एक भावपूर्ण खत एक पुत्र का अपने पिता के लिए इंसान कितना भी बड़ा क्यों ना हो जाए जो इसने हैं जो स्नेह उसे अपने माता-पिता से प्राप्त होता है दुनिया में किसी और से प्राप्त नहीं हो सकता इसी अहसास को प्रेरित करता हुआ यह पत्र जानने के लिए सुनते हैं आकांक्षा पारे द्वारा लिखी गई कहानी डियर पापा अमित तिवारी जी की आवाज में
कंप्यूटर जिसने अपने होने से पूरी दुनिया को बदल सा`दिया है | कैसे यह अविष्कार एक मनुष्य को क्रूरता की चरम सीमा तक पहुंचा सकता है |व्यक्ति के जीवन में काम का एडिक्शन उसे अपनों से दूर कर सकता है |ऐसा ही कुछ कहानी के नायक सुदीप मलिक के जीवन में चल रहा है और आज उसने क्रूरता की हद पार कर दी है और वह कटघरे में खड़ा है| सुनते हैं आकांक्षा पारे के द्वारा लिखी गई दिल को झकझोर देने वाली कहानी “शिफ्ट+कंट्रोल+ऑल्ट=डिलीट” विनीता श्रीवास्तव की आवाज में….
सखी साजन एक ऐसी कहानी है जिसमे एक माँ के मनोभावों और के कोमल हृदया लड़की के मन की कोमल अभिव्यक्तियों को बड़े मार्मिक और मन को छू लेने वाले अंदाज़ में दर्शाया गया है। आज समाज कई तरह के बदलावों के अनुभव कर रहा है उन बदलावों में बह जाने कितना आसान है, पर उनको अपने खुद के जीवन में स्वीकार करना आज भी बहुत लोगों के लॉयड संभव नही है। बड़ी खूबसूरती से आकांक्षा जी ने उस उथल पुथल को अपनी लेखनी में कैद किया है सखी साजन के माध्यम से
लखि बाबुल मोरे एक बेहद ही दिल को छू लेने वाली कहानी है. कैसे एक लड़की अपने दादी दादा के साथ रह कर अपना और अपने पिता के परिचय को ढूंढने की कोशिश करती है? अपने दादा दादी के मनोभावों को किस प्रकार समझने की कोशिश करते हुए उसमे दुनियादारी और समझदारी आती है? उसका चित्रण इस कहानी में बखूबी किया है
मिताली और प्रियंका अपने कैंपस के दिनों में एक ही लड़के परितोष से प्रेम करती हैं किंतु परितोष दोनों के ही प्रेम को अस्वीकार कर देता है आज 40 के उम्र के पड़ाव पर भी अपने कैंपस लव को भूल नहीं पा रही है पूरी कहानी को जानने के लिए सुनते हैं आकांक्षा पारे की लिखी कहानी कैंपस लव अमित तिवारी जी की आवाज में
आज भी समाज में लड़के और लड़की की परवरिश में अंतर रखा जाता है| ऐसा ही एक परिवार है , भागवत परिवार |परिवार में उनकी बेटी मीनाक्षी और बेटा मंदार की परवरिश में अंतर रखा जाता है |बेटी मीनाक्षी इस बात से आहत होकर अपने परिवार को सबक देने के लिए क्या कदम उठाती है??, जानने के लिए सुनते हैं कहानी अमित तिवारी जी की आवाज में अशोक कुमार द्वारा लिखी गई कहानी who cares
कहानी में एक पंडित -पंडिताइन एक मुस्लिम बस्ती में किराए के घर के लिए आते हैं |जब मुसलमान मकान मालिक उनसे हिंदू होने पर भी मुस्लिम घर में रहने की बात को पूछता है तो पंडित जी अपनी पोती के संदर्भ में कहते हैं कि उसका कॉलेज इस बस्ती से पास है और उसे दमा है| किंतु क्या है पूरी सच्चाई ?पूरी कहानी जानने के लिए सुनते हैं जुनैद की लिखी कहानी भगवा फरिश्ते ,अमित तिवारी की आवाज में
ये केस सिर्फ जीत -हार का नही बल्कि उस सिस्टम को संतुलित और पवित्र करने का एक माध्यम एक आधार बनेगा जो बिक ही नही गया बल्कि सत्ता और पावर की दलाली का मुख्य केंद्र मुख्य शक्ति बन गया है” … कहानी में एक 30 साल की युवती शादीशुदा गरीब युवती सायरा बी जिसके साथ कुछ दरिंदों ने बलात्कार किया है | पैसे के अभाव के कारण कोई भी वकील उसका साथ नहीं दे रहा था | ऐसे में एक व्यक्ति न्याय दिलाने के लिए सामने आता है |कौन है वह व्यक्ति?? और क्या कारण था उसके पीछे?? और वह क्या न्याय दिला पाएगा?? जाने के लिए सुनते हैं कहानी ONE MEN JUSTICE
यह कहानी काबुलीवाला और 5 साल की छोटी बच्ची मिनी के बीच के अनोखे रिश्ते की कहानी है काबुलीवाला मिनी को प्रतिदिन बादाम और किशमिश दिया करता और ढेर सारी बातें करता किंतु एक प्रसंग के तहत काबुली वाले को जेल हो जाती है और जब वह वापस आता है तो उस समय मिनी बड़ी हो चुकी होती है क्या था उनके बीच का अनोखा रिश्ता जाने के लिए सुनते हैं रविंद्र नाथ टैगोर की लिखी कहानी काबुलीवाला अमित तिवारी जी की आवाज में
बद्री प्रसाद अपनी सरकारी नौकरी के कारण मुंबई में रहते हैं जबकि उनकी पत्नी उमा अपने दोनों बच्चों के साथ एक अलग शहर में है उमा एक अध्यापिका है बद्री प्रसाद चाहते हैं अपनी नौकरी छोड़कर उनके साथ मुंबई में रहे किंतु उमा अपनी नौकरी छोड़ना नहीं चाहती है बद्री प्रसाद इन परिस्थितियों में क्या निर्णय लेते हैं जाने के लिए सुनते हैं कहानी फैसले
बचपन कितना मासूम होता है | कहानी 6- 7 साल की छोटी बच्ची की है जिसका खुद का दिया हुआ नाम है रानी मुखर्जी |बच्ची को एक परिवार गोद लेने के लिए आता है किंतु बच्ची इस बात से पूरी तरीके से अनभिज्ञ है | क्या होता है आगे कहानी में जाने के लिए सुनते हैं संध्या त्रिपाठी जी के द्वारा लिखी गई कहानी रानी मुखर्जी की गुड़िया,पूजा श्रीवास्तव की आवाज में आवाज में
पूस की अँधेरी रात में आकाश पर तारे भी ठिठुरते हुए मालूम हो रहे हैं । ऐसी ठंडी रात में हल्कू अपने खेत के किनारे ऊख के पतों की एक छतरी के नीचे बॉस के खटाले पर अपनी पुरानी गाढ़े की चादर ओढ़े पड़ा है |कड़कड़ाती ठंडी रात में हल्कू और उसका वफादार कुत्ता जबरा किस प्रकार ठंड से बचने के लिए जद्दोजहद करते रहे और उनके खेतों का क्या हुआ ? पूरी कहानी जानने के लिए सुनते हैं प्रेमचंद द्वारा लिखी गई कहानी पूस की रात ,अमित तिवारी की आवाज में …
रोजी मेरे पिताजी के राजकुमार विद्यार्थी द्वारा दी गई एक कुत्ती थी। एक रोज जब हम आम की डाल पर झूल – झूल कर अपने संग्रहालय का निरीक्षण कर रहे थे, तब हमने देखा कि रोजी़ मुँह में किसी जीव को दबाए हुए ऊपर आ रही है। आकार में वह गिलहरी से बढ़ा न था पर आकृति में स्पष्ट अंतर था। रामा उसे रुई की बत्ती से दूध पिलाता। कुछ ही दिनों में वह स्वस्थ और पुष्ट होकर हमारा साथी हो गया। बाबू जी से यह सुनकर कि हमारे लिए टट्टू आया है , हम उससे रुष्ट और अप्रसन्न ही घूमते रहे पर अंत में उसने हमारी मित्रता प्राप्त कर ही ली। नाम रखा गया रानी। फिर हमारी घुड़सवारी का कार्यक्रम आरंभ हुआ। एक छुट्टी के दिन दोपहर में सबके सो जाने पर हम रानी को खोलकर बाहर ले आए। मेरे बैठ जाने पर भाई ने अपने हाथ की पतली संटी उसके पैरों में मार दी। इससे ना जाने उसका स्वाभिमान आहत हो गया या कोई दुखद स्म्रति उभर आयी । वह ऐसे वेग से भागी मानो सड़क पर नदी- नाले सब उसे पकड़कर बाँध रखने का संकल्प किए हो। कुछ दूर मैंने अपने आप को उस उड़न खटोले पर सँभाला परंतु गिरना तो निश्चित था !
मि. कानूनी कुमार, एम.एल.ए. अपने आँफिस में समाचारपत्रों, पत्रिकाओं और रिपोर्टों का एक ढेर लिए बैठे हैं। देश की चिन्ताओं से उनकी देह स्थूल हो गयी है; सदैव देशोद्वार की फिक्र में पड़े रहते हैं जिन कानूनी कुमार जी का देश की समस्याओं से मन हमेशा परेशान रहता है आखिर उनके घर की कानून व्यवस्था के का क्या हाल है जानने के लिए सुनते हैं हैं प्रेमचंद्र जी के द्वारा लिखी गई कहानी मिस्टर कानूनी कुमार ,सुमन वैद्य जी की आवाज में
जीवन की सत्यता से परिचित कराती हुई यह कहानी जिसमें शारीरिक सौंदर्य ,मानसिक और व्यवहारिक सुंदरता पर हमेशा होता है| ऐसी कहानी है मानसी की है| जिसकी दोस्ती इंटरनेट पर अनुपम से होती है अनुपम बिना देखे मानसी के पत्र व्यवहार से बहुत प्रभावित होता है और उसे अपनी जीवनसंगिनी बनाना चाहता है किंतु जब वास्तव में मानसी को देखता है तो क्या अपने इसी विचार पर कायम रह पाता है| पूरी कहानी जानने के लिए सुनते हैं शब्दों के प्रवाह अंजू जी की आवाज
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