन बच्चो को पैसा कमाने वाली मशीन समझे हुए है। ऐसे ही कुछ सवाल उठाये गए हैं मेरी इस कहानी ‘ एटीएम मशीन के द्वारा ‘
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bipinagrawal
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